Mandir pujan nahi, lakdaun se ho rahe aarthik nukasan par dh‍yan de modi sarakar: Sharad Pawar, मंदिर पूजन नहीं, लॉकडाउन से हो रहे आर्थिक नुकसान पर ध्‍यान दे मोदी सरकार: शरद पवार

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कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों के बीच अयोध्‍या में राम मंदिर भूमिपूजन की तैयारियों पर एनसीपी चीफ शरद पावर (Sharad Pawar) ने एतराज जताया है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री (Modi Government) को पहले कोरोना के खात्मे पर ध्यान देना चाहिए, बाकी काम बाद में करना चाहिए।

Edited By Sujeet Upadhyay | नवभारत टाइम्स | Updated:

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हाइलाइट्स

  • अयोध्‍या में राम मंदिर भूमिपूजन को लेकर की जा रही तैयारियों पर एनसीपी चीफ शरद पावर ने निशाना साधा
  • कहा- कुछ लोगों को लगता है कि मंदिर बनाने से कोरोना खत्म होगा। किस बात को महत्व देना चाहिए ये तय करना होगा
  • सूत्रों के मुताबिक, राम मंदिर भूमि पूजन के लिए 5 अगस्‍त को अयोध्‍या जा सकते हैं पीएम मोदी

मुंबई

उत्तर प्रदेश के अयोध्‍या में राम मंदिर भूमिपूजन को लेकर की जा रही तैयारियों पर एनसीपी चीफ शरद पावर ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्‍होंने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि मंदिर बनाने से कोरोना खत्म होगा। किस बात को महत्व देना चाहिए ये तय करना होगा। हमें लगता है कि पहले कोरोना खत्म होना चाहिए। लॉकडाउन की वजह से आर्थिक नुकसान हो रहा है, केंद्र सरकार को उस पर ध्यान देना चाहिए।

मुंबई में रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में शरद पवार ने कहा, ‘हमें ऐसा लगता है कि कोरोना में जो लोग फंसे हैं, उन्हें कैसे बाहर निकाले, हम उसे जरूरी समझते हैं। कुछ लोगों को लगता है कि मंदिर बनकर शायद करोना चला जाएगा। शायद उसी लिए उन्होंने ऐसा कार्यक्रम किया होगा, मैं नहीं जानता। हमें कोरोना का संकट बड़ा लगता है और उसकी वजह से लॉक डाउन हुए हैं, जिसमें छोटे-बड़े उद्योगों पर आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। हमें चिंता है और राज्य और केंद्र सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए ऐसा मुझे लगता है। इस हफ्ते हमारे साथी सांसद दिल्ली जाकर सरकार के सामने अपनी बात रखेंगे।’

अयोध्या: 5 अगस्त को राम मंदिर की नींव रखेंगे मोदीअयोध्या: 5 अगस्त को राम मंदिर की नींव रखेंगे मोदी

5 अगस्‍त को मोदी जा सकते हैं अयोध्‍या

गौरतलब है कि एक दिन पहले शनिवार को अयोध्‍या में राम मंदिर ट्रस्‍ट की बैठक आयोजित हुई थी। इसमें बताया गया कि राम मंदिर भूमि पूजन के लिए 3 या 5 अगस्‍त को पीएम नरेंद्र मोदी अयोध्‍या जा सकते हैं। सूत्र बता रहे हैं कि 5 अगस्‍त को पीएम मोदी अयोध्‍या भूमि पूजन करने आ सकते हैं। इससे

संत समाज में उत्‍साह का माहौल है।

भूमि पूजन के लिए दो तारीख तय की गई थीं

शनिवार को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक के बाद दो तारीखें तय की गई थीं। सर्किट हाउस में हुई बैठक में चंपत राय के अलावा अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, कामेश्वर चौपाल, नृत्यगोपाल दास, गोविंद देव गिरी महाराज और दिनेंद्र दास समेत दूसरे ट्रस्टी मौजूद रहे।

Video-अयोध्या पहुंचे संतों का राम मंदिर पर बड़ा ऐलान

  • Video-अयोध्या पहुंचे संतों का राम मंदिर पर बड़ा ऐलान
  • वीएचपी के मॉडल को मिल सकती है हरी झंडी

    आपको बता दें कि इस साल फरवरी में ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मंदिर के डिजाइन लिए विश्व हिंदू परिषद (VHP) के मॉडल को हरी झंडी दे सकते हैं। फिलहाल अभी पुष्ट नहीं हुआ है। ट्रस्ट पूरे परिसर के लिए विभिन्न डिजाइनों और लेआउटों को देख रहा है, जिनमें पार्किंग, तीर्थ यात्रियों के लिए सुविधाएं, परिक्रमा की व्यवस्था, किचन, गौशाला, म्युजियम, प्रदर्शनी और आराम करने की जगहें भी शामिल हों।

