फेफड़ों की इस बीमारी को न समझें अस्थमा, लाखों लोगों पर छाया संकट | health – News in Hindi

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दुनियाभर में कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है और इस बीमारी में शरीर का सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला अंग फेफड़े ही हैं. ऐसे में फेफड़ों को स्वस्थ रखने और अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए तमाम तरह की सलाह डॉक्टरों व वैज्ञानिकों द्वारा दी जा रही हैं लेकिन कोरोना के अलावा भी फेफड़ों के लिए एक गंभीर बीमारी होती है, जो थोड़ी सी लापरवाही में जानलेवा साबित हो सकती है. myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. नबी वली के अनुसार, इस बीमारी को सीओपीडी (क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) कहते हैं, जो अस्थमा से भी बहुत ज्यादा गंभीर बीमारी है. यहां ध्यान रखने वाली बात है कि ये बीमारी भी दुनियाभर में लाखों लोगों के लिए संकट बनती जा रही है. आइए जानते हैं कि क्या है सीओपीडी बीमारी के कारण, लक्षण और इलाज.

अस्थमा समझने की भूल मत करना

आमतौर पर कई लोग सीओपीडी को अस्थमा ही समझ लेते हैं जबकि अस्थ्मा और सीओपीडी में काफी अंतर होता है. हालांकि, दोनों के ही लक्षण एक जैसे होते हैं. लक्षण जैसे खांसी, कफ और सांस लेने में दिक्कत शामिल हैं. सीओपीडी दुनियाभर में बड़ी ही तेजी से कई लोगों को अपनी चपेट में लेते जा रहा है.

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जानिए क्या है सीओपीडी

क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज फेफड़ों की एक ऐसी बीमारी है, जिसमें मरीज को सांस लेने में काफी दिक्कत होती है. आमतौर पर स्वस्थ मनुष्य के फेफड़े स्पंज के समान होते हैं और जब हम सांस के जरिए ऑक्सीजन अंदर लेते हैं तो वह ऑक्सीजन खून के अंदर घुल जाती है और कॉर्बन डाइ ऑक्साइड बाहर निकल जाती है. लेकिन सीओपीडी एक ऐसी बीमारी है, जिसमें ऑक्सीजन शरीर के रक्त में नहीं घुल पाती है। इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है. यही कारण है कि मरीज की सांस फूलने लगती है और इसी गलतफहमी के कारण कई लोग सीओपीडी को अस्थमा की बीमारी समझने की भूल कर बैठते हैं. जबकि अस्थमा में ऑक्सीजन नहीं घुल पाने जैसी समस्या नहीं होती है।

ये है सीओपीडी बीमारी के प्रमुख लक्षण

myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. नबी वली के अनुसार, सीओपीडी रोग में मरीज को सांस लेने में बहुत ज्याद परेशानी होती है. इसके अलावा कफ, खांसी, जुकाम, सीने में जकड़न, वजन में लगातार गिरावट, ब्लड प्रेशर की समस्या, फेफड़ों में कैंसर जैसी समस्या देखी जाती है. इस तरह के लक्षण यदि ज्यादा समय तक रहते हैं तो तत्काल सीओपीडी की भी जांच करानी चाहिए.

बढ़ता वायु प्रदूषण सीओपीडी का मुख्य कारण

सीओपीडी बीमारी का सबसे बड़ा कारण वायु प्रदूषण है. गाड़ियों से निकलने वाला जहरीला धुंआ फेफड़ों के लिए काफी खतरनाक होता है. इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में जहां चूल्हा जलाकर खाना पकाया जाता है, वहां भी महिलाओं को सीओपीडी बीमारी होने की आशंका ज्यादा रहती है. इनके अलावा धूम्रपान करने की लत भी इस रोग का खतरा बढ़ा देती है. सीओपीडी बीमारी पहले 40 से अधिक उम्र के लोगों को ज्यादा होती थी, लेकिन बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण इन दिनों इस बीमारी के लक्षण बच्चों व युवाओं में भी देखने को मिल रहे हैं.

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मादक पदार्थों का सेवन बिल्कुल न करें

सीओपीडी बीमारी के कारण मरीज के फेफड़े बहुत सख्त हो जाते हैं. फेफड़े स्पंज की भांति मुलायम नहीं रह पाते हैं, तो ऑक्सीजन का अवशोषण भी ठीक से नहीं कर पाते हैं. इस कारण कई अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. फेफड़ों में मवाद पड़ना या कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है. धूम्रपान, तंबाकू और ड्रग्स का सेवन कम करके क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज के होने के खतरे को कम कर सकते हैं.(अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज के लक्षण, कारण, इलाज और दवा पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.)

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।



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