108 ब्राह्मणों ने वेद मंत्रों से शुरू किया पूजन; महंत बोले- जिस घर में पाठ होगा वहीं पर होगा रामराज

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वाराणसी स्थित संकट मोचन मंदिर में महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने वेद मंत्र के साथ की मानस सम्मेलन की शुरूआत।

सीताराम विवाह पंचमी पर वाराणसी के सुविख्यात संकट मोचन मंदिर में नवाह परायण पाठ का शुभारंभ हुआ। संकट मोचन मंदिर में आज 108 ब्राह्मणों द्वारा श्री रामचरितमानस का पाठ भी किया गया। इसी के साथ आज से ही मानस सम्मेलन की भी शुरूआत काशी में हो गई।

इस सम्मेलन के लिए संकट मोचन में देश के कई राज्यों से रामभक्त और कथाकार वाराणसी आ चुके हैं। यहां पर लोग राम कथा का पाठ और भजन करेंगे।

108 ब्राह्मणों समेत आचार्य राघवेंद्र पांडे ने वेद मंत्रों के साथ हनुमान और भगवान श्रीराम का पूजन अर्चन किया।

इस कार्यक्रम के उद्घाटन पर ही आज संकट मोचन मंदिर में नवाह परायण श्रीरामचरितमानस पाठ हुआ। 108 ब्राह्मणों समेत आचार्य राघवेंद्र पांडे ने वेद मंत्रों के साथ हनुमान और भगवान श्रीराम का पूजन अर्चन किया।

संकट मोचन मंदिर के महंत प्रोफेसर विशंभर नाथ मिश्र ने बताया कि आज अगहन शुक्ल पक्ष की पंचमी में सीताराम विवाह का खास मौका भी है।

कलयुग में जीने का आधार है मानस
अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास व संकट मोचन मंदिर के महंत प्रोफेसर विशंभर नाथ मिश्र ने बताया कि आज अगहन शुक्ल पक्ष की पंचमी में सीताराम विवाह का खास मौका भी है। इस दौरान श्रीरामचरितमानस पोथी रखी गई। प्रो. मिश्र ने बताया कि कलयुग में मानस मानव के कष्टों को दूर करने में सबसे बड़ा साधन है। जिस घर में मानस का पाठ नित दिन होता है उस घर में रामराज अवश्य आता है।

कलयुग में जीवन जीने का आधार मानस है। इसका पाठ करने वाले उसी के बताए रास्ते पर चलते हैं। इस दौरान जजमान प्रेमचंद मेहरा ने महंत विशंभर नाथ मिश्र का माल्यार्पण कर उनका पूजन अर्चन किया। वहीं इस अवसर पर रामयश मिश्र, स्वर्ण प्रसाद चतुर्वेदी , नरेंद्र त्रिपाठी, विश्वनाथ यादव सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

 

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