अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन में जा सकते हैं उद्धव ठाकरे

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Edited By Sudhakar Singh | नवभारत टाइम्स | Updated:

उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)

मुंबई

अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे शामिल होंगे। हालांकि, इस फैसले का सरकार के घटक दल दबी जुबान से विरोध कर रहे हैं। बताते चलें कि 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन का कार्यक्रम है। इसमें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट की ओर पीएम मोदी को न्योता दिया गया है। पीएमओ की तरफ से हरी झंडी मिल चुकी है।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के इस कार्यक्रम में जाने को लेकर महाराष्ट्र की सियासत गरमाई हुई है। एनसीपी के पूर्व सांसद मजीद मेमन ने सुझाव दिया है कि धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र के मुखिया को किसी खास धर्म की गतिविधियों को बढ़ावा देने से बचना चाहिए। मेमन के बयान पर शिवसेना के विधायक प्रताप सरनाईक ने कहा कि मुख्यमंत्री राम मंदिर के भूमिपूजन के लिए नहीं जाएंगे, तो क्या मस्जिद और चर्च के भूमिपूजन के लिए जाएंगे ? इधर बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता और विधायक राम कदम ने पूछा कि तीन दलों की महाविकास अघाड़ी सरकार की राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर कौन सी नौटंकी चल रही है?

गौरतलब है कि 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन होना है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित बीजेपी और हिंदूवादी संगठनों के कई प्रमुख लोग शामिल होंगे। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के शामिल होने को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन मंगलवार को शिवसेना के सांसद संजय राउत ने साफ किया कि मुख्यमंत्री ठाकरे भूमि पूजन समारोह में शामिल होंगे, क्योंकि शिवसेना इस विषय से भावनात्मक, धार्मिक और राष्ट्रीय रूप से जुड़ी है।

‘धैर्य रखें, निमंत्रण आएगा’

संजय राउत ने कहा कि जैसा मैंने सोमवार को कहा था कि शिवसेना ने बड़ा योगदान दिया है और राम मंदिर निर्माण के लिए ( शिवसैनिकों ने ) अपना रक्त बहाया और बलिदान दिया। राउत ने दोहराया कि ठाकरे अयोध्या जाते रहते हैं और उन्होंने ऐसा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनने से पहले और बाद में भी किया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोविड-19 संकट न होता तो लाखों राम भक्त भूमि पूजन समारोह में शामिल होते। राउत से जब पूछा गया कि क्या निमंत्रण मिला है ? इस पर उन्होंने कहा कि धैर्य रखें निमंत्रण आएगा।

‘धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने से बचें’

एनसीपी के पूर्व सांसद मजीद मेनन ने मुख्यमंत्री ठाकरे को सलाह दी है कि वे धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र सरकार के मुखिया हैं और उन्हें किसी खास धार्म की गतिविधियों को बढ़ावा देने से बचना चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया, ‘राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए आमंत्रित लोगों में उद्धव ठाकरे भी हैं। वह कोविड-19 की वजह से लागू पाबंदियों का सम्मान करते हुए अपनी निजी हैसियत से उसमें हिस्सा ले सकते हैं। एक धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र के मुखिया को किसी खास धर्म की गतिविधियों को बढ़ावा देने से बचना चाहिए।

महाअघाड़ी में चल रही नौटंकी: राम कदम

बीजेपी प्रवक्ता और विधायक राम कदम ने कहा कि जब पवार ने सवाल खड़े किए तो शिवसेना चुप क्यों रही? शिवसेना ने क्यों नहीं कहा कि पवार ने गलत बयान दिया है? शिवसेना के पास यह बोलने का साहस क्यों नहीं है? कदम ने कहा कि भगवान राम का मंदिर करोड़ों भक्तों की आस्था का विषय है। इसको राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए।

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