घोटाले पर घोटाला! शिशु अस्पताल में उपकरण की खरीद पर 34 लाख के झोल का पर्दाफाश

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नोएडा। उत्तर प्रदेश में लगातार बीते कुछ समय से कई घोटालों पर से पर्दा उठ चुका है और अधिकारियों की काली कमाई की सच्चाई अब धीरे-धीरे सबके सामने आ रही है। यूपी के नोएडा से सुपर स्पेशियलटी अस्पताल में उपकरणों की खरीद में लगभग 34 लाख रुपए की हेर-फेर सामने आई है। दरअसल प्रधान महालेखाकार की जांच में सामान की खरीद पर अनियमितता का खुलासा हुआ है। बता दें कि ये जांच रिपोर्ट चिकित्सा एंव शिशु अस्पताल प्रबंधन को जून 2020 के पहले सप्ताह में मिली है।

शिशु अस्पताल एंव शिक्षण संस्थान प्रबंधन ने 41 मॉनिटर खरीदने के बाद 34 लाख रुपए अपनी जेब में डालने का पूरा इंतजाम बड़ी ही चतुराई के साथ किया। दरअसल संस्थान प्रबंधन ने मार्च 2019 में अलग-अलग कीमत देकर 41 उपकरण खरीदे जिसमें कुल 54 लाख रुपए का खर्च आया। वहीं कोटेशन के आधार पर भी 2 मॉनीटर खरीदे गए। बता दें कि एक मॉनीटर की कीमत 49,750 रुपए थी। वहीं एसजीपीजीआई की अनुबंध दर पर 41 मॉनीटर के लिए संस्थान ने 54 लाख खर्च किए। प्रधान महालेखाकार की जांच में इसी बात आपत्ती जताई है।

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जांच टीम का कहना है कि रिपोर्ट के अनुसार एक मॉनीटर की कीमत 49,750 रुपए है तो 41 मॉनीटर की कीमत करीब 20 लाख 39 हजार के आस-पास होनी चाहिए। जबकि इस पर 54 लाख का खर्च दिखाया गया है। टीम का कहना है कि जैम पोर्टल, कोटेशन, ई-टेंडर के जरिए अगर खरीदारी होती तो लगभग 34 लाख के फालतु खर्चे से बचा जा सकता था। बता दें कि बिल की जांच से पहले ही संस्थान ने कंपनी को पैसों का भुगतान कर दिया। इस बात पर भी आपत्ति जताई गई है।

प्रधान महालेखाकार की रिपोर्ट के मुताबिक एक ही गुणवत्ता वाले मॉनीटर को तीन कीमतों पर खरीदा गया है। कोटेशन के आधार पर दो मॉनीटर करीब 49 हजार और उसके बाद 34 मॉनीटर करीब एक लाख और 7 मॉनीटर एक लाख 96 हजार की दर से खरीदे गए। जांच टीम ने आपत्ती जताते हुए कहा कि जब एक ही गुणवत्ता वाले उपकरण कम कीमत में मिल रहे थे तो उसके लिए ज्यादा पैसे क्यों खर्च किए गए। इससे राज्सव को काफी नकसान हुआ है।

वहीं बतादें कि सुपर स्पेशियलिटी शिशु अस्पताल में हुआ ये पूरा घोटाला अस्पताल के निदेशक डॉ. देवेंदर गुप्ता के कार्यकाल में हुआ। लाखों की हुई इस गड़बड़ी ने डॉ. देवेंदर गुप्ता  पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैें। अब देखना ये होगा कि इस मामले पर आगे क्या कार्रवाई होती है।

 

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