अभिषेक-चांदनी ने कहा-‘कामना’ टिपिकल सास-बहू वाले शोज से अलग है, जिनके दर्शक इसके आदी हो गए हैं

0
66
.

सोनी पर 15 नवंबर से शुरू हो रहे शो ‘कामना…’ में एक्ट्रेस चांदनी शर्मा और अभिषेक रावत लीड रोल में हैं। यह एक मध्यम वर्गीय दंपति और उनके सिद्धांतों के टकराव की कहानी है। शो को लेकर दोनों एक्टर्स से हुई खास बातचीत…

शो के प्रोमोज से अब तक आप लोगों को कैसे रिएक्शन मिले हैं?
चांदनी: शो के प्रोमोज देखने के बाद हमें कई अच्छे रिएक्शन मिले हैं। हम प्रोमोज के जरिए जो मैसेज कन्वे करना चाहते थे उसमें काफी हद तक सफल रहे है। मुझे ‘कामना’ शो मिला तो मैं बहुत उत्साहित थी, क्योंकि दूसरे डेली सोप्स की तरह यह कोई सास-बहू ड्रामा नहीं है। इसमें न तो कोई खलनायिका है और ना कोई पीड़िता।
अभिषेक: यह एक आम आदमी की कहानी है।

इसलिए मुझे यकीन है कि यह टेलीविजन जगत में अपना प्रभाव छोड़ेगा, क्योंकि यह उन शोज़ से बिल्कुल अलग है, जिन्हें हम देखते हैं या जिन्हें देखने के हम आदी हो गए हैं। मुझे लगता है कि बहुत से कॉमन लोग इस शो से जुड़ जाएंगे।

आपके कैरेक्टर्स के नाम क्या हैं और इनकी खासियत क्या है?
चांदनी: मेरे कैरेक्टर का नाम आकांक्षा है। मैं इसमें एक ऐसी लड़की के रोल में हूं जो है तो मिडिल क्लास से लेकिन उसके ख्यालात ऊंचे हैं। आकांक्षा अपने नाम की तरह बड़े सपने और बड़ी हसरतें रखती है। वो अपनी मध्यमवर्गीय जिंदगी से आगे निकलकर ऐशो-आराम से जीना चाहती है। मुझे लगता है कि मैं इससे बेहतर किरदार की ख्वाहिश नहीं कर सकती थी।

अभिषेक: मेरे किरदार का नाम इस शो में मानव है। इसकी कहानी और इसके किरदार बड़े सच्चे हैं। यह एक आम आदमी की कहानी है और इसी वजह से मैं इस शो के प्रति आकर्षित हुआ। इस शो की खूबसूरती इसके किरदारों में है, जो अलग-अलग सोच रखते हैं। मानव का किरदार निभाना बेहद खुशनुमा एहसास है।

एक-दूसरे के साथ स्क्रीन शेयरिंग को लेकर कुछ बताएंगे?
चांदनी: अभिषेक रावत के साथ काम करना कमाल का अनुभव है। काम के अनुभव के मामले में वो मुझसे सीनियर हैं। यह मेरा दूसरा शो है इसलिए टेलीविजन इंडस्ट्री में मैं अब भी नई हूं। लेकिन उनके साथ काम करके बहुत अच्छा लगा क्योंकि उनसे सीखने के लिए बहुत कुछ है। वे मुझे बताते हैं कि ये डायलॉग इस तरह ले ले, यह अच्छा लगेगा और अपना ट्रांजिशन ठीक करो। मैं इसे सकारात्मक रूप से लेती हूं। मुझे उनसे बेहतर को-एक्टर नहीं मिल सकता था।
अभिषेक : चांदनी के साथ इस शो में मेरी अच्छी बॉन्डिंग हो गई है। उनके साथ काम करके अच्छा लग रहा है। उम्मीद है कि हमारी जोड़ी लोगों को पसंद आएगी। चांदनी काफी एनर्जेटिक लड़की है। वह हमेशा कुछ नया सीखने को तैयार रहती है।

