अयोध्या: आत्मघाती हमले की 15वीं बरसी पर कड़ी सुरक्षा, पीड़ित परिजनों ने की PM मोदी से ये अपील | ayodhya – News in Hindi

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अयोध्या: आत्मघाती हमले की 15वीं बरसी पर कड़ी सुरक्षा, पीड़ित परिजनों ने की PM मोदी से ये अपील

आत्मघाती हमले की 15वीं बरसी आज (file photo)

आपको बता दें कि 5 जुलाई 2005 को अयोध्या (Ayodhya) में फियादीन हमला हुआ था. इस हमले में शामिल पांच आतंकियों को रामलला की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर ही ढेर कर दिया था.

अयोध्या. रामजन्मभूमि अयोध्या (Ayodhya) में आत्मघाती हमले की 15वीं बरसी पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. इसलिए सुरक्षा के लिहाज से जिले की सभी सीमाओं को सील कर दिया है और मार्गों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. जिले में आईडी देखने के बाद स्थानीय लोगों को ही प्रवेश दिया जा रहा है. बता दें कि 15 साल पहले यानी कि 5 जुलाई 2005 को राम जन्मभूमि परिसर में फिदायिन हमला हुआ था. हालांकि सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में सभी 5 आतंकी मारे गए थे. उसके बाद से अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दी गई थी. आतंकी हमले में शहीद परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आतंकवादी विरोधी अभियान को सराहा है. परिजनों ने पीएम मोदी से अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय घोषित मुआवजे का भुगतान करें.

आपको बता दें कि 5 जुलाई 2005 को अयोध्या में फियादीन हमला हुआ था. इस हमले में शामिल पांच आतंकियों को रामलला की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर ही ढेर कर दिया था. इस घटना में षडयंत्र में शामिल पांच अन्य लोग भी गिरफ्तार किए गए थे. जिनको बीते दिनों 4 लोगों में को उम्र कैद की सजा तथा 1 लोगों को बरी कर दिया गया था. इस हमले में तीन परिवार भी शिकार हुए थे जिनमें एक महिला समेत 2 लोग शामिल थे. पीड़ितों के परिजन आज भी उम्र कैद की सजा को कम मानते हैं. उनका साफ कहना है कि आतंकवादियों को फांसी की सजा होनी चाहिए थी.

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हमले में शहीद हुए रमेश पंडा की पत्नी कहती हैं कि जब भी आतंकी हमले की बरसी आती है, तभी उन लोगों को उनकी सुध आती है. उसके बाद फिर उपेक्षित ही छोड़ दिया जाता है. 2005 में हमले के वक्त छोटी सी बच्ची अब बड़ी हो चुकी है, ग्रेजुएशन कर रही है. उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है उनकी बेटी को नौकरी दी जाए. साथ ही टूटे-फूटे मकान में जिंदगी बसर कर रही सुधा पांडे कहती हैं कि सरकारी मदद से हमारे मकान की मरम्मत हो जाए और हमारे बच्ची को एक नौकरी मिल जाए.Kanpur Shootout: भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट, विकास दुबे का पोस्टर चस्पा

इसी हमले में अपने पत्नी को खो चुके शांति देवी के पति ने 5 बच्चों को जैसे-तैसे पाला अब बच्चे बड़े हो चुके हैं लेकिन पत्नी के खोने का गम आज भी उनको है. हमले के वक्त केंद्र में सत्ताधारी दल कांग्रेस के सरकार ने मुआवजे की घोषणा की थी. उसको भी आज तक नहीं दिया गया. रामचंद्र यादव कहते हैं कि फियादीन हमले में शहीद हुए परिवार को किसी तरीके की किसी भी सरकार ने मदद नहीं दी है.

First published: July 5, 2020, 2:54 PM IST



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