पंचायतीराज एवं ग्राम्य विकास विभाग द्वारा कोरोना कालखण्ड में ऐसे कदम उठाए गए, जो देश व दुनिया के लिए मिसाल बने: मुख्यमंत्री

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सरकारी दावे

  • ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से 52 लाख महिलाओं को आर्थिक स्वावलम्बन से जोड़ा गया
  • 58 हजार ग्राम पंचायतों में बैंकिंग कॉरेस्पॉण्डेंट सखी की व्यवस्था लागू कर ग्रामीण क्षेत्र में बैंकिंग सेवा सुलभ कराने के साथ ही, महिला सशक्तीकरण कीप्रदेश सरकार की मंशा को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया गया
  • ग्रामीण स्तर पर ग्राम सचिवालय बनाकर समाज के अंतिम पायदान के व्यक्ति को शासन की योजनाओं से लाभान्वित कराने की सराहनीय पहल की गयी
  • मनरेगा कर्मियों ने अपने परिश्रम और पुरुषार्थ से ग्रामीण विकास को नयी ऊंचाइयों की ओर अग्रसर करने में योगदान किया
  • मनरेगा के अन्तर्गत वर्ष 2020-21 में 12,622 करोड़ रु0 व्यय कर, 01 करोड़ 16 लाख मजदूरों को रोजगार देकर 39.46 करोड़ मानव दिवस सृजित किए गए, मनरेगा के तहत एक वर्ष में मानव दिवस सृजन में प्रदेश, देश में प्रथम स्थान पर
  • वित्तीय वर्ष 2020-21 में कुल 39.46 करोड़ मानव दिवस सृजित किए गए, जो कि योजना के प्रारम्भ होने से लेकर अब तक की सर्वाधिक संख्या
  • मनरेगा के तहत पिछले 4 वर्षाे में कुल 303 लाख श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया, वर्ष 2020-21 में सर्वाधिक 116.57 लाख श्रमिकों को रोजगार
  • 26 जून, 2020 को एक दिन में 62.25 लाख श्रमिकों को रोजगार दिया गया, जो इतिहास में एक दिन में नियोजित श्रमिकों की सर्वाधिक संख्या
  • वर्ष 2020-21 में 7,79,709 परिवारों को 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जो योजना के आरम्भ से अब तक सर्वाधिक मनरेगा के तहत विगत 04 वर्षाें में कुल 5,03,619 व्यक्तिगत लाभार्थीपरक परिसम्पत्तियों का सृजन किया गया
  • मनरेगा के माध्यम से वर्ष 2020-21 में 8.80 करोड़, वर्ष 2021-22 में 10.56 करोड़ पौधों का रोपण किया गया, वर्ष 2022-23 में 12.32करोड़ पौधों का रोपण किया जाएगा
  • मनरेगा के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2018-19 में 06, वित्तीय वर्ष 2019-20 में 19 तथा वित्तीय वर्ष 2020-21 में 25 विलुप्तप्राय नदियों का पुनरुद्धार

लखनऊ:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य के पंचायतीराज एवं ग्राम्य विकास विभाग द्वारा कोरोना कालखण्ड में ऐसे अनेक कदम उठाए गए, जो देश व दुनिया के लिए मिसाल बने हैं। इन कार्यों से ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों का जीवन एवं जीविका बचाने में काफी सहायता मिली।

कोरोना काल में प्रदेश में वापस आने वाले कामगारों एवं श्रमिकों को मनरेगा में समायोजित करते हुए रोजगार उपलब्ध कराया गया। ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से 52 लाख महिलाओं को आर्थिक स्वावलम्बन से जोड़ा गया। 58 हजार ग्राम पंचायतों में बैंकिंग कॉरेस्पॉण्डेंट सखी की व्यवस्था लागू कर ग्रामीण क्षेत्र में बैंकिंग सेवा सुलभ कराने के साथ ही, महिला सशक्तीकरण की प्रदेश सरकार की मंशा को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया गया।

