Mumbai Political News: सीएम उद्धव ठाकरे बोले- ‘लॉकडाउन हटा दूंगा लेकिन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा?’ – cm uddhav thackeray said- ‘i will remove the lockdown but who will take responsibility for the deaths?’

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Edited By Abhishek Shukla | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
हाइलाइट्स

  • महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी भी लॉकडाउन हटाने जैसे शब्द का उपयोग नहीं करता
  • उद्धव ठाकरे ने कहा है कि प्रदेश में हालत अब सुधर रही है, लेकिन लापरवाही से काम नहीं चलेगा
  • उन्होंने कहा कि मैं ट्रंप नहीं हूं, अपनी आंखों के सामने लोगों को मरते नहीं देख सकता

मुंबई

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस का कहर थमता नहीं दिखाई दे रहा है इसी बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शनिवार को कहा कि वह राज्य में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए लॉकडाउन को केवल आर्थिक चिंताओं के कारण पूरी तरह से हटाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी से पैदा हुई चुनौती पर विचार करते हुए स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों के बीच संतुलन बनाने की जरूरत है।

ठाकरे ने शनिवार को शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित एक साक्षात्कार में यह बयान दिया। राज्य में लागू लॉकडाउन 31 जुलाई तक चलेगा। जून के बाद से सरकार ने अपनी ‘मिशन बिगिन अगेन’ पहल के तहत चरणबद्ध तरीके से पाबंदियां हटानी शुरू कर दी थीं।

‘कौन लेगा लोगों की जिम्मेदारी?’

सीएम उद्धव ने कहा कि सब कुछ भगवान पर छोड़कर नहीं चलेगा, मुंबई की स्थिति सुधर रही है, पर लापरवाह होकर नहीं चलेगा. वॉशिंगटन पोस्ट और विश्व स्वास्थ्य संगठन हमारे प्रयासों की प्रशंसा कर रहे हैं कोरोना को तीसरा महायुद्ध समझिए. ‘लॉकडाउन हटा दो, ये खोल दो और वो खोल दो’ ऐसा कहने वाले लोग लोगों की जिम्मेदारी लेंगे क्या?

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मैं ट्रंप की तरह नहीं’

उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं ट्रंप नहीं हूं, मैं अपनी आंखों के सामने लोगों को तड़पते हुए नहीं देख सकता हूं। बिल्कुल नहीं। उद्धव का आरोप है कि उनके काम से बीजेपी के पेट में दर्द होता है। सीएम उद्धव ने कहा कि सब कुछ भगवान पर छोड़कर नहीं चलेगा। मुंबई की स्थिति सुधर रही है, पर लापरवाह होकर नहीं चलेगा।

मौत के मामलों को कम करना बड़ी चुनौती

उद्धव ने कहा कि कोरोना खत्म नहीं हो रहा है। जब तक हम कोरोना के साथ जीना नहीं सीखेंगे, स्वीकार नहीं करेंगे तब तक परिