महिला एवं बाल विकास विभाग ने 1027 कर्मचारियों को नौकरी से किया बेदखल

0
10

भोपाल। जहां एक तरफ सरकारें रोजगार की बातें करती हैं वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के भोपाल से 1027 लोगों को नौकरी निकालने का मामला सामने आया है। दरअसल भोपाल में महिला एवं बाल विकास विभाग में पोषण अभियान योजना में काम करने वाले लगभग 1027 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। आपको बता दें कि दो महीने से ज्यादा समय तक चले लॉकडाउन में इन कर्मचारियों ने सेवाएं दीं थी और लॉकडाउन के बाद इन्हीं कर्मचारियों को की सेवाएं खत्म कर दी हैं।

जिन कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है उनके आगे अब रोजी रोटी का संकट आ गया है। बता दें कि ये सारे कर्मचारी 2016 से नौकरी कर रहे थे।कर्मचारी संगठनों की मांग है कि विभाग इन सबको फिर से नौैकरी दें। अब बेराजगार लोगों को मुश्किलों का समना करना पड़ रहा है। इन कर्मचारियों का आरोप हैं कि तीन महीने यानी की अप्रैल से जून तक का वेतन भी नहीं दिया गया.

बच्चों का इंतजार खत्म, कल घोषित होगा यूपी बोर्ड 2020 का रिजल्ट

आपको बतादे कि 2016 में जीम इंटरप्राइजेस ने महिला एवं बाल विकास विभाग में आउट सोर्सिंग पर 1027 कर्मचारियों को पोषण अभियान के लिए नौकरी पर रखा था। विभाग का कहना है कि एजेंसी का टेंडर खत्म हो गया है। इसलिए सभी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई है। वहीं, नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों की मांग है कि विभाग उन्हें दोबारा नौकरी पर रखेे। आउट सोर्स की जगह पर सभी कर्मचारियों को संविदा कर्मचारी के तौर पर नौकरी पर रखना चाहिए। इसको लेकर कर्मचारियों ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया है ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here