सेहत के लिए कच्चा दूध पीते हैं तो न करें ये गलती, शोधकर्ताओं ने बताई खास बात | health – News in Hindi

0
73
.
सेहत के लिए कच्चा दूध पीते हैं तो न करें ये गलती, शोधकर्ताओं ने बताई खास बात

कच्चे दूध को कमरे के तापमान में रखना फिर पीना बीमारियों को न्योता देना है.

कच्चा या बिना पॉश्चराइज्ड दूध (Milk) अगर कमरे के तापमान में छोड़ दिया जाए तो उसमें हानिकारक बैक्टीरिया (Bacteria) पैदा हो सकते हैं.




  • Last Updated:
    July 9, 2020, 1:50 PM IST

दूध पीना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है, लेकिन इसे कैसे और किस तरीके से पी रहे हैं ये भी मायने रखता है. हाल ही के शोध (Research) में सामने आया है कि कच्चा या बिना पॉश्चराइज्ड दूध (Milk) अगर कमरे के तापमान में छोड़ दिया जाए तो उसमें हानिकारक बैक्टीरिया (Bacteria) पैदा हो सकते हैं. माइक्रोबायोम जर्नल (Microbiome Journal) में प्रकाशित इस अध्ययन में पाया गया है कि दूध में रोगाणुरोधी-प्रतिरोधी जीन होते हैं, लेकिन कच्चे दूध को लंबे समय तक गर्म न किया जाए या कमरे के तापमान पर रखा जाए तो इसमें हानिकारक बैक्टीरिया पैदा होने लगते हैं. ऐसे दूध का सेवन करने पर इंसान बीमारी का शिकार हो सकता है.

myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि कच्चे दूध को पॉश्चराइज्ड या होमोजेनाइज्ड नहीं किया जाता. (दुकानों में जो हमें पैकेट में दूध मिलता है, उसी को पॉश्चराइज्ड या होमोजिनाइज्ड मिल्क कहते हैं) कच्चा दूध मुख्य रूप से गाय, बकरी, भैंस और ऊंट से मिलता है. कच्चे दूध में कई पोषक तत्व और एंजाइम होते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता (बीमारियों से लड़ने की ताकत) को बढ़ाने में सहायता करते हैं, एलर्जी को कम करते हैं और यह दूध आसानी से पच भी जाता है. पॉइश्चराइजेशन तत्वों को बनाए रखते हुए दूध को सुरक्षित रखा जाता है. इस प्रक्रिया में दूध को गर्म किया जाता है ताकि हानिकारक सूक्ष्मजीवों को नष्ट कर दूध को लंबे समय तक उपयोग किया जा सके, लेकिन शोध के मुताबिक कच्चे दूध को कमरे के तापमान में रखना और फिर पीना बीमारियों को न्योता देना है.

कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर कच्चा दूध पीना है तो बेहतर होगा कि इसे फ्रिज में रखें. इसकी वजह यह है कि ऐसा करने से एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी जीन के साथ बैक्टीरिया विकसित होने का खतरा कम होता है. कच्चे दूध में अक्सर पॉश्चराइज्ड दूध की तुलना में ज्यादा प्रोबायोटिक्स या स्वस्थ बैक्टीरिया पाए जाने की बात कही जाती है, लेकिन शोधकर्ताओं ने ऐसा नहीं पाया. शोधकर्ताओं के मुताबिक उन्हें दो चीजों ने हैरान किया. उन्हें कच्चे दूध के नमूनों में बड़ी मात्रा में लाभकारी बैक्टीरिया नहीं मिले. उन्होंने यह भी देखा कि अगर कच्चे दूध को कमरे के तापमान पर छोड़ देते हैं, तो पॉश्चराइज्ड दूध की तुलना में इसमें ज्यादा रोगाणुरोधी-प्रतिरोधी जीन बनते हैं. रोगाणुरोधी-प्रतिरोधी जीन वाले बैक्टीरिया में ‘सुपरबग्स’ बनने की क्षमता होती है और इस संक्रमण या बीमारी के इलाज के लिए दवाएं भी तत्काल काम नहीं करती हैं.  यूएस सेंटर्स फॉर डिसऑर्डर कंट्रोल के अनुसार हर साल लगभग 30 लाख लोगों में एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी संक्रमण मिलता है और 35,000 से अधिक लोग मर जाते हैं.ये भी पढ़ें – चीन में फैली एक और खतरनाक बीमारी ‘ब्यूबोनिक प्लेग’, जानें इसके बारे में सब कुछ

इस शोध के लिए टीम ने पांच राज्यों के दूध के 200 नमूनों का विश्लेषण किया, जिसमें कच्चा दूध और पॉश्चराइज्ड दूध शामिल था. अध्ययन में पाया गया कि कमरे के तापमान पर रखे गए कच्चे दूध में एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी रोगाणुओं का प्रसार ज्यादा था. myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला के अनुसार कच्चे दूध का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो इससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल किया जा सकता है. यह पेट और हड्डियों के लिए बेहद फायदेमंद है. त्वचा को भी खूबसूरत बनाता है.

अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, कच्चे दूध के फायदे और नुकसान पढ़ें।

न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं। सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं।

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।



Source link

Authors

.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here