Uddhav Thackeray: प्रभारियों के सहारे चल रही है आघाडी सरकार – aghadi government is running with the help of in-charge

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NBT

मुंबई

महाराष्ट्र में आईएएस अधिकारियों की नियुक्त को लेकर महा विकास आघाडी सरकार में तनातनी चरम पर है। सरकार के तीनों दलों में विवाद के चलते महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं, या फिर प्रभारी के सहारे चल रहे हैं, जबकि राज्य में इस महीने ही नए सचिव के तौर पर संजय कुमार ने कमान संभाली है। उनकी नियुक्ति के बाद माना जा रहा था कि बड़े पैमाने पर प्रशासनिक बदलाव होंगे और महाराष्ट्र को प्रभारियों से मुक्ति मिलेगी, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि अधिकारियों के तबादलों को लेकर मुख्य सचिव ने लंबी बैठक की है।

महाराष्ट्र में लंबा तजुर्बा रखने वाले आईएसएस अधिकारियों की लंबी सूची है, फिर भी सरकार के प्रमुख विभाग खाली पड़े हैं, या फिर उनकी जगह पर प्रभारी अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। सरकार के प्रमुख 66 विभागों में से 11 विभागों में प्रभारी काम कर रहे हैं। इससे सरकार के काम पर असर पड़ रहा है। वर्तमान मुख्य सचिव संजय कुमार के पास पहले गृहनिर्माण था और गृह विभाग के वे प्रभारी थे।

उनके मुख्य सचिव बनाए जाने के बाद गृहनिर्माण विभाग पर प्रधान सचिव एसवीआर श्रीनिवासन को प्रभारी नियुक्त किया गया है। अब श्रीनिवासन आईटी और गृहनिर्माण दोनों देख रहे हैं। मुख्य सचिव के प्रमुख दावेदार अतिरिक्त मुख्य सचिव सीताराम कुंटे के पास जीएडी था। अब जीएडी के साथ-साथ उन्हें गृह विभाग का प्रभारी बनाया गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज सौनिक पीडब्ल्यूडी विभाग में थे। उन्हें वित्त विभाग में भेज दिया, लेकिन पीडब्ल्यूडी ने उनका पीछा नहीं छोड़ा।

अब वे प्रभारी के तौर पर पीडब्ल्यूडी में काम कर रहे हैं। ऊर्जा विभाग की कमान असीम गुप्ता के पास थी। उनकी तबीयत खराब होने के बाद से लेकर अब वहां कौन काम कर रहा है, इसकी कोई जानकारी सरकार के पास भी नहीं है। राज्य के पर्यटन विभाग पर प्रधान सचिव वल्सा नायर सिंह और संस्कृति विभाग में सविच डॉ. संजय मुखर्जी भी प्रभारी के तौर पर काम रहे हैं, जबकि मुखर्जी के पास मेडिकल एजुकेशन है। वल्सा नायर सिंह महाराष्ट्र नगर विमान विभाग की प्रमुख हैं। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. प्रदीप व्यास के पास सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के दोनों प्रमुख पद हैं। बताया जा रहा है कि बीपीटी में कार्यरत संजय भाटिया इसी महीने सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके रिटायरमेंट के बाद तबादलों का दौर शुरू हो सकता है।

सरकार में मनमुटाव

शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की तीन दलों वाली महा विकास आघाडी सरकार में तालमेल की भारी कमी है। इससे इनके बीच विवाद भी बहुत ज्यादा है। अधिकारियों की नियुक्त को लेकर पिछले दिनों भारी विवाद सामने आया। गृहविभाग ने आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद तबादले रद्द कर दिए गए। नवी मुंबई मनपा में अभिजीत बांगर को आयुक्त नियुक्त किया गया, लेकिन विवाद के चलते उन्हें 23 दिन बाद चार्ज मिला।

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