मेरठ: हस्तिनापुर सीट से पूर्व विधायक योगेश वर्मा को समाजवादी पार्टी ने बनाया अपना प्रत्याशी

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पूर्व विधायक योगेश वर्मा
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योगेश वर्मा बुलंदशहर से लड़ चुके हैं लोकसभा चुनाव 

दलित हिंसा कराने के आरोप में योगेश वर्मा को गिरफ्तार कर भेजा गया था जेल

फर्स्ट आई न्यूज डेस्क:

मेरठ: समाजवादी पार्टी ने मेरठ की हस्तिनापुर सीट से पूर्व विधायक योगेश वर्मा को अपना प्रत्याशी बनाया है। यह सीट आरक्षित सीट है। योगेश वर्मा को दलित हिंसा कराने के आरोप में भाजपा सरकार ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। कुछ माह पहले ही सपा के गुर्जर नेता और अखिलेश के करीबी अतुल प्रधान पूर्व विधायक योगेश वर्मा को सपा में शामिल कराया था।

बीजेपी के दिनेश खटीक से मुकाबला
अब सपा ने मेरठ और आस-पास के जिलों में दलितों को साधने के लिए हस्तिनापुर सीट से योगेश वर्मा को टिकट दिया है। हस्तिनापुर सीट पर 1लाख मुस्लिम, 63 हजार दलित, 56 हजार गुर्जर, 26 हजार जाट, 13 हजार सिख, 10 हजार यादव हैं। भाजपा से यहां मंत्री दिनेश खटीक चुनाव लड़ रहे हैं। मुस्लिम व दलित वोटों के सहारे गठबंधन ने यहां बड़ा दांव खेला है।

महापौर के पति हैं योगेश वर्मा
योगेश वर्मा 2007 में बसपा के टिकट पर हस्तिनापुर से विधायक बने। 2012 में यहां बसपा ने आखिरी समय में योगेश का टिकट काट दिया। जिसके बाद योगेश वर्मा पीस पार्टी से चुनाव लड़े। 2012 के चुनाव में 2200 वोटों के अंतर से वह सपा के नेता प्रभुदयाल वाल्मीकि से चुनाव हारे। योगेश वर्मा की पत्नी सुनीता वर्मा मेरठ की वर्तमान महापौर हैं। भाजपा के गढ़ में सुनीता वर्मा दलित व मुस्लिम वोटों के सहारे शहर की राजनीति में सेंध लगाने में कामयाब हुई थीं।

दलित हिंसा में भाजपाइयों ने भिजवाया था जेल
एससी-एसटी एक्ट के संशोधन के विरोध में 2 अप्रैल 2019 को मेरठ समेत पूरे प्रदेश में हिंसा हुई। मेरठ में हजारों की भीड़ ने पहले आगजनी कर तोड़फोड़ की। जिसके बाद भाजपा नेताओं ने प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाकर विरोध जताया तो प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों ने योगेश वर्मा को फोन कर थाने बुलाया। जिसके बाद पुलिस ने योगेश वर्मा की बेइज्जती कर जेल भेजा। जिसके बाद दलितों में आक्रोश पनपता गया। योगेश वर्मा बुलंदशहर से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं।

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