पूरे देश में लागू हो वैदिक शिक्षा—स्वामी रितेश्वर महराज

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  • राष्ट्र में सम्पूर्ण नशाबन्दी जरूरी
  • सीएम योगी के कार्यो को सराहा
  • यूपी मे करेंगे मतदाता जागरण यात्रा

लखनऊ।आध्यात्मिक क्षेत्र में अपनी ओजस्वी वाणी से देश एवं विदेश में सनातन धर्म की पताका लहराने वाले स्वामी श्री रितेश्वर महराज जी ने पूरे देश में संस्कार, शिक्षा की अनिवार्यता पर जोरदिया और कहा कि वैदिक शिक्षा के बिना समाज का विकास संभव नहीं है।

शिक्षा एवं साधना में पारंगत संत श्री रितेश्वर महराज ने पूरे देश में शराब बंदी किये जाने की वकालत की और कहा कि अंग्रेजों और मुगलों के नाम से बसे शहर व सड़कों के नाम महापुरुषों के नाम पर किया जाय।ताकि कि भावी पीढ़ियों के लिए शिक्षाप्रद होने के साथ साथ समाज के लिए प्रेरणादायक भी बने।

 

श्री आनन्द धाम ट्रस्ट वृंदावन में दस वर्षों तक साधना करते रहने के बाद मध्यप्रदेश से लखनऊ पहुंचे रितेश्वर महराज ने कहा कि मध्यप्रदेश में भगवत गीता को उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया गया है।देश में समान शिक्षा नीति लागू है।इसलिए उत्तर प्रदेश में भी वैदिक शिक्षा के इस पाठ्यक्रम को शामिल किया जाना चाहिए।उन्होंने शिक्षा के महत्व को आध्यत्मिक तरीके से प्रकाश डाला।

रामायण व गीता के कई संस्मरणों का ज़िक्र किया और अपनी ओजस्वी शैली में वर्तमान में इसेअपरिहार्य बताया।कहा कि वैदिक शिक्षा संस्कारों की जननी है।वैदिक ज्ञान प्राप्त करने के बाद इंसान में सत्कर्मों को करने की ताकत मिलती है।स्वामी जी ने कहा कि केरल में 97 प्रतिशत शिक्षित है।

लेकिन सर्वाधिक वृद्धा आश्रम केरल में ही हैं।इसका कारण हमने देशी एवं विदेशी मंहगे स्कूलों में शिक्षा तो दिला दी लेकिन बच्चों में वैदिक संस्कार नहीं दे पाये।इस कारण मां बाप की सेवा करने की बजाय उन्हें वृद्धा आश्रम में डाल दिया जाता है।इसे कौन सी शिक्षा और संस्कार कहा जायेगा।

करोड़ों अनुयायी शिष्यों के दिलों में राज करने वाले पूज्य संत ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वह आज भी सैकड़ों वर्ष पुरानी परम्परा में रहते हुए, अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं।वृंदावन में उनका आश्रम आधुनिक सुख सुविधाओं से परिपूर्ण है।लेकिन वह आज भी एक गुफा में रहते हैं।एक साधारण सी मिट्टी की गुफा में बिना किसी सुख सुविधा के ही सैकड़ों दीपकों के उजाले में बांके बिहारी की साधना में तल्लीन रहते हैं।

त्याग और ज्ञान से ही संत की पहचान है।किसी भी सन्त को वैभव में नहीं फंसना चाहिए।मर्यादा पुरुषोत्तम राम के त्याग और उनके चरित्र को हमेशा ध्यान में रखकर ही भगवत भजन करना चाहिए।उन्होंने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के आध्यात्मिक कार्यों की प्रसंशा की,और कहा कि वृंदावन तीर्थ क्षेत्र में मांस मदिरा की बन्दी कर उन्होंने एक ऐतिहासिक कार्य किया है।

श्री रितेश्वर महराज ने सामाजिक विकृतियों एवं अपराध के लिए मदिरापान को एक बड़ा कारण बताया और कहा कि इसके लिए पूरे समाज को जागृत होना चाहिये।और अच्छा कार्य करने वाली सरकारों के निर्णयों की तारीफ करनी चाहिए।स्वामी जी यह भी कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले वह मतदाता जनजागरण यात्रा भी निकालेंगे।और लोगों के बीच में जाकर उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे।

उन्होंने एक जवाब में स्पष्ट किया कि किसी भी राजनीतिक पार्टी से उनका कोई ताल्लुक नहीं है।अच्छा काम करने वाली सरकारें व दल और उनके नेताओं का समर्थक हूं।और यह कार्य समाज के सभी लोगों को भी करना चाहिए।ताकि राजनीति में अच्छे लोगों की भागीदारी हो और समाज को एक नई दिशा मिल सके।जिससे एक सशक्त सुसंस्कृति और विकासशील राष्ट्र का निर्माण हो सके।

राजधानी के गोमतीनगर में स्थित सृजन बिहार में आयोजित शिष्य समागम में गुरु दर्शन करने वालों में सरकार के दर्जा प्राप्त मंत्री सुनील भराला,4पीएम के प्रधान संपादक संजय शर्मा, कई दलों के वरिष्ठ नेता,अधिकारी एवं प्रमुख व्यवसायियों सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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