विकास दुबे का एनकाउंटर एक सोची समझी साजिश? खड़े हो रहे ये बड़े सवाल

0
68

कानपुर। कानपुर हत्याकांड का मास्टरमाइंड विकास दुबे आज सुबह ढेर हो गया है। माना जा रहा है कि 8 पुलिसकर्मियों के हत्यारे गैंगस्टर विकास दुबे शुक्रवार सुबह पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया गया। उज्जैन से कानपुर लाते वक्त बर्रा इलाके के पास एसटीएफ की वह गाड़ी पलट गई जिसमें अपराधी विकास दुबे मौजूद था। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना का फायदा उठाकर विकास दुबे ने एक पुलिसकर्मी से हथियार छीनकर भागने की कोशिश की जिसमे पुलिस उसे सरेंडर करने को कहा लेकिन फिर भी वो नहीं रुका और एक्चेंज ऑफ फायर में विकास को गोली लग गई। और वो मारा गया। पुलिस की बताई गई इस बात पर कई सवाल उठ रहे हैं। जिनका जवाब लोग मांग रहे हैं।

आइए आपको बताते हैं विकास दुबे के एनकाउंटर से जुड़े कुछ सवाल जो पुलिस पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

सवाल नं. 1

सबसे पहले तो ये सवाल ख़ड़ा होता होता है कि एसटीएफ की वही गाड़ी कैसे अचानक से पलट गई जिसमें विकास दुबे मौजूद थाअगर इसे संयोग भी माना जाए तो भी बड़ा सवाल यह है कि जब इतने बड़े अपराधी को पुलिस गाड़ी में ला रही थी तो उसके हाथों में हथकड़ी क्यों नहीं डाली गई।

सवाल नं. 2

कल उज्जैन के महाकाल मंदिर से जिस तरह से विकास दुबे की फिल्मी गिरफ्तारी हुई उसको लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया गया कि खुद मंदिर परिसर में कुछ लोगों को अपनी पहचान बताई थी। अगर वो गिरफ्तारी के लिए तैयार नहीं था तो एक हाई सिक्यॉरिटी जोन में विकास क्यों गया? यदि कल गिरफ्तारी के लिए तैयार था तो आज उसने भागने की कोशिश क्यों की?

गाय के दूध में मौजूद प्रोटीन से होने वाली एलर्जी और लैक्टोज इनटॉलेरेंस के बीच क्या है अंतर, आज ही जान लें ये बात | health – News in Hindi

सवाल नं. 3

गुरुवार को विकास के साथी प्रभात और आज यानी की शुक्रवार को विकास दुबे, जिस तरह से इन दोनों का एनकाउंटर हुआ और इस पूरे घटनाक्रम को देखें तो ये सवाल बनता है कि क्या सच में ये एक संयोग है? प्रभात के एनकाउंटर के बाद पुलिस ने इसी तरह का घटनाक्रम बताया था कि पहले पुलिस की गाड़ी पंक्चर हुई फिर प्रभात पुलिसकर्मियों से पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश करने लगा और फिर एनकाउंटर में मारा गया। आज का एनकाउंटर भी कुछ ऐसे ही हुआ।

सवाल नं. 4

लगातार दो दिन में दो एनकाउंटर हुए और दोनों में ही अपराधियों ने पुलिस के हथियार छीनने की कोशिश की। तो अब ये सवाल उठता है कि पुलिसकर्मियों ने अपने हथियार रखने में लापरवाही क्यों बरती? आखिर ऐसे कैसे हो सकता है कि कोई पुलिस से हथियार छीन के भाग जाए।

सवाल नं. 5

इस पूरी घटना में मीडियाकर्मियों ने दावा किया है कि जिस गाड़ी में विकास दुबे को लाया जा रहा था और उसके साथ जो गाड़ियां थी। मीडियाकर्मी की गाड़ी भी उन्हीं के साथ आ रही थी लेकिन दुर्घटना स्थल से कुछ पहले मीडिया और सड़क पर चल रही निजी गाड़ियों को रोक दिया गया था। न्यूज एजेंसी एएनआई ने भी इसका फुटेज जारी किया है। आखिर क्यों मीडिया को आगे बढ़ने से कुछ देर के लिए रोक दिया गया था?

गाय के दूध में मौजूद प्रोटीन से होने वाली एलर्जी और लैक्टोज इनटॉलेरेंस के बीच क्या है अंतर, आज ही जान लें ये बात | health – News in Hindi

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here