Covid 19: हाथ धोने के आदत से 50% कम होगा सामान्य संक्रमण का खतरा

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Covid 19: हाथ धोने के आदत से 50% कम होगा सामान्य संक्रमण का खतराकोविड-19 (Covid 19) के प्रसार को रोकने के वैश्विक प्रयासों के दौरान हाथ धोने सहित हाइजीन प्रैक्टिसेस यानी साफ-सफाई की आदतें लोगों की दिनचर्या का एक अनिवार्य हिस्सा बन गई हैं और इसे आम संक्रमणों के प्रसार को कम करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है.

कोविड-19 (Covid 19) के प्रसार को रोकने के वैश्विक प्रयासों के दौरान हाथ धोने सहित हाइजीन प्रैक्टिसेस यानी साफ-सफाई की आदतें लोगों की दिनचर्या का एक अनिवार्य हिस्सा बन गई हैं और इसे आम संक्रमणों के प्रसार को कम करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है.

कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी से बचने के लिए विशेषज्ञों ने बार-बार हाथ धोने की सलाह दी है, लेकिन अब शोधकर्ताओं ने पाया है कि रोजमर्रा की स्वच्छता संबंधी आदतें जैसे कि हाथ धोना, सामान्य संक्रमण के जोखिम को 50 प्रतिशत तक कम कर देती हैं. अच्छी बात यह भी है कि इससे एंटीबायोटिक दवाओं की आवश्यकता भी 30 प्रतिशत तक कम हो जाती है.

कोविड-19 (Covid 19) के प्रसार को रोकने के वैश्विक प्रयासों के दौरान हाथ धोने सहित हाइजीन प्रैक्टिसेस यानी साफ-सफाई की आदतें लोगों की दिनचर्या का एक अनिवार्य हिस्सा बन गई हैं और इसे आम संक्रमणों के प्रसार को कम करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है.

यूके में कार्डिफ यूनिवर्सिटी के अध्ययन के शोधकर्ताओं के अनुसार, ‘कोविड-19 महामारी के  बीच इस अध्ययन में पेश किए सबूत के मुताबिक, संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कम्यूनिटी हाइजीन (सभी मिलकर साफ-सफाई का ध्यान रखें) की भूमिका जरूरी है. यह एंटीबायोटिक दवाओं की खपत को कम करने में मदद करेगा और रोगाणुरोधी प्रतिरोध के खिलाफ लड़ाई में मदद करेगा. ‘अमेरिकन जर्नल ऑफ इंफेक्शन कंट्रोल में प्रकाशित अध्ययन ने एंटीबायोटिक दवाओं के उपयोग को कम करने और एंटीबायोटिक प्रतिरोध पर इसके असर को कम करने के लिए घर तथा रोजमर्रा के जीवन में स्वच्छता की भूमिका का पता लगाया.

घरों और समुदाय में हाथ की स्वच्छता रखने की यह आदत संक्रमण को रोक सकती है और इसलिए एंटीबायोटिक दवाओं की आवश्यकता भी कम हो सकती है.  अध्ययन ने घर और समुदाय में मल्टीड्रग-रजिस्ट्रेंस बैक्टीरिया के बढ़ते प्रसार को भी दिखाया.

यह माना जाता है कि होने वाले 35 प्रतिशत आम संक्रमण पहले से ही एंटीबायोटिक दवाओं के लिए प्रतिरोधी हैं और कुछ देशों में तो एंटीबायोटिक दवाओं का प्रतिरोध 90 प्रतिशत तक है.

शोधकर्ताओं ने कहा, ‘घर और सामुदायिक स्वच्छता को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है, साथ ही वैश्विक समुदाय को यह समझने का समय है कि एंटीबायोटिक दवाओं की आवश्यकता को कम करना महत्वपूर्ण है. ‘

myUpchar से जुड़ीं डॉ. मेधावी अग्रवाल का कहना है कि नियमित रूप से हाथ धोने के वैसे भी कई फायदे हैं. इससे पेट की बीमारी का जोखिम कम होता है. हाथ धोने से दस्त के जोखिम और आंतों के संक्रमण को बढ़ने से रोकने में मदद मिलती है. नियमित रूप से हाथ धोने पर बैक्टीरिया साफ हो जाते हैं.  इस आदत से आंखों के संक्रमण से भी बचा जा सकता है. आंखों का संक्रमण तभी होता है जब हाथों में मौजूद बैक्टीरिया आंखों में चले जाते हैं. अलग-अलग कीटाणु के संपर्क में आने से कंजक्टिवाइटिस, केराटाइटिस, स्टाय, पलकों की सूजन आदि आई इन्फेक्शन हो सकते हैं. श्वसन तंत्र भी इससे अछूता नहीं है. नियमित रूप से हाथ धोकर श्वसन संक्रमण के जोखिम को कम कर सकते हैं.  कुछ रोगाणु जो श्वसन समस्या की वजह बनते हैं वो आमतौर पर जमीन या हाथ पर मौजूद होते हैं. श्वसन संक्रमण के कुछ लक्षण आम होते हैं जैसे कफ, छीकें आना, नाक बहना, बंद नाक आदि.

 

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