टीवी शोज तक ही सीमित रहेंगे या किसी वेब शो में भी नजर आएंगे?
चांदनी: मैं फिलहाल तो यही चाहती हूं कि हमारे इस शो को ज्यादा से ज्यादा पसंद किया जाए। बाकी ओटीटी के लिए पूरी तरह ओपन हूं। चाहती हूं कि कोई रोल मुझे ऑफर हो। इस शो के बाद यकीनन मैं कोई वेब शो करना चाहूंगी। मुझे खुद को एक्सप्लोर करने का शौक है। ऐसा कुछ जरूर करना चाहूंगी जिससे मेरी एक्टिंग में सुधार आए।

अभिषेक: ओटीटी मुझे बहुत अच्छा मीडियम लगा। मेरा मानना है कि जब कोई बड़ा कंटेंडर आपके सामने आता है और वह अच्छा कंटेंट लेकर आ रहा है तो बाकी प्लेफॉर्म्स, टीवी और फिल्मों के मेकर्स को भी चुनौती मिलती है कि हां भाई अब मुझे भी कुछ बेहतर से बेहतर बनाना है।

हालांकि मेरे पास अभी कोई ऑफर नहीं है पर मैंने सोनी लिव के लिए पहले ‘मैरिड वुमन डायरीज’ नाम का एक शो किया है। इसके दोनों सीजन में मैंने काम किया। अब आगे कोई ऑफर आएगा तो जरूर इस प्लेटफॉर्म के लिए काम करना चाहूंगा।

करियर में कोई ड्रीम रोल है क्या या फिल्मों में काम करने का क्या विचार है?
चांदनी- मेरा वैसे तो बॉलीवुड के लेकर यह ड्रीम है कि संजय लीला भंसाली की किसी फिल्म में काम करने का मौका मिले। मैं शाहरुख खान के साथ भी काम करना चाहूंगी। मेरा मानना है कि 90 के दशक में पैदा होने वाले हर किड्स को कभी न कभी ये ख्वाहिश तो होती ही है कि वह शाहरुख, सलमान के साथ बड़े होकर काम करें। यदि वह एक्टिंग की लाइफ में आया है तो।

अभिषेक: फिलहाल तो नहीं हैं। आई विश कि मैं इस शो के अलावा भी कुछ और कर पाता। लेकिन हम महीने के 30 दिन इसी शो की शूटिंग में बिजी होते हैं। यहां से फुर्सत ही नहीं मिलती। बाकी अभी कोई फिल्म का ऑफर भी नहीं है मेरे पास। जब कुछ आएगा तो देखा जाएगा। अभी तो इसी शो पर फुल फोकस है। इसके पूरा होने के बाद किसी दूसरे प्रोजेक्ट के बारे में सोचूंगा।

रियल लाइफ में आप कितनी एम्बिशियस हैं?
चांदनी: शो में अपने कैरेक्टर की तरह ही रियल लाइफ में भी मैं काफी एम्बिशियस हूं। अगर ऐसी नहीं होती को हिमाचल से इतनी दूर मुंबई में आकर स्ट्रगल न करती। आज मैं मुंबई में अपने सपनों को पूरा करने में बिजी हूं। इसलिए यह कह सकती हूं कि आकांक्षा और चांदनी में बहुत समानताएं हैं।

 

‘अगले जनम मोहे…’ से अब तक के अपने कॅरिअर ग्रोथ को कैसे देखते हैं?
अभिषेक: मैं एक्टिंग से पहले कारपोरेट इंडस्ट्री का हिस्सा था। मैंने एमबीए किया था। उन दिनों मैं सोचा करता था कि मुझे वो करना चाहिए जो मुझे अच्छा लगता है। चूंकि मैं थिएटर भी करता था इसलिए मैंने तय किया कि ये नौकरी में फंस कर नहीं रहना है। फिर मैंने एक्टिंग की ओर रुख किया। जब इसमें कामयाबी मिली तो अच्छा लगा। अंदर से आवाज आई कि एक्टिंग में आने का डिसीजन सही था।

Source link

.