कई लोगों के साथ यौन संबंध बनाने से हो सकता है कैंसर? जानें कैसे बचें | health – News in Hindi

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Is Polygamy Not Safe: सेक्स सुरक्षित (Safe Sex)रूप से किया जाए तो इसके कई सारे लाभ हैं. सुरक्षित सेक्स के कई मापदंड हैं, जिन्हें प्रयोग में लाने की सलाह दी जाती है. अब सवाल उठता है कि अगर किसी व्यक्ति के कई लोगों के साथ यौन संबंध हैं तो क्या यह जोखिम भरा है? इसका जवाब है हां…

यह कई सारे जोखिमों को जन्म दे सकता है. इसी संबंध में ‘बीएमजे सेक्सुअल एंड रिप्रोडक्टिव हेल्थ’ द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया कि अगर किसी व्यक्ति के कई लोगों के साथ यौन संबंध हैं तो उसे कैंसर और कई सारी अन्य बीमारियां होने का खतरा रहता है. शोधकर्ताओं ने ईएलएसए (इंग्लिश लॉन्गिटुडिनल स्टडी ऑफ एजिंग) से इससे संबंधित डाटा एकत्रित किया. यह इंग्लैंड में 50 साल से अधिक आयु वाले लोगों पर किया गया अध्ययन था. इसमें कुल 5,722 प्रतिभागियों से उनके यौन संबंधों के बारे में बातचीत की गई. इस आधार पर शोधकर्ताओं ने पाया कि कई साथियों के साथ यौन संबंधों में रहने वाले लोगों में कैंसर का खतरा अधिक था.

एसटीडी और कैंसर का है संबंधअध्ययन में शामिल किए गए लोगों की औसत आयु 64 वर्ष थी. इनमें से 75 फीसद विवाहित या लिव इन रिलेशन वाले लोग थे. अध्ययन में पाया गया कि जिन पुरुषों के 10 या अधिक महिलाओं के साथ यौन संबंध थे, उनमें कैंसर होने की आशंका 69 फीसद अधिक थी. महिलाओं में यह औसत 91 फीसद से अधिक पाई गई. इसके अलावा 10 या अधिक लोगों से यौन संबंध रखने वाली महिलाओं में लाइफ लिमिटिंग क्रोनिक कंडीशन का खतरा भी 64 फीसद से अधिक पाया गया.

शोधकर्ताओं ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ऐसे लोगों को किस प्रकार के कैंसर या किन बीमारियों का खतरा अधिक था. हालांकि, इतना जरूर कहा गया कि इससे यौन संचारित रोगों (एसटीडी) का खतरा बढ़ जाता है जो कई प्रकार के कैंसर को जन्म दे सकता है. अध्ययन में इस विषय पर भी जोर दिया गया कि यौन संबंध बनाते समय एसटीडी जैसे रोगों से बचने के लिए सुरक्षा के सभी उपायों को प्रयोग में लाया जाए. यह भी ख्याल रखें कि आप जिन साथियों के साथ संबंध बना रहे हैं वह पहले से तो एसटीडी संक्रमित नहीं हैं?

क्या महिलाओं में कैंसर और अन्य बीमारियों का जोखिम अधिक होता है?

अध्ययन के दौरान शोधकर्ता लिंग आधारित अंतर की उम्मीद नहीं कर रहे थे. फिर भी अध्ययन का एक एंगल इस ओर इशारा करता है. आइए जानते हैं कैसे?

असल में गर्भाशय ग्रीवा, पेनाइल, मुंह और गुदा में होने वाले कैंसरों में से 30 फीसदी से अधिक एचपीवी जैसे एसटीडी संक्रमण के कारण होते हैं. पेनाइल कैंसर के मुकाबले एचपीवी का लिंक महिलाओं को होने वाले सर्वाइकल कैंसर से अधिक होता है. इस आधार पर कहा जा सकता है कि ज्यादा लोगों के साथ यौन संबंध रखने वाली महिलाओं को कैंसर और अन्य रोगों का डर अधिक रहता है.

इन परिणामों से क्या निष्कर्ष निकलता है?

इस अध्ययन की अपनी कुछ निर्धारित सीमाएं थीं. हालांकि, अगर परिणाम की बात करें तो जो एक चीज स्पष्ट होती है वह यह है कि अधिक लोगों के साथ यौन संबंध होना ही एसटीडी का एकमात्र कारण नहीं है. इससे कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है कि आप सेक्स के दौरान सुरक्षा का पूरा ख्याल रखें, चाहे आपका साथी एसटीडी मुक्त क्यों न हो.

जहां तक बात ज्यादा लोगों से यौन सबंध बनाने से जुड़ी बीमारियों की है तो विशेषज्ञों का मानना है कि अभी इस संबंध में और अधिक शोध की आवश्यकता है. इस विषय पर तभी कोई पुख्ता परिणाम सामने आ सकेगा.  एसटीडी से कई प्रकार के कैंसर का खतरा रहता है, यह हम सभी जानते हैं. इसी को रोकने के लिए इस अध्ययन में सुरक्षित सेक्स के अभ्यास पर विशेष जोर दिया गया है.

अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, सेक्स : क्या है, फायदे और नुकसान पढ़ें। न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं। सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं।



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