सामना में शिवसेना का मोदी सरकार पर हमला

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Edited By Shefali Srivastava | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)

मुंबई

देश में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में 25 हजार नए केस सामने आ चुके हैं। देश में इस वक्त कोरोना के 7 लाख मामले आ चुके हैं जबकि 20 हजार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इस बीच महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ दल शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। सामना में लिखा गया है कि यह युद्ध 21 दिन नहीं बल्कि 2021 तक चलेगा।

सामना में लिखा गया, ‘रविवार को देश में कोरोना पीड़ितों की कुल संख्या 6 लाख 87 हजार हो गई, यानी लगभग 7 लाख हो गई। यह सबसे अधिक साबित हुआ। इसलिए हमने रूस को इस आंकड़े में हरा दिया। यदि यह इसी तरह जारी रहा, तो हम इस दुर्भाग्यपूर्ण मामले में दुनिया में नंबर एक पर पहुंच जाएंगे।’



‘100 दिन बाद भी कोरोना डटा हुआ है’


इसमें आगे कहा गया, ‘महाभारत का युद्ध 18 दिनों तक चला। प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसा आत्मविश्वास व्यक्त किया था कि हम 21 दिनों में कोरोना युद्ध जीत कर ही रहेंगे, लेकिन 100 दिनों के बाद भी कोरोना मैदान में डटा हुआ है और लड़नेवाले थक चुके हैं। यह भयानक तो है ही, लेकिन यह उस देश के लिए भी दुर्भाग्यपूर्ण है, जो आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है।’

सामना में कहा गया, ‘लगातार ऐसे सवाल पूछे जा रहे हैं, जैसे लॉकडाउन का नियोजन नहीं किया, वैसा ही अनलॉक के बारे में भी हो रहा है क्या? ये खोलो, वो खोलो, लोगों को बाहर निकलने दो, कितने दिनों तक लोगों को बंद रखना चाहते हो? लेकिन घर से बाहर निकलते ही कोरोना के दूत बैठे ही हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कुछ हद तक लॉकडाउन में ढील दी, लेकिन ट्रेनें बंद हैं, सैलून खुले हैं।’

‘अनलॉक का मतलब यह नहीं कि सब ठीक हो गया’

संपादकीय के अनुसार, ‘मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि होटल, रेस्तरां और लॉज भी जल्द ही खोले जाएंगे। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सबकुछ ठीक हो गया है और कोरोना संकट खत्म हो गया है। कोरोना रहनेवाला है और हमें कोरोना के साथ जीने के लिए तैयार रहना चाहिए।’

‘सीमा पर चीन और देश में चीनी वायरस जारी रहेगा’

इसमें आगे कहा गया, ‘दुनिया भर में 11 टीके मानव परीक्षण के लिए तैयार हैं, लेकिन किसी भी मामले में इनमें से कोई भी टीका 2021 से पहले आने की संभावना नहीं है। इसलिए हमें इस तथ्य को स्वीकार करना होगा कि सीमा पर चीन का और देश में चीनी वायरस का संकट जारी रहेगा।’

आगे लिखा है, ‘अब तक चीनी घुसपैठ और उसके विस्तारवाद को रोकने के लिए कई प्रयोग और परीक्षण किए गए। कोरोना के साथ जियो ऐसा मंत्र जो कहा जा रहा है, उसी प्रकार ‘हिंदी चीनी भाई भाई’ कहते हुए चीन के साथ जीने की भी तैयारी की गई। फिर भी चीन ने आक्रमण करना नहीं छोड़ा। चीन के साथ जीना संभव नहीं, फिर भी हमें चीन के साथ पड़ोसी व्यवहार निभाना होगा।’

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