अयोध्या: संतों को अखर रही राम मंदिर निर्माण में देरी, सावन के शुभ महीने में PM मोदी से भूमि पूजन की मांग

0
48
.
राम मंदिर के भूमि पूजन में देरी से नाखुश हैं साधु-संत

लंबी जद्दोजहद और कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले के बाद भी राम मंदिर निर्माण में देरी लोगों को अखर रही है.

अयोध्या. राम नगरी अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram Mandir) निर्माण में देरी पर साधु-संत नाराज दिख रहे हैं. उनका कहना है कि भूमि के समतलीकरण और भार उठाने की क्षमता का आकलन करने के बाद भी राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन आखिर क्यों नहीं हो पा रहा है?  इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह यह है कि राम मंदिर निर्माण के लिए गठित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janambhoomi Teerth Kshetra) चाहता है कि भूमि पूजन के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) अयोध्या आएं, लेकिन कोरोनावायरस महामारी के चलते बंदिशें और भारत चीन सीमा पर तनाव के हालात ऐसे दो बिंदु है जिसके कारण समय नहीं मिल पा रहा है.

राम मंदिर के शिलान्यास में देरी संतों को अखर रही

दूसरी तरफ लंबी जद्दोजहद और कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले के बाद भी राम मंदिर निर्माण में देरी लोगों को अखर रही है. राम मंदिर निर्माण से जुड़े लोग हो या फिर अयोध्या के साधु व संत सभी की व्याकुलता बढ़ती जा रही है. यही कारण है कि अब अयोध्या के साधु-संत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर उनसे अपनी इच्छा जता रहे हैं.  उनकी इच्छा है कि राम मंदिर के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शीघ्र अयोध्या आएं. जिससे योजना अनुसार 2022 में रामनवमी का त्यौहार रामलला के भव्य राम मंदिर में मनाई जाए.

लेकिन यहां यह ध्यान देने वाली बात है की साधु-संत चाहते हैं कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या वर्चुअल तरीके से प्रधानमंत्री मोदी भूमि पूजन करने के बजाए वह खुद कार्यक्रम में मौजूद रहें. यही कारण है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने और ट्रस्ट के लोगों ने प्रधानमंत्री के सबसे करीबी नौकरशाह और राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र को जो आमंत्रण पत्र सौंपा था उसमें और साधु -संतों के पत्र में एक ही बात लिखी है. दोनों ही पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अयोध्या आने की बात कही गई है. साथ ही कहा गया है कि कार्यक्रम में अधिक विलंब न हो.श्रावण मास सबसे अच्छा समय

महंत नृत्य गोपाल दास के शिष्य और उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने कहा कि प्रधानमंत्री जी तो आने के लिए बोले ही थे, लेकिन इस महामारी को देखते हुए बेचारे बच रहे हैं. वैसे आदित्यनाथ योगी जी भी पत्र लिख चुके हैं प्रधानमंत्री जी को इस बारे में. अब एक और पत्र श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष की तरफ से प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा. हम तो चाहते हैं कि श्रावण महीने में ही रामलला का मंदिर बनना शुरू हो जाए. श्रावण मास सबसे अच्छा समय है.

लंबे समय से पीएम के अयोध्या आने की मांग

रामलला के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि आज से नहीं बहुत दिनों से संतों की मांग रही है कि प्रधानमंत्री एक बार यहां आयें और राम लला का दर्शन करें. यह मांग तब से हो रही है जब रामलला त्रिपाल में विराजमान थे और उनकी सरकार सत्ता में आई थी. अब रामलला उस त्रिपाल से उठ कर एक अस्थाई मंदिर में विराजमान हो गए हैं और भव्य दिव्य मंदिर बनने की सारी व्यवस्था हो रही है. यहां तक कि समतलीकरण हो गया है और जहां पर मंदिर बनना है वह स्थान चिन्हित कर दिया गया है. इसलिए संतों की मांग है कि जहां भव्य मंदिर रामलला का बनना है हमारे देश के प्रधानमंत्री आएं और उस का शिला पूजन वह अपने कर कमलों द्वारा करें. जिससे कि हमारे रामलला का जो भव्य और दिव्य राम मंदिर बनना है वह पूर्णतया सफल हो जाए.

इतिहास के पन्ने में दर्ज हो राम लला का भूमि पूजन

हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि अयोध्या के साधु-संतों की हार्दिक इच्छा है कि मोदी जी आएं और भूमि पूजन करें. जिससे यह इतिहास के पन्ने में दर्ज हो.

Source link

Authors

.