सही दिशा में मुंह करके भाइयों के तिलक करने से शुभ फल की होती है प्राप्ति

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कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि को भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है. भाई दूज के दिन बहनें भाइयों के माथे पर तिलक करते हुए उसकी लंबी आयु की कामना करते हैं. हिंदू धर्म में राखी पर्व की तरह भाई दूज  का भी विशेष महत्व है.

इस दिन भाई बहनों के घर जाते हैं और बहनें भाइयों को भोजन कराती हैं और तिलक आदि कर आरती उतारती हैं. इस बार भाई दूज का पर्व 6 नवंबर के दिन मनाय जा रहा है.

आज बहनें तिलक का शुभ मुहूर्त देखते हुए भाइयों को तिलक कर उनकी आरती उतारएंगी. लेकिन तिलक करते समय दिशा का ध्यान रखना भी जरूरी होता है. कहते हैं कि सही दिशा में मुंह करके भाइयों के तिलक करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है. आइए जानते हैं तिलक करते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

तिलक करते समय रखें इन बातों का ध्यान 

भाई दूज के दिन बहनें रोली का तिलक भाई के माथे पर लगाकर उनकी पूजा करती हैं और आरती उतारती हैं. लेकिन तिलक करते समय दिशा का ध्यान रखना भी जरूरी है. भाई दूज के दिन तिलक करते समय भाई का मुंह उत्तर या उत्तर- पश्चिम में से किसी एक दिशा की ओर होना चाहिए.

वहीं, बहन का मुख उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए. दिशा को ध्यान में रखकर तिलक करना शुभ होता है. यही नहीं,  ऐसा भी कहते हैं कि भाइयों के तिलक करने से पहले बहनों को कुछ खाना नहीं चाहिए.

भाई दूज तिलक विधि 

भाई दूज के दिन तिलक से पहले उत्तर-पूर्व दिशा में आटा या गोबर से चौक बना लें. चौक पर भाई को बैठाते हुए भाई के माथे पर तिलक लगाएं और हाथ में कलावा बांधें. इसके बाद दीपक जलाकर भाई की आरती उतारें और उसकी लंबी आयु की कामना करें.

  • भाईदूज के दिन बहन-भाई को ध्यान रखना चाहिए कि किसी बात पर बहस या झगड़ा न करें. साथ ही, बहनें भाई से मिले उपहार का निरादर न करें.
  • मान्यता है कि भाई को तिलक करने से पहले बहनें कुछ भी खाए-पीए नहीं.भाई दूज के दिन बहन-भाई एक -दूसरे से किसी भी तरह का झूठ नहीं बोलें.
  • तिलक करते समय बहनें काले रंग के वस्त्र न पहनें.

 

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