Maharashtra politics: महाराष्ट्र: कांग्रेस ने महाविकास अघाड़ी सरकार को किया अलर्ट, मतभेद दूर करने की कवायद शुरू – congress alert maha vikas aghadi in maharashtra after rajasthan scenario

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शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस की सरकारशिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस की सरकार
हाइलाइट्स

  • राजस्थान के बाद महाराष्ट्र में अलर्ट मोड पर कांग्रेस
  • महाविकास अघाड़ी को मतभेद दूर करने की सलाह
  • महाराष्ट्र में भी ऑपरेशन लोटस की आशंका से अलर्ट
  • शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने की चर्चा

मुंबई

राजस्थान के सियासी भूकंप का असर महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार के भीतर भी दिखाई दे रहा है। राजस्थान के राजनीतिक संकट से जूझ रहे कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली से महाराष्ट्र में एहतियात बरतने का संदेश भेजा। इसके बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार, महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोरात और राज्य के पूर्व कांग्रेसी मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण से चर्चा की।

कांग्रेसी सूत्रों का कहना है कि तीनों पार्टियों के इन चारों वरिष्ठ नेताओं की इस खास मीटिंग में महाराष्ट्र में बीजेपी के संभावित ‘ऑपरेशन लोटस’ को विफल करने के लिए महाविकास अघाड़ी सरकार के भीतर असहमति, नाराजी और असमन्वय के छेदों को भरने की कवायद की गई।

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कांग्रेस के भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली से राहुल गांधी के एक करीबी बड़े नेता सोमवार की शाम को पार्टी आलाकमान का खास संदेश लेकर मुंबई आए। महा विकास अघाड़ी सरकार के खास नेताओं को संदेश देकर वह दिल्ली लौट गए। फिर दिल्ली से इसी नेता को सीलबंद लिफाफा देकर जयपुर भेजा गया, जो उन्होंने आधी रात के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सौंपा। मंगलवार सुबह हुई राजस्थान कांग्रेस विधायक दल की बैठक में इसी के आधार पर फैसला किया गया।

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अघाड़ी में सहमति

1. कैबिनेट मंत्रियों और राज्य मंत्रियों के बीच अधिकारों के बंटवारे पर सहमति बनी।

2. सभी मंत्रियों को बजट में दिए गए आवंटन की एक निश्चित राशि उनके मंत्रालय द्वारा विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च करने के अधिकार देने पर सहमति बनी। इस मुद्दे पर कांग्रेस के मंत्रियों में खासकर वित्त मंत्री अजित पवार से काफी नाराजगी थी। अब खर्चे के लिए मंत्रियों को वित्त मंत्रालय और अजित पवार के चक्कर नहीं लगाने होंगे।

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युवा बिग्रेड पर नजर

मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया और राजस्थान में सचिन पायलट की कांग्रेस से बगावत के बाद महाराष्ट्र और मुंबई कांग्रेस के युवा नेताओं, जिनमें दो पूर्व सांसद और एक पूर्व केंद्रीय मंत्री भी हैं, के बीजेपी के संपर्क में होने को लेकर चल रही खबरों पर भी चर्चा हुई। हालांकि थोरात और चव्हाण ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।

रहें खबरदार

बैठक में राजस्थान के घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबियों पर आयकर और प्रवर्तन निदेशालय के छापों को देखते हुए इस तरह के हालात से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने की बात भी हुई।

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