महिलाएं इन 4 लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज, हो सकती है ये गंभीर समस्या | health – News in Hindi

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महिलाएं (Women) समय के साथ अपने शरीर में कई बदलावों से गुजरती हैं. ऐसी स्थिति में, उन्हें कई स्वास्थ्य संबंधी लक्षण जैसे कि वेजाइनिल डिस्चार्ज (योनी स्त्राव), यूरिन इन्फेक्शन या पेल्विक पेन (पेडू में दर्द) हो सकता है. इसके लिए, उन्हें देरी नहीं करनी चाहिए और जितनी जल्दी हो सके एक स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलना चाहिए क्योंकि सावधानी और रोकथाम गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने का एकमात्र तरीका है. साथ ही नियमित रूप से हेल्थ चेकअप जीवन जीने का सही तरीका है. हालांकि, बहुत कम महिलाएं बिना किसी बीमारी के डॉक्टर (Doctor) के पास जाती हैं. यहां सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह जानना है कि महिलाओं के लिए सुरक्षित रहना कितना महत्वपूर्ण है. किसी भी लापरवाही से जीवन भर स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां खड़ी हो सकती हैं. जब अपने शरीर में इनमें से किसी भी लक्षण को महसूस करते हैं, तो बिना समय बर्बाद किए अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलना चाहिए.

अनियमित पीरियड्स या मिस्ड पीरियड्स

कई महिलाएं अनियमित पीरियड्स, पीरियड्स में खून के थक्के जमना या मिस्ड पीरियड्स को सामान्य मानती हैं और इसे शरीर की कमजोरी से जोड़ देती हैं. लेकिन यह जानना जरूरी है कि ये शरीर के अंदर कुछ होने के संकेत हो सकते हैं. इसलिए यदि पीरियड्स के दौरान कोई अजीब सा एहसास होता है, जैसे कि चक्कर आना या बेहोशी, अनियमित पीरियड्स, खून के थक्के जमना या पीरियड मिस होना, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से तुरंत सलाह लें. क्योंकि पीरियड्स में अनियमितता पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीएसओएस) जैसी स्थिति का लक्षण हो सकती है. myUpchar  से जुड़े डॉ. विशाल मकवाना का कहना है कि अनियमित या अनुपस्थित पीएसओएस की प्रमुख विशेषताओं में से एक है. यह एक हॉर्मोनल डिसऑर्डर है जो कि प्रजनन क्षमता के कम होने के साथ जुड़ा हुआ है.वेजाइनल डिस्चार्ज

वेजाइनल डिस्चार्ज और वेजाइनल इचिंग यानी खुजली या दुर्गंध कुछ योनि में संक्रमण का संकेत हो सकता है जैसे बैक्टीरियल इन्फेक्शन, यीस्ट इन्फेक्शन या सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन. ज्यादातर मामलों में, ये समस्याएं अपने आप दूर नहीं होती हैं. इसलिए, सही उपचार और दवा के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलना जरूरी है. सामान्यत: सफेद और हल्के चिपचिपे वेजाइनल डिस्चार्ज का मतलब है कि महिला स्वस्थ है. इसमें जरा भी बदलाव नजर आए तो इसे स्वास्थ्य से जुड़े संकेत के तौर पर लें.

पीरियड्स के बाद ब्लीडिंग

अगर पीरियड्स के बाद कभी-कभार ब्लीडिंग होती है या पीरियड्स के दौरान तेज दर्द होता है, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें. यह वेजाइनल या सर्विकल या गर्भाशय के कैंसर का संकेत हो सकता है. इसके अलावा, अगर रजोनिवृत्ति के कारण भी पीरियड्स रुक गए हों तो चेकअप कराना जरूरी है.

पेल्विक पेन

myUpchar से जुड़े एम्स के डॉक्टर केएम नाधीर का कहना है कि पेडू यानी पेल्विस में दर्द पेट के निचले हिस्से में होने वाला दर्द है. पेडू पेट का सबसे निचला हिस्सा होता है और इसमें आंतें, मूत्राशय, गर्भाशय और अंडाशय जैसे अंग मौजूद होते हैं. पेडू का दर्द यानी इन अंगों में से किसी एक में शुरू होने वाला दर्द. कुछ मामलों में पेडू में दर्द इन अंगों के पास हड्डियों, मांसपेशियों, तंत्रिकाओं, खून की नसों या जोड़ों में भी होता है. यह जानना जरूरी है कि किस तरह का दर्द महसूस कर रहे हैं. कभी-कभी, पेल्विक में गंभीर दर्द एक संक्रमण का संकेत हो सकता है, एक टूटी हुई ओवेरियन कास्ट का संकेत हो सकता है. इस दर्द के कारणों में पीरियड्स का दर्द, मिसकैरेज, अंडाशय में गांठ, गर्भाशय फाइब्रॉएड हो सकता है.  नियमित पेल्विक पेन का एक अन्य संभावित कारण एंडोमेट्रियोसिस हो सकता है. यह एक ऐसी समस्या है जो गर्भाशय के अंदर पाया जाने वाला ऊतक बढ़ाकर गर्भाशय के बाहर फैलने लगता है. बाहर बढ़ा हुआ ऊतक दूसरे ऊतक की तरह पीरियड्स के दौरान योनि से बाहर नहीं आता, जिससे दर्द होता है.

अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े तमाम विषयों पर पढ़ें.

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