सेवा मित्र एप के माध्यम से कामगारों को मिलेगा रोजगार, सीएम योगी ने सेवायोजन कार्यालयों को सक्रिय करने के दिए निर्देश

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर गुरुवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग द्वारा सेवायोजन से सम्बन्धित वर्तमान पोर्टल के विस्तार तथा सेवा मित्र एप के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण किया गया। इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि इस पोर्टल/एप का उद्देश्य कामगारों का सेवायोजन, उन्हें रोजगार उपलब्ध कराना तथा स्वतः रोजगार के अवसर सृजित करना है। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से स्वरोजगार के लिए प्रयास करने वाले कामगारों को अपना शोरूम इत्यादि खोलने के लिए ऋण उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था इसी पोर्टल पर की जाए। पोर्टल से बैंकों को जोड़ा जाए, ताकि कामगार उनसे ऋण प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकें।

सीएम ने कहा कि ऐसे कामगार, जो ग्राहक के आवास पर जाकर इस पोर्टल के माध्यम से सेवाएं देंगे, उनका चरित्र सत्यापन पुलिस के माध्यम से ऑनलाइन कराया जाए साथ ही कहा कि इस पोर्टल/एप पर माइग्रेण्ट लेबर के साथ-साथ लोकल लेबर का भी डेटा उपलब्ध कराया जाए, ताकि रोजगार के अधिक से अधिक अवसर कामगारों को उपलब्ध हो सकें। उन्होंने जनपदों में स्थापित सेवायोजन कार्यालयों को और सक्रिय करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल/एप से एमएसएमई के एप को भी लिंक किया जाए।

इस प्रस्तुतीकरण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया गया कि वर्तमान पोर्टल को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से इसका विस्तार किया जाएगा। इसमें कुशल/अर्द्धकुशल कामगारों को आच्छादित किया जाएगा। रोजगार की जानकारी उपलब्ध करायी जाएगी।

अभ्यर्थियों के पंजीकरण का विस्तार, नौकरियों की संख्या में वृद्धि, कौशल उन्नयन अथवा आगे पढ़ने की व्यवस्था, कामगारों की निगरानी का प्राविधान तथा कामगारों की गे्रडिंग की व्यवस्था की जाएगी। रोजगार के इच्छुक शिक्षित व्यक्तियों के लिए सेवायोजन प्लैटफाऑर्म होगा, जबकि कुशल/अर्द्धकुशल/अकुशल व्यक्तियों के लिए सेवामित्र प्लैटफाॅर्म होगा। सेवामित्र प्लैटफाऑर्म तथा एप तीन स्तरों पर क्रियाशील होगा, जिनमें शासकीय विभाग, उद्योग तथा उपभोक्ता सम्मिलित होंगे। कामगारों से सेवामित्र के माध्यम से उपभोक्ताओं द्वारा सीधा सम्पर्क भी किया जा सकेगा।

आपको बता दें कि इस पोर्टल पर कामगारों की प्रोफाइल तैयार की जाएगी। कामगारों की निगरानी के लिए टेलीकाॅलर की व्यवस्था की जाएगी। मान्यता प्राप्त संस्थाओं द्वारा कामगारों की गे्रेडिंग करने की भी व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, सेवायोजन हेतु वैश्विक अवसरों की खोज एवं चिन्हांकन भी किया जाएगा।

 

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