ग्रामीण स्तर पर ग्राम सचिवालय बनाकर समाज के अंतिम पायदान के व्यक्ति को शासन की योजनाओं से लाभान्वित कराने की सराहनीय पहल की गयी है। मुख्यमंत्री आज यहां महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। इससे पूर्व, उन्होंने मनरेगा योजना पर केन्द्रित एक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

उन्होंने कहा कि मनरेगा कर्मियों ने अपने परिश्रम और पुरुषार्थ से ग्रामीण विकास को नयी ऊंचाइयों की ओर अग्रसर करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने मनरेगा कर्मियों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा करते हुए कहा कि इसी प्रकार कर्मियों द्वारा मेहनत से कार्य करने पर शासन स्वतः लाभान्वित करने पर विचार करता है। मनरेगा कर्मी मन लगाकर कार्य करते रहेंगे तो उनके मानदेय में वृद्धि होती रहेगी।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में ग्राम रोजगार सेवकों की संख्या 35,246 है। वर्तमान में इन्हें 6,780 रुपए मानदेय प्राप्त हो रहा है। इसे बढ़ाकर 10,000 रुपए करने का निर्णय लिया गया है। तकनीकी सहायकों की संख्या 4,122 है। वर्तमान में इनका मानदेय 12,656 रुपये है, जिसे बढ़ाकर 15,656 रुपये किया जा रहा है।

574 कम्प्यूटर ऑपरेटरों का मानदेय 12,656 रुपये से बढ़ाकर 15,156 रुपये, 567 अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों का मानदेय 31,640 रुपये से बढ़ाकर 34,140 रुपये, 441 लेखा सहायकों का मानदेय 12,656 रुपये से बढ़ाकर 15,156 रुपये, 02 ऑपरेशन सहायकों का मानदेय 15,820 रुपये से बढ़ाकर 18,320 रुपये, 13 हेल्पलाइन एक्जीक्यूटिव्स का मानदेय 15,820 रुपये से बढ़ाकर 18,320, 07 चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का मानदेय 7,910 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये, 564 ब्लॉक सोशल ऑडिट को-ऑर्डिनेटर्स का मानदेय 11,600 रुपये से बढ़ाकर 14,100 रुपये तथा 46 डिस्ट्रिक्ट सोशल ऑडिट को-ऑर्डिनेटर्स का मानदेय 17,400 रुपये से बढ़ाकर 19,900 रुपये किए जाने का निर्णय लिया गया है। मनरेगा कर्मियों का बढ़ा हुआ मानदेय माह अक्टूबर, 2021 से लागू होगा।

निर्णय

  • ग्राम रोजगार सेवकों का मानदेय बढ़ाकर 10,000 रु0,
  • तकनीकी सहायकों का मानदेय बढ़ाकर 15,656 रु0,
  • कम्प्यूटर ऑपरेटरों का मानदेय बढ़ाकर 15,156 रु0,
  • अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों का मानदेय बढ़ाकर 34,140 रु0,
  • लेखा सहायकों का मानदेय बढ़ाकर 15,156 रु0,
  • ऑपरेशन सहायकों का मानदेय बढ़ाकर 18,320 रु0
  • हेल्पलाइन एक्जीक्यूटिव्स का मानदेय बढ़ाकर 18,320 रु0,
  • चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का मानदेय बढ़ाकर 9,000 रु0,
  • ब्लॉक सोशल ऑडिट को-ऑर्डिनेटर्स का मानदेय बढ़ाकर 14,100 रु0
  • डिस्ट्रिक्ट सोशल ऑडिट को-ऑर्डिनेटर्स का मानदेय बढ़ाकर 19,900 रु0
  • मनरेगा कर्मियों के लिए एच0आर0 पॉलिसी लायी जायेगी
  • महिला मनरेगा संविदा कर्मियों को मिलेगा180 दिन का मातृत्व अवकाश
  • कोरोना काल में प्रदेश में वापस आने वाले कामगारों एवं श्रमिकों को मनरेगा में मिलेगा रोजगार
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