क्या गर्मियों में आप हो जाते हैं आलसी? जानिए इस समस्या से निपटने के उपाय | health – News in Hindi

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क्या गर्मियों में आप हो जाते हैं आलसी? जानिए इस समस्या से निपटने के उपाय

मेलोटोनिन हार्मोन में असंतुलन के कारण नींद और सुस्ती की समस्या बढ़ जाती है.

शरीर (Body)में मेलाटोनिन हार्मोन(Melatonin hormone)होता है, जो सूर्य (Sun)की रोशनी में लगातार रहने इसके उत्पादन की गति धीमी हो जाती है. इससे ही आलस्य (Laziness), थकान और सुस्ती (Lethargy) के लक्षण नजर आते हैं.




  • Last Updated:
    July 20, 2020, 1:37 PM IST

गर्मी के मौसम में दिन भर नींद आना और थकान महसूस होना आम बात है, लेकिन यह कुछ देर के लिए होनी चाहिए. कुछ लोगों को दिन भर आलस्य और सुस्ती की समस्या होती है. यही नहीं लोगों को गर्मी के दिनों में कुछ करने का मन नहीं होता और थकान भी महसूस करते हैं. इस मौसम में भूख कम लगने के साथ ऊर्जा में कमी होती है, जिससे सुस्ती महसूस होती है. इसकी एक बड़ी वजह मेलाटोनिन हार्मोन है. सूर्य की अधिक रोशनी में लगातार रहने से कुछ लोगों में अल्ट्रावॉयलेट किरणों के प्रभाव से इसका उत्पादन गड़बड़ाने लगता है. सूर्य की तेज रोशनी के कारण शरीर में गर्मी बढ़ जाती है और इस हार्मोन के उत्पादन की गति धीमी हो जाती है. इससे ही आलस्य, थकान और सुस्ती के लक्षण नजर आते हैं.

myUpchar से जुड़ीं डॉ. मेधावी अग्रवाल का कहना है कि मेलोटोनिन वास्तव में नींद से जुड़ा एक हार्मोन है. ग्रंथि का स्त्राव दिन के दौरान कम मेलाटोनिन पैदा करता है. अंधेरा होता है तो इसके उत्पादन में वृद्धि होती है. इस हार्मोन का संबंध नींद से भी है. इससे बचने के लिए बेहतर यही होगा कि धूप में जाने पर छाते का इस्तेमाल करें. शरीर के तापमान को सामान्य रखने की कोशिश करें.

इसके अलावा डिहाइड्रेशन भी गर्मी में आलस्य और सुस्ती की एक मुख्य वजह है. इस मौसम में ज्यादा पसीना आने से यह डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी की वजह बनता है. इससे चक्कर आना, थकान जैसी परेशानी होती है. इससे बचने के लिए थोड़े-थोड़े अंतराल में तरल पदार्थों जैसे फलों का जूस, नींबू पानी का सेवन करते रहें. इसके साथ खूब पानी पिएं.

myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. केएम नाधिर का कहना है नींबू पानी में सिट्रिक एसिड और विटामिन सी खूब पाया जाता है जो कि सुस्ती को दूर करने के लिए प्रभावी उपाय है. यह गर्मी को कम करता है और ऊर्जावान रखता है. इसके अलावा सब्जियों और फलों से भी सुस्ती दूर होती है. आहार में सब्जियों और फलों को शामिल करने से मेटबॉलिज्म सिस्टम दुरुस्त होता है और इम्यून सिस्टम मजबूत करने में मदद मिलती है.myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. अनुराग शाही का कहना है कि गर्मी में पसीना ज्यादा आने से शरीर में नमक की कमी हो जाती है. सोडियम की कमी होने से सिरदर्द, चिड़चिड़ापन, थकान, सुस्ती और मांसपेशियों में दर्द की शिकायत भी होती है. आमतौर पर रोजाना नमक की जरूर भोजन से पूरी हो जाती है, लेकिन यदि नमक की कमी हो तो गर्मी के मौसम में ज्यादा पानी पिएं. शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट के स्तर को संतुलन में रखकर सोडियम की कमी होने से बचा जा सकता है.

तापमान में बदलाव भी इस परेशानी का कारण है. एकदम ठंडी जगह से गर्म जगहों पर आने से शरीर का तापमान बदल जाता है. लोग एसी, कूलर में बैठते हैं और फिर अचानक बाहर निकल जाते हैं. इससे शरीर में सुस्ती का अनुभव होता है. बेहतर होगा कि एसी, कूलर के बीच बैठकर बाहर जाने से पहले कुछ समय सामान्य तापमान में बैठें फिर निकलें. इससे सुस्ती, थकान की दिक्कत नहीं होगी.

अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, सुस्ती के कारण, उपचार, घरेलू उपाय और दवा पढ़ें।

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