लखीमपुर हिंसा कांड के आरोपी आशीष मिश्र को आज एसआईटी की टीम ले जा सकती है घटना स्थल पर,सुमित जायसवाल की पुलिस को सरगर्मी से तलाश

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लखीमपुर न्यूज। लखीमपुर के तिकुनिया में अपनी गाड़ी के नीचे किसानों को रौंदने का आरोपी गृह राज्य मंत्री के बेटे आशीष मिश्र को बुधवार को एसआईटी की टीम घटना स्थल पर ले जा सकती है। दूसरी तरफ उग्र भीड़ पर मुकदमा दर्ज कराने वाले मौके पर मौजूद आशीष मिश्र के करीबी और भाजपा नेता सुमित जायसवाल की तलाश पुलिस ने शुरू कर दी है।

साथ ही एसआईटी की तरफ से हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों व घटना स्थल पर मौजूद लोगों को क्राइम ब्रांच आफिस आकर बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक बुधवार को एसआईटी की टीम आरोपी आशीष मिश्र के किसी भी सवाल का सही जवाब न देने पर मौके पर ले जाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए घटना स्थल के आसपास पुलिस की सक्रियता को भी बढ़ा दिया गया है।

आशीष मिश्र को मंगलवार को एसआईटी टीम ने 72 घंटे की कस्टडी रिमांड पर लिया था। जिसके बाद से क्राइम ब्रांच के आफिस में पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही घटना स्थल से एक बार फिर फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटाने के लिए बारीकी से पड़ताल करेगी। साक्ष्य संकलन के दौरान वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।

दूसरी तरफ घटना स्थल पर मौजूद शेखर से भी पुलिस टीम रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। शेखर को बुधवार सुबह 11 बजे रिमांड पर लेकर पुलिस लाइन स्थित एसआईटी के दफ्तर में पूछताछ की जा रही है।

गौरतलब है कि लखीमपुर में 3 अक्टूबर को हिंसा भड़की थी । 3 अक्टूबर को किसानों ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र का विरोध करते हुए काले झंडे दिखाए थे। इसी दौरान एक गाड़ी ने किसानों को कुचल दिया था। इसमें चार किसानों की मौत हो गई थी। इसके बाद हिंसा भड़क गई थी।

आरोप है कि भड़की हिंसा के दौरान किसानों ने एक ड्राइवर समेत चार लोगों को पीट-पीटकर मार डाला था। जिसमें एक पत्रकार भी मारा गया था। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र समेत 15 लोगों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया गया था। जिसके बाद शनिवार रात 12 घंटे तक चली लंबी पूछताछ के बाद आशीष मिश्र को एसआईटी ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

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