  • चंद्रकांत सोमपुरा ने बनाया था राम मंदिर मॉडल

    वीएचपी के राम जन्मभूमि मंदिर मॉडल मशहूर आर्किटेक्ट चंद्रकांत सोमपुरा ने बनाया था। उन्हें वीएचपी के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल ने यह काम सौंपा था। यह मॉडल भगवान विष्णु के पसंदीदा अष्टकोणीय आकार में होगा। नागर शैली में पूर्णतया पत्थरों से बनने वाले दो मंजिला मंदिर में पांच प्रखंड होंगे।

  • 2 मंजिल, 5 प्रवेशद्वार और अष्टकोणीय आकार

    वीएचपी ने कई साल मंदिर निर्माण के लिए अलग-अलग नक्शों पर विचार किया और फिर एक नक्शा तैयार किया। इस नक्शे को राम मंदिर का मूल स्वरूप माना जा रहा है। इस प्रस्तावित नक्शे के मुताबिक मंदिर 128 फीट ऊंचा, 140 फीट चौड़ा और 268.5 फीट लंबा होगा। इस दो मंजिला मंदिर में 212 स्तंभ होंगे।

  • मंदिर में लोहे का इस्तेमाल नहीं होगा

    मंदिर की छत पर एक शिखर होगा, जिसे भव्यता को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा। मंदिर में पांच प्रवेशद्वार (सिंहद्वार, नृत्यमंडप, रंग मंडप, पूजा-कक्ष और गर्भगृह) होंगे। रामलला की मूर्ति निचले स्तर पर ही विराजमान होगी। खास बात यह है कि मंदिर में लोहे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। पूरे मंदिर के निर्माण में करीब 1.75 लाख घन फुट पत्थर की आवश्यकता होगी।

  • दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर बनाने की मांग

    ट्रस्टी स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने बताया कि वह चाहते हैं कि वीएचपी के ही मॉडल को मंदिर के लिए अपनाया जाए। स्ट्रक्चर के लिए पत्थरों भी तैयार हैं। वासुदेवानंद ने बताया कि मंदिर शानदार होना चाहिए, सबसे बड़ा होना चाहिए। संत ट्रस्ट पर दबाव नहीं बना सकते।

  • राम नवमी 2022 तक बनकर तैयार होगा राम मंदिर!

    ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास ने बताया कि एक बार ले आउट फाइनल होने के बाद ट्रस्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क करेगा। पीएम से मंदिर निर्माण से पहले भूमि पूजन करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि मंदिर का निर्माण 2022 की राम नवमी तक बनकर तैयार हो जाएगा।

  • पीएम मोदी करेंगे भूमि पूजन

    आज 10 जून को रामजन्मभूमि कैंपस के कुबेर टीला में रूद्राभिषेक पूजा कराई गई। महंत कमल नयन दास के साथ आधा दर्जन लोग इसमें शामिल हुए। मणिराम छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने कहा कि मंदिर निर्माण शुरू करने के लिए राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट तैयारी कर रहा है। पीएम मोदी को इसका भूमि पूजन करना है।

कई बार साधु-संतों ने की थी मांग

बता दें कि राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल नवंबर में फैसला सुनाया था लेकिन बीजेपी के साथ यह मसला लंबे वक्त से जुड़ा रहा। इसलिए अयोध्या के साधु-संतों ने कई बार मांग की कि पीएम मोदी को एक बार अयोध्या जरूर आना चाहिए। पिछले साल यह मौका आया भी जब 1 मई को अयोध्या के मया बाजार में आयोजित चुनावी रैली में पीएम मोदी शामिल रहे। मोदी का रैली स्थल रामजन्मभूमि से 24 किमी की दूरी पर ही था।

अयोध्या: राम मंदिर निर्माण की तारीख हुई तयअयोध्या: राम मंदिर निर्माण की तारीख हुई तय

कुछ ऐसा होगा राम मंदिर

यूपी के अयोध्‍या में शनिवार को हुई बैठक के बाद ट्रस्‍ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि राम मंदिर 161 फीट ऊंचा होगा। इसमें अब तीन की बजाय पांच गुंबद बनाए जाएंगे। चंपत राय ने बताया कि सोमपुरा मार्बल ब्रिक्स ही मंदिर का निर्माण करेगा। सोमनाथ मंदिर को भी इन लोगों ने बनाया है, मंदिर बनाने में पैसे की कमी नहीं होगी, मंदिर के लिये 10 करोड़ परिवार दान देंगे। उन्‍होंने आगे बताया कि कंपनी लार्सन ऐंड टुब्रो मिट्टी परीक्षण के लिए नमूने जुटा रही है। मंदिर की नींव का निर्माण मिट्टी की क्षमता के आधार पर 60 मीटर नीचे किया जाएगा। नींव रखने का काम नक्‍शे के आधार पर शुरू होगा।

Web Title modi government will focus on economic loss caused by lockdown, not temple worship: sharad pawar(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

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