मास्क पहनकर न करें ये काम, सेहत को हो सकता है नुकसान | health – News in Hindi

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मास्क पहनकर न करें ये काम, सेहत को हो सकता है नुकसान

मास्‍क पहन कर एक्‍सरसाइज नहीं करनी चाहिए. (Photo-Pixabay)

विशेषज्ञों के मुताबिक मास्‍क पहन कर दौड़ने से फेफड़ों (Lungs) पर दबाव पड़ता है, जो सेहत (Health) के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.

कोरोनावायरस (Coronavirus) के संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है. ऐसे में इसके खतरे के मद्देनजर लगातार मास्‍क (Mask) पहन कर ही बाहर निकलना पड़ रहा है. मगर वे लोग जिनको नियमित तौर पर व्‍यायाम (Exercise) करने की आदत है या फिर वे रोज दौड़ लगा कर अपने दिन की शुरुआत करते हैं, ऐसे लोगों को मास्‍क पहन कर एक्‍सरसाइज नहीं करनी चाहिए और न ही दौड़ ही लगानी चाहिए. रोचक पोस्‍ट की खबर के मुताबिक विशेषज्ञों का मानना है क‍ि  मास्‍क पहन कर दौड़ने से फेफड़ों (Lungs) पर दबाव पड़ता है, जो सेहत (Health) के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.

संक्रमण के खतरे के बीच जीवन सामान्‍य होने लगा है. लोग इंफेक्‍शन के खतरे को देखते हुए दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए मास्‍क लगा कर बाहर निकल रहे हैं. हालांकि इस बीच यह जरूर ख्‍याल रखना है कि मास्‍क उस वक्‍त न पहना जाए जब एक्‍सरसाइज की जा रही हो या फिर दौड़ लगाई जा रही हो. फिटनेस एक्सपर्ट के मुताबिक मास्‍क पहन कर दौड़ लगाना दिल और फेफड़ों को नुक्‍सान पहुंचा सकता है. यहां तक कि इससे जान भी जा सकती है.

चीन में ऐसे कई मामले सामने भी आ चुके हैं. इसलिए मास्‍क पहन कर कोई भी ऐसा काम न करें जिससे कि फेफड़ों या दिल पर दबाव पड़े. दरअसल, मास्क पहनकर दौड़ लगाना या कोई शरीर पर दबाव डालने वाला काम करने से ऑक्सीजन लेने और कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ने का संतुलन बिगड़ सकता है, क्‍योंकि इससे फेफड़ों आदि अंगों पर दबाव पड़ता है, जो सेहत के लिए नुक्‍सानदायक हो सकता है.

ये भी पढ़ें – स्वाद में कड़वा पर सेहत के लिए बेस्ट है करेला, जानिए कैसेडॉक्टर्स के मुताबिक फेफड़े पंक्चर हो जाने की स्थिति को न्यूमोथ्रोक्स कहा जाता है. इसमें फेफड़े पंक्चर हो जाते हैं और हवा फेफड़े और चेस्ट वॉल के बीच में भर जाती है. इसके बाद आदमी के फेफड़े कम करना बंद कर देते हैं और उसे सांस लेने में तकलीफ होती है. इस स्थिति में इंसान की मृत्यु तक हो सकती है. डॉक्टर्स के मुताबिक मास्क पहन कर रनिंग करने से फेफड़ों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता है और इन्‍हें ऑक्सीजन भी पर्याप्त मात्रा नहीं मिल पाती. ऐसे में रनिंग करते समय फेफड़ों को क्षमता से ज्यादा काम करना पड़ता है और वे जवाब दे देते हैं.



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