मथुरा नगर निगम की बैठक में BJP पार्षद को आया गुस्सा, नगर आयुक्त पर चलाई चप्पल, देखें Video | mathura – News in Hindi

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मथुरा. राजनीति में अब कहां थप्पड़ या चप्पल चल जाए, कहना मुश्किल है. ताजा मामला मथुरा नगर निगम (Mathura Municipal Corporation) की बैठक का है. इस बैठक में भाजपा पार्षद (BJP Councilor) दीपिका रानी सिंह भी मौजूद थीं. बीच बैठक में वे मंच तक पहुंच कर नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) रविंद्र कुमार को चप्पल मारना चाहीं. वीडियो में देखा जा सकता है कि नगर आयुक्त तो इस चप्पल से बच गए पर बचाव करने आए नगर आयुक्त के पीए को चप्पल पड़ी. बाद में भाजपा पार्षद दीपिका रानी सिंह ने कहा, “नगर आयुक्त को इलाके की परेशानियां बता रही थीं, उन्होंने मेरा हाथ झटका और कहा – चल बैठ! मुझे गुस्सा आ गया।”

वैसे, जूता-चप्पल या थप्पड़ चलने का इतिहास पुराना है. कभी नेता किसी अफसर पर लात-घूंसे बरसा देते हैं तो कभी आम जनता नेताओं पर हमला कर अपने गुस्से का प्रदर्शन करती है. आइए इतिहास के उस हिस्से की याद दिलाएं जब नेताओं पर जूते या चप्पल फेंके गए.

आइए एक नजर डालें ऐसी ही कुछ बड़ी घटनाओं पर, जिसमें नेताओं पर जूता चलाकर लोगों ने अपनी भड़ास निकालने की कोशिश की.

मनमोहन सिंह : यूपीए की तरफ से प्रधानमंत्री का दो कार्यकाल पूरा करनेवाले डॉ. मनमोहन सिंह पर 2009 में अमदाबाद में एक चुनावी सभा के दौरान जूता फेंका गया. हालांकि उन तक जूता पहुंचा ही नहीं. इस घटना के बाद भी वह भाषण देते रहे. हितेश चौहान नामक युवक ने यह जूता फेंका था.

लालकृष्ण आडवाणी : भारतीय जनता पार्टी के भीष्म पितामह एलके आडवाणी भी जूता प्रकरण से बच नहीं पाए हैं. अप्रैल 2009 में जब एनडीए की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी दौरे पर थे, तब उन पर चप्पल चलाई गई थी. घटना मध्य प्रदेश के कटनी में हुई थी. उस समय आडवाणी एक सभा को संबोधित कर रहे थे. उन पर चप्पल फेंकने वाला भाजपा का ही कार्यकर्ता पावस अग्रवाल था.

पी. चिदंबरम : यूपीए सरकार में केंद्रीय वित्त मंत्री और गृह मंत्री रह चुके पी. चिदंबरम 2009 में नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता कर रहे थे. तभी एक बड़े अखबार के प्रतिनिधि ने उन पर जूता फेंक कर मारा था. उस समय चिदंबरम जगदीश टाइटलर को सीबीआई की ओर से क्लीन चिट दिए जाने पर बोल रहे थे. यह पत्रकार उनसे संतुष्ट नहीं हुआ और विरोध करते हुए उनके ऊपर जूता फेंक दिया.

उमर अब्दुल्ला : नेशनल कांफ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर 2010 में एक पुलिस अधिकारी ने जूता फेंका था. स्वतंत्रता दिवस समारोह में शिरकत करने के दौरान उमर पर जूता फेंका गया.

राहुल गांधी : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर 2012 में देहरादून की एक रैली के दौरान जूता फेंका गया. इसके बाद 2016 में भी राहुल गांधी पर जूता फेंका गया था.

जीतन राम मांझी : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी पर जनवरी 2015 में जूता फेंका गया था. मांझी पर जूता उस समय उछाला गया, जब वह पटना में अपने निवास पर जनता दरबार में लोगों से मिल रहे थे.

इन सबके अलावा, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल संभवतः अकेली ऐसी बड़ी राजनीतिक शख्सियत हैं, जिनपर जूता सहित, थप्पड़, मिर्च पाउडर, स्याही तक फेंकी गई है.



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