अब सीज हो रहे फरार विकास दुबे के बैंक अकाउंट, अटैच होगी प्रॉपर्टी | kanpur – News in Hindi

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अब सीज हो रहे फरार विकास दुबे के बैंक अकाउंट, अटैच होगी प्रॉपर्टी

कानपुर एनकाउंटर मामले में कई दिशाओं में जांच चल रही है.

विकास दुबे की कॉल डिटेल में कई पुलिसवालों के नंबर मिले हैं. मुठभेड़ की रात तक 24 घंटे में इन लोगों से विकास दुबे की कई बार बातचीत हुई. आईजी का कहना है कि किसी की भी इसमें संलिप्तता पाई गई तो उसकी बर्खास्तगी भी होगी और गिरफ्तारी भी.

लखनऊ. एक तरफ गैंगस्टर विकास दुबे (Gangster Vikas Dubey) को पकड़ने के लिए यूपी पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है, वहीं दूसरी तरफ, उसके उस मकान को जमींदोज कर दिया गया है जहां मुठभेड़ हुई थी. शनिवार दोपहर कानपुर प्रशासन (Kanpur Administration) ने विकास दुबे के बिठुर स्थित आवास को गिराने का फैसला लिया, जिसके बाद उसी की जेसीबी मशीन से पूरा घर ढहा दिया गया. इस क्रम में विकास दुबे की नौकरानी और बच्चों को पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया है. इसके बाद अब विकास दुबे की सारी प्रॉपर्टी (Property) को अटैच करने की तैयारी चल रही है. उसके सारे बैंक अकाउंट्स (Bank Accounts) सीज किए जा रहे हैं. प्रशासन विकास दुबे की सारी प्रॉपर्टी की जांच कर रहा है. घटना के करीब 36 घंटे बाद भी कुख्यात अपराधी विकास पुलिस की पकड़ से बाहर है.

चौबेपुर एसओ की भूमिका संदिग्ध, निलंबित

एनकाउंटर वाले दिन के पूरे घटनाक्रम में चौबेपुर एसओ विनय तिवारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है. इसके अलावा मुखबिरी करने के मामले में अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुछ पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है, जिससे यह जाना जा सके कि दुबे को पुलिस छापेमारी की खबर पहले कैसे मिली. जिससे कि उसने योजनाबद्ध तैयारी के साथ पुलिस दल पर हमला बोला. पुलिस सूत्रों ने बताया कि सर्विलांस टीम लगभग 500 मोबाइल फोन पर नजर बनाए हुए है ताकि विकास दुबे के बारे में सुराग मिल सके. इसके अलावा यूपी एसटीएफ की टीमें भी अपने काम में लगी हैं. आईजी ने विकास दुबे के बारे में सही जानकारी देने वाले को पचास हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है. साथ ही जानकारी देने वाले की पहचान गुप्त रखने की बात भी कही है.

विकास दुबे की कॉल डिटेल में कई पुलिसवालों के नंबरविकास दुबे की कॉल डिटेल में कई पुलिसवालों के नंबर मिले हैं. पता चला है कि मुठभेड़ की रात तक 24 घंटे में इन लोगों से विकास दुबे की कई बार बातचीत हुई. इस संबंध में पुलिस पूछताछ कर रही है. माना जा रहा है कि जल्द ही इसमें बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं. बता दें हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और उसके शूटर गैंग ने जिस तरह से जघन्य हत्याकांड को प्लानिंग के तहत अंजाम दिया, उसने पुलिस विभाग की गोपनीयता पर सवाल खड़े किए हैं. अधिकारियों को आशंका है कि पुलिस महकमे के ही किसी भेदिए ने चौबेपुर थाने से फोर्स के चलने और गांव पहुंचने तक पल-पल की मूवमेंट की जानकारी विकास दुबे को दी थी. आईजी मोहित अग्रवाल का कहना है कि यदि किसी की भी इस मामले में संलिप्तता पाई गई तो उसकी बर्खास्तगी भी होगी और गिरफ्तारी भी.

First published: July 4, 2020, 5:04 PM IST



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