कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने छोड़े पार्टी के सभी व्हाट्सएप ग्रुप

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लखनऊ उत्तर प्रदेश के रायबरेली से सदर कांग्रेस विधायक अदिति सिंह का पार्टी से संबंध कुछ ठीक नहीं चल रहे है। कांग्रेस पार्टी के खिलाफ बयानबाज़ी और पार्टी लाइन से हटकर काम करने के कारण कांग्रेस पार्टी ने यूपी विधानसभा अध्यक्ष को उनकी सदस्यता खत्म करने की अर्जी दे रखी है। हालांकि अदिति सिंह भी लगातार कांग्रेस पार्टी से दूरी बनाती जा रही हैं। वहीं अदिति सिंह ने अपने टि्वटर पेज से कांग्रेस पार्टी का नाम हटा रखा है जबकी पार्टी को सूत्रों के अनुसार पता चला है कि विधायक अदिति सिंह ने पार्टी के सभी व्हाट्सएप ग्रुपों को भी छोड़ दिया है। इससे ये साफ ज़ाहिर होता है कि अदिति सिंह जल्द ही कांग्रेस पार्टी को साथ छोड़ सकती है।

हालांकि विधायक अदिति सिंह ने अपने टि्वटर हैंडल से पार्टी का नाम हटा कर @AditiSinghRBL कर लिया है। अदिति सिंह के इस फैसले को लेकर तरह-तरह की बातें हो रहीं हैं। वहीं अदिति सिंह इस बोरे साफ बोलने से बच रहीं हैं। अदिति सिंह ने एक मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि दुनिया इस समय कोरोना संक्रमण जैसी महामारी से गुज़र रही है। मेरा सबसे अनुरोध है कि श्रमिक भाइयों की मदद ज्यादा से ज्यादा करते रहें। मेरे निजी टि्वटर हैंडल पे क्या चल रहा है? इससे ज्यादा महत्वपूर्ण विषय यह है की कोरोना वायरस से लड़ाई और पीड़ितों की मदद करी जाए।

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आपकोबता दें कि पिछले दिनों योगी सरकार और कांग्रेस के बीच प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए 1000 बसों का इंतज़ाम कराने को लेकर जमकर घमासान मचा था। इस बीच विधायक अदिति सिंह ने ट्वीट कर के पार्टी को बैकफुट पर खड़ा कर दिया। अदिति सिंह ने ट्वीट किया, ‘आपदा के वक्त ऐसी निम्न सियासत की क्या जरूरत? एक हजार बसों की सूची भेजी। उसमें भी आधी से ज्यादा बसों का फर्जीवाड़ा। 297 कबाड़ बसें, 98 आटो रिक्शा व एंबुलेंस जैसी गाड़ियां और 68 वाहन बिना कागज़ात के ये कैसा क्रूर मज़ाक है। अगर बसें थीं तो राजस्थान, पंजाब, महाराष्ट्र में क्‍यों नहीं लगवाई?

अदिति ने दूसरे ट्वीट में लिखा, ‘कोटा में जब यूपी के हज़ारों बच्चे फंसे थे, तब कहां थीं ये तथाकथित बसें, तब कांग्रेस सरकार इन बच्चों को घर तक तो छोड़िए, बॉर्डर तक न छोड़ पाई, तब योगी आदित्यनाथ ने रातों-रात बसें लगाकर इन बच्चों को घर पहुंचाया, खुद राजस्थान के सीएम ने भी इसकी तारीफ की थी.’

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