यूपी के चंदौली में कोरोना पर काबू पाने के लिए शुरू हुआ डोर-टू-डोर सर्वे

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  • सर्वे के लिए तीन-तीन कर्मचारियों वाली कुल 621 टीमें बनाई गईं
  • सर्वे टीम द्वारा परिवार के कुल सदस्यों की संख्या की जानकारी ली जा रही

एक तरफ जहां कोरोना से पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है और कोविड संक्रमितों की तादाद लगातार बढ़ती ही जा रही है. वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर घर जाकर कोरोना से संबंधित स्क्रीनिंग और सर्वे का अभियान भी शुरू कर दिया गया है. इसी कड़ी में पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली में भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा डोर टू डोर स्क्रीनिग कार्य शुरू कर दिया गया है. इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा टीम बनाकर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्क्रीनिंग और कोरोना संबंधित सर्वे कराया जा रहा है.

चंदौली में इस सर्वे के लिए तीन-तीन कर्मचारियों वाली कुल 621 टीमें बनाई गई हैं. जिनमें आशा और आंगनवाड़ी महिला कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है. सर्वे टीम द्वारा परिवार के कुल सदस्यों की संख्या की जानकारी ली जा रही है. इसके साथ ही अगर घर में कोई लक्षण युक्त व्यक्ति है तो उसका भी डाटा तैयार किया जा रहा है. परिवार में लंबी बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों की संख्या भी नोट की जा रही है. इसके साथ-साथ सर्वे टीम द्वारा परिवार के सदस्यों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक भी किया जा रहा है.

गौरतलब है कि लॉकडाउन के बाद सूबे में कोरोना संक्रमितों की तादाद तेजी से बढ़ रही है. इसकी रोकथाम के लिए तमाम तरह की कवायद प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही है. कोरोना संक्रमितों की बढ़ती हुई तादाद ने सरकार के होश उड़ा दिए हैं और सरकार कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए तमाम तरह की कवायद कर रही है. डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग अभियान भी इसी दिशा में बढ़ाया गया एक कदम है.

यह अभियान आज 5 जुलाई से आगामी 15 जुलाई तक चलेगा. जिसमें सर्वे टीम शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों के घर घर जाकर स्क्रीनिंग और कोरोना से संबंधित प्राथमिक जांच करेंगे. घर के सदस्यों की थर्मल स्क्रीनिग भी की जाएगी. उधर सर्वे के बाद संबंधित परिवार के दरवाजे पर कोरोना से बचाव के जागरूकता संबंधित एक स्टीकर भी चश्मा किया जा रहा है.

घर को अच्छे से स्क्रीन कर लिया गया’

चंदौली के डीएम नवनीत सिंह चहल ने बताया, ‘चंदौली में कुल 621 टीम पूरे जनपद भर में लगी है. 5 जुलाई से 15 तारीख तक यह अभियान चलाया जा रहा है. जिसमें डोर टू डोर जनपद के सभी लोगों की स्क्रीनिंग होगी. इसका मकसद यह है कि हमें कोरोना की चेन को तोड़ना है और घर-घर जाकर जागरूकता भी लोगों के बीच में फैलानी है. प्रत्येक टीम में आशा और एक आंगनवाड़ी कर्मी अनिवार्य रूप से रहेंगी. इसके अलावा हमारे ग्राम पंचायत या ग्राम विकास या अन्य किसी विभाग के एक्टिव कर्मचारी रहेंगे. यह 3 लोगों की टीम घर घर जाएगी, सभी लोगों की स्क्रीनिंग करेगी और देखेगी कि कहीं किसी में लक्षण तो नहीं है. अगर लक्षण आते हैं तो जो मेडिकल प्रोटोकॉल है उसके अनुसार कार्य करेगी.’

प्रत्येक घर में जो सर्वे किया जाएगा उसके ऊपर जिस प्रकार से पल्स पोलियो अभियान में घर-घर जाकर यह अभियान चलाया जाता है. उसी प्रकार से, उसी तर्ज पर यह अभियान चलाया जा रहा है. इसमें प्रत्येक घर पर जाकर चॉक से एस अंकित करके कौन सी तारीख को घर का सर्वेक्षण हुआ है वह डालना है. उसके साथ ही एक स्टीकर घर-घर लगाया जाएगा जिससे यह चिंहित हो जाए कि इस घर का सर्वेक्षण हो गया है और एक जागरूकता और प्रचार-प्रसार की कार्यवाही हो गई है और उस घर को अच्छे से स्क्रीन कर लिया गया है.

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