चीन को यूपी से बड़ा नुकसान, सबसे बड़ी डिफेंस इंडस्ट्री से ड्रैगन का हुआ किनारा

0
28

कानपुर। चीन को उत्तर प्रदेश के कानपुर से बहुत बड़ा झटका लगा है। डिफेंस उत्पादों में देश के सबसे बड़े हब कानपुर ने चीन का बंटाधार कर दिया है। कानपुर में बनने वाली बुलेट प्रूफ जैकेट और बुलेट प्रूफ हेलमेट में चीन का कोई हिस्सा नहीं है। हेलमेट और बुलट प्रूफ जैकेट को बेहद महत्वपूर्ण चीज माना जाता है। यहां उद्यमी चीन का एक तिनका इस्तेमाल करने के लिए तैयार नहीं हैं। इसलिए महंगा होने के बावजूद अमेरिका और यूरोप की दिग्गज कंपनियों से उत्पाद लेते हैं। फिर अपने रिसर्च और डेवलपमेंट के दम पर उत्पादों की कीमत इस तरह कम करते हैं कि गुणवत्ता पर रत्तीभर फर्क नहीं पड़ता है।

दुष्कर्म के बाद ‘सायनाइड’ से हत्या करने वाले सीरियल किलर मोहन को आजीवन कारावास

आपको बता दें कि बुलेटप्रूफ जैकेट बनाने के लिए सबसे पहला कदम फाइबर या फिलामेंट का निर्माण होता है जो वजन में हल्के तो होते है साथ ही मजबूत भी होते हैं। वे पैरा-अरैमिड सिंथेटिक फाइबर जैकेट के निर्माण में बहुत जरूरी होते हैं। इसके अलावा डायनीमा फाइबर भी इस्तेमाल में आता है। केवलर मैटेरियल के अलावा वेकट्रैन मैटेरियल से भी बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट का निर्माण होता है। जब गोली लगती है तो सबसे पहले सेरेमिक परत से टकराती है। जिसके बाद इसके आगे का नुकीला सिरा चूर-चूर हो जाता है और गोली की ताकत अपने आप ही कम हो जाती है। सेरेमिक परत से टकराने पर गोली के टूटने से बड़ी मात्रा में ऊर्जा निकलती है जिसे बैलेस्टिक परत अवशोषित कर लेती है। ऐसा होने पर बुलेटप्रूफ जैकेट पहने सैनिक सुरक्षित रहते हैं।

PM मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रंसिग के जरिए की आत्म निर्भर यूपी रोजगार योजना की शुरुआत

नाइट विजन डिवाइस को सेना से लेकर पैरा मिलिट्री फोर्स तक का अभिन्न अंग माना जाता है। आपको बता दें कि पहले इसका आयात होता था औऱ अब निर्यात होता है। एकेयू ने इसे कानपुर में ही बना दिया है। आज की तारीख में हम इसे निर्यात करने की स्तिथि में आ गए हैं।

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here