तनाव से उपजे आर्थराइटिस के ये हैं लक्षण, कुछ चीजों को अपनाने से मिलेगी राहत | health – News in Hindi

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शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति मिलेगा जो ये कहे कि उसने तनाव (Stress) का कभी अनुभव नहीं किया है. तनाव आधुनिक जीवन का एक हिस्सा बन गया है, जो कि एक व्यस्त जीवन शैली का नतीजा है. कई बार तनाव इतना गंभीर प्रभाव छोड़ता है कि इससे स्वास्थ्य (Health) से जुड़ी जटिलताएं पैदा होने लगी हैं. तनाव आर्थराइटिस (Arthritis) या गठिया की वजह भी बन सकता है. तनाव और चिंता से पैदा हुआ आर्थराइटिस वास्तव में रुमेटाइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) है.

myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. केएम नाधीर का कहना है कि यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम अपने ही शरीर के उतकों पर हमला करने लग जाता है. रुमेटाइड आर्थराइटिस जोड़ों की परतों को नुकसान पहुंचाता है, जिस कारण से उनमें दर्द और सूजन होने लग जाती है और अंत में इसके परिणामस्वरूप हड्डियां घिसना या जोड़ों में विकृति होने की जैसी समस्याएं खड़ी हो जाती हैं.

तनाव सूजन का सबसे आम कारण है, जो आर्थराइटिस की समस्या की ओर ले जाता है. दर्द भी तनाव का सामान्य लक्षण है, लेकिन जब ज्यादा तनाव से गुजर रहे होते हैं तो यह गंभीर रूप धारण कर सकता है. तनाव ऑटोइम्यून बीमारियों के विकास में योगदान देता है, जिससे शरीर का इम्यून सिस्टम एंटीबॉडी का उत्पादन करता है, जो संक्रमण से लड़ने के बजाय शरीर के स्वस्थ उतकों पर हमला करती है. इससे दर्द, कठोरता और सूजन हो जाती है. अगर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया तो यह जोड़ों की स्थायी क्षति का कारण बन सकता है. ऑटोइम्यून रोग ज्यादातर लाइलाज है, लेकिन लक्षणों का नियंत्रित कर सकते हैं और इसके विकास में देरी कर सकते हैं.

तनाव से उपजे आर्थराइटिस के ये हैं लक्षणअगर आर्थराइटिस के इस रूप से पीड़ित हैं, तो उन लक्षणों का अनुभव करेंगे जो अन्य प्रकार के आर्थराइटिस के लिए आम हैं. जोड़ों में अकड़न, दर्द, सूजे हुए जोड़ और सुबह की अकड़न आम है. आसानी से थक भी सकते हैं और समय-समय पर बुखार हो सकता है. इस स्थिति के अन्य लक्षण भूख, वजन घटना, अंगों का सुन्न पड़ना और झुनझुनी होना और अनिद्रा हैं. एंग्जाइटी अटैक और सांस लेने में कठिनाई भी आम है. अपने डॉक्टर से परामर्श करने के अलावा कुछ अन्य चीजें हैं, जो इस स्थिति के लक्षणों से निपटने के लिए कर सकते हैं.

तनाव से बचें
तनावमुक्त और शांत रहने की कोशिश करें. इससे स्थिति में काफी सुधार होगा. इसके लिए योग और कुछ ध्यान तकनीकों की कोशिश कर सकते हैं, संगीत सुन सकते हैं, एक अच्छी किताब पढ़ सकते हैं और कुछ ब्रीदिंग एक्सरसाइज कर सकते हैं. अगर आप तनाव को मैनेज कर सकते हैं, तो स्थिति अपने आप सुधर जाएगी.

नियमित रूप से व्यायाम

अगर व्यक्ति दर्द में है, तो यह स्वाभाविक है कि रोजाना व्यायाम नहीं करना चाहेगा लेकिन अगर वह अपने आप को ऐसा करने के लिए मजबूर कर सकता है, तो इस अंतर को देखकर हैरान होगा, जो इससे देखने को मिलेगा. पैदल चलें, तैराकी, योग या एरोबिक्स जैसे कुछ कम प्रभाव वाले व्यायाम करें. इससे आर्थराइटिस के दर्द से राहत मिलेगी और जोड़ों में लचीलापन बेहतर होगा. थोड़ी वेट ट्रेनिंग भी ले सकते हैं लेकिन अगर पता चलता है कि वर्कआउट की वजह से दर्द बढ़ता है, तो तुरंत रुकें और डॉक्टर से सलाह लें.
अपनाएं स्वस्थ आहार
यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देगा और आर्थराइटिस द्वारा पैदा की गई चुनौतियों से लड़ने में मदद करेगा. ताजे फल और सब्जियों को डाइट में शामिल करें. सुनिश्चित करें कि भोजन पोषण से भरपूर और संतुलित हो. प्रोसेस्ड फूड्स और फ्राइड फूड्स न खाएं और शक्कर पर भी नियंत्रण रखें. यह सारे बदलाव सेहत में अंतर पैदा करेंगे.

अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, आर्थराइटिस के लिए योग पढ़ें.

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