क्या UP में अब ‘राजस्थान पार्ट-2’ की तैयारी? आखिर क्यों बदले-बदले नजर आ रहे हैं जनाब! | lucknow – News in Hindi

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लखनऊ. राजस्थान में सचिन पायलट प्रकरण (Sachin Pilot Issue) के बाद यूपी के तमाम कांग्रेसी नेताओं के भी रिएक्शन सामने आ रहे हैं. आमतौर पर तो कमोबेश सभी लोगों की एक जैसी प्रतिक्रिया ही सामने आ रही है, लेकिन कांग्रेस के दिग्गज नेता जितिन प्रसाद की प्रतिक्रिया कुछ हट कर है.

कांग्रेस से सचिन पायलट के निकाले जाने के बाद जितिन प्रसाद (Jitin Prasad) ने प्रतिक्रिया देते हुए ट्विटर पर लिखा,”पायलट मेरे सिर्फ सहकर्मी ही नहीं बल्कि मेरे दोस्त भी हैं. कोई इस बात से इंकार नहीं कर सकता कि उन्होंने पार्टी के लिए बहुत तन्मयता से काम किया है. मैं उम्मीद करता हूं कि हालात अभी भी संभल सकते हैं, जो भी हो रहा है वो दुखद है.”

हैरान करने वाली बात यह है कि जितिन प्रसाद को अभी भी सचिन पायलट के मामले में उम्मीद की किरण नजर आ रही है. उनकी यही प्रतिक्रिया उन्हें कांग्रेस के बाकी दूसरे नेताओं से अलग करती है. जितिन प्रसाद के इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कई लोगों ने राहुल गांधी के करीबी नेताओं में बेचैनी की बात कहनी शुरू भी कर दी.

मायावती को आभार जताने पर कांग्रेस खेमे में मची थी खलबली

अभी कुछ ही दिन पहले जितिन प्रसाद ने ट्विटर पर मायावती को आभार व्यक्त किया था. इस ट्वीट के बाद पूरे कांग्रेस खेमे में काफी खलबली महसूस की जा रही है. खलबली का मजबूत आधार भी है. कुछ ही दिनों पहले महासचिव प्रियंका गांधी ने मायावती को भाजपा का अघोषित प्रवक्ता करार दिया था. बसपा और कांग्रेस के बीच पिछले दिनों में जबरदस्त राजनीतिक लड़ाई चल रही है. ऐसे में प्रियंका गांधी का कोई सिपाही मायावती के प्रति आभार व्यक्त करें, यह बात खलबली पैदा करने वाली तो है ही.

बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट के जरिए कहा था कि विकास दुबे जैसे दुर्दांत अपराधियों को लेकर किसी समुदाय विशेष पर उंगली नहीं उठाई जानी चाहिए या उन्हें कटघरे उन्हें कटघरे में नहीं खड़ा किया जाना चाहिए. उनके इसी बयान पर जितिन प्रसाद ने मायावती को आभार व्यक्त किया था.

पिछले दिनों कांग्रेस के जितने भी आंदोलन हुए उन सभी में जितिन प्रसाद की भागीदारी की कमी देखने को मिली. पेट्रोल डीजल के दाम के मामले पर आंदोलन हो या फिर अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शाहनवाज आलम की गिरफ्तारी का मामला, कांग्रेस के किसी भी आंदोलन में प्रदेश के नेताओं के साथ सड़क पर जितिन प्रसाद नहीं दिखे. तो क्या जितिन प्रसाद का यह अलगाव कांग्रेस से उनकी बढ़ती दूरी को दिखाता है?

जितिन प्रसाद इनदिनों ब्रह्म चेतना संवाद के माध्यम से प्रदेश में ब्राह्मणों को एकजुट करने के लिए अभियान चलाए हुए हैं. वे हर जिले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ब्राह्मण समुदाय के लोगों से बात कर रहे हैं. खास बात यह है कि उनका यह प्रयास पार्टी लाइन से बिल्कुल अलग है. पार्टी ने औपचारिक तौर पर जितिन प्रसाद को ऐसी कोई जिम्मेदारी नहीं सौंपी है. ना ही पार्टी का दूसरा कोई नेता ऐसा अभियान ही चला रहा है.

इन सभी मुद्दों पर जितिन प्रसाद के क्या रहे जवाब

मायावती को आभार व्यक्त करने के मामले पर जितिन प्रसाद ने न्यूज़ 18 को बताया कि सबके देखने का अलग अलग नजरिया होता है. ब्राह्मण समाज के प्रति अपना समर्थन दिखाने के लिए मैंने उन्हें धन्यवाद दिया लेकिन मेरा यह भी कहना है कि वह इसका ठेका नहीं ले सकती जबकि एक बार साथ लेकर वह धोखा दे चुकी हैं.

इसी तरह ब्रह्म चेतना संवाद शुरू किए जाने को लेकर जितिन प्रसाद ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत अभियान है. इसका पार्टी से कोई लेना देना नहीं है.

वहीं कांग्रेस पार्टी के सड़क पर आंदोलनों से उनके गायब रहने के सवाल पर जितिन प्रसाद ने कहा कि पिछले दिनों यह सारे आंदोलन लखनऊ में चले और मैं लखनऊ में थोड़ी हूं.

सचिन पायलट को लेकर अपने किए गए ट्वीट पर जितिन प्रसाद ने कहा कि उन्होंने पार्टी के हित में यह बात कही है. सचिन मेरे दोस्त रहे हैं इसलिए उनके भी हित की बात कही है.

जितिन प्रसाद ने ट्विटर के जरिए जब मायावती का आभार व्यक्त किया था तब कांग्रेस नेताओं की तरफ से कोई खास प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी. अब जबकि सचिन पायलट के प्रति जितिन प्रसाद की सहानुभूति सामने आई है तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से जितिन प्रसाद के इस रुख पर भी कोई प्रतिक्रिया आती है या पहले जैसी खामोशी छाई रहती है.



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