ममता बनर्जी को एक सीट देने के बाद उस पर ललितेशपति को प्रत्याशी बनाने की चर्चा

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ललितेशपति प्रत्याशी
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फर्स्ट आई न्यूज डेस्क:

मिर्जापुर: कांग्रेस से 4 पीढ़ी का नाता को तोड़कर ममता बनर्जी के साथ तृणमूल कांग्रेस में गत वर्ष पिता राजेशपति त्रिपाठी के साथ शामिल हुए पूर्व विधायक ललितेशपति त्रिपाठी ने विधानसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। चुनावी जंग में सबल योद्धा को प्रत्याशी बनाने और उन्हें मनाने के लिए मंगलवार को सपा मुखिया अखिलेश यादव ने लखनऊ में वार्ता के लिए बुलाया है। ममता बनर्जी को एक सीट देने के बाद उस पर ललितेशपति को प्रत्याशी बनाने की चर्चा है।

परदादा दो बार यूपी के मुख्यमंत्री रहे

बता दें कि ललितेशपति मिर्जापुर की मड़िहान सीट से 2012 में कांग्रेस विधायक चुने गए थे। भाजपा के रमाशंकर सिंह पटेल ने उन्हें 2017 के चुनाव में परास्त कर यह सीट छीन ली थी। ललितेशपति त्रिपाठी के परदादा कमलापति त्रिपाठी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और दो बार रेलमंत्री रहे हैं। ललितेशपति को मड़िहान और वाराणसी की किसी भी सीट से प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा है।

ममता बनर्जी के साथ ललितेशपति त्रिपाठी।

2012 में मड़िहान सीट से चुनाव जीते थे

पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी के प्रपौत्र ललितेशपति त्रिपाठी ने 2012 में मड़िहान सीट से चुनाव लड़ा था। कांग्रेस के ललितेश को 63,492 वोट मिला था, जबकि सपा प्रत्याशी सत्येंद्र कुमार पटेल 54,969 वोट पाकर दूसरे नंबर पर थे। बीएसपी के शिवजोर पाल को 52,128 वोट मिला था। भाजपा के राम नगीना सिंह महज 11,021 वोट पाकर चौथे नंबर पर थे।

प्रियंका गांधी के साथ ललितेशपति त्रिपाठी।

2017 में भाजपा के रमाशंकर सिंह पटेल ने हराया था

2017 के चुनाव में बाजी पलटी और भाजपा के रमाशंकर सिंह पटेल 1,06,517 वोट पाकर विजय श्री हासिल की और कांग्रेस के ललितेश 59,919 वोट पाकर पिछड़ गए। लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस के टिकट पर ललितेशपति चुनाव लड़े, लेकिन यहां भी हार मिली। कांग्रेस में उपेक्षा से खिन्न होकर उन्होंने अक्टूबर 2021 में तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। 4 पीढ़ी का कांग्रेस का नाता धरा का धरा रह गया।

ममता बनर्जी के साथ ललितेशपति त्रिपाठी।

वाराणसी से हो सकते हैं गठबंधन प्रत्याशी

यूपी 2022 विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने के बाद उनके मड़िहान सीट से चुनाव लड़ने का कयास लगाया जा रहा था। समाजवादी पार्टी के साथ तृणमूल कांग्रेस और अपना दल कमेरावादी का गठबंधन है। मड़िहान सीट पर अपना दल की कृष्णा पटेल भी दावेदारी कर रही हैं। अब ललितेशपति के इनकार से समीकरण गड़बड़ा रहा है। फिलहाल यह सीट किसको मिलेगी, इसका फैसला सपा मुखिया अखिलेश यादव करेंगे। ललितेशपति त्रिपाठी के न को हां में तब्दील कराने के लिए अखिलेश यादव ने मंगलवार को लखनऊ में वार्ता के लिए त्रिपाठी को आमंत्रित किया है। चर्चा है कि इस दौरान उन्हें मनाकर मड़िहान या वाराणसी की किसी भी सीट से प्रत्याशी बनाया जा सकता है।

 

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