लखनऊ: पुलिस अफसर बन महिलाओं को ब्लैकमेल करने वाले दो गिरफ्तार, ऐसे ऐंठते थे पैसे | lucknow – News in Hindi

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एडीजी विमेन पावर लाइन नीरा रावत ने बताया पकड़े गए बदमाश महिलाओं को फोन करके उनके खिलाफ शिकायत दर्ज होने की बात कह कर उन्हें कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे रकम ऐंठते थे.

लखनऊ. प्रतापगढ़ (Pratapgarh) पुलिस (Police) ने पुलिस अफसर बनकर महिलाओं को ब्लैकमेल करने वाले दो शातिर बदमाशों को दबोचा है. दोनों शातिर शिकायत दर्ज होने की बात कहकर महिलाओं को ब्लैकमेल करते थे. इसकी शिकायत मिलनेके बाद वीमेन पॉवर लाइन (Women Power Line) 1090 के निर्देश पर प्रतापगढ़ पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया. दोनों के खिलाफ वीमेन पॉवरलाइन में एक साल में 37 शिकायत दर्ज की गई हैं. दोनों के पास से पांच मोबाइल नंबर मिले हैं, जिनमे से तीन फर्जी आईडी पर लिए गए है.

एडीजी विमेन पावर लाइन नीरा रावत ने बताया पकड़े गए बदमाश महिलाओं को फोन करके उनके खिलाफ शिकायत दर्ज होने की बात कह कर उन्हें कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे रकम ऐंठते थे. एडीजी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ 37 से ज्यादा शिकायतें 1090 हेल्पलाइन पर आई थी. नीरा रावत के मुताबिक प्रतापगढ़ के बाघराय थाना क्षेत्र के रोहित शुक्ला और असवांश के खिलाफ लगातार शिकायतें आ रही थी कि ये दोनों आरोपी महिलाओं का मोबाइल नंबर हासिल करके ख़ुद को पुलिस अफसर बताते हुए फोन करते थे कि उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है. इसके बाद दोनों आरोपी महिलाओं को गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे पैसे ऐंठ लेते थे.

कई महिलाओं ने ऑनलाइन रकम ट्रांसफर भी की

एडीजी विमेन पावर लाइन नीरा रावत ने बताया कि दोनों शातिर कुछ अन्य महिलाओं के फोटो फेसबुक, व्हाट्सएप अन्य सोशल साइट से हासिल कर लेते थे. इसके बाद इन तस्वीरों को सॉफ्टवेयर से एडिट करके उन्हें अश्लील बनाकर भी ब्लैकमेल करते थे. नीरा रावत ने बताया कि काउंसलिंग के बाद भी दोनों आरोपी नहीं सुधरे तो उनको प्रतापगढ़ पुलिस से कहकर गिरफ्तार करवाया गया है. रोहित के पास 5 मोबाइल मिले हैं इनमें से तीन फर्जी आईडी पर हैं. कुछ महिलाओं एन डर की वजह से ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर किये.

गिरफ़्तारी की डर से पेड़ पर सोता था रोहित

एडीजी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी असवांश एमसीए कर चुका है और इलाके में ग्राहक सेवा केंद्र भी चला रहा था. पुलिस को यह भी शक है कि ग्राहक सेवा केंद्र में आने वाली महिलाओं के नंबर हासिल करके ब्लैक मेलिंग का काम करता था. असवांश को ग्राहक सेवा केंद्र के जरिए महिलाओं की परेशानी का भी पता चल जाता था. एडीजी ने बताया कि जब रोहित को लगा कि पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है तो रोहित अपने घर में नहीं बल्कि पास के जंगल के किनारे लगे पेड़ पर सोता था, पुलिस के आने पर वह पेड़ से कूद कर जंगल में भाग जाता था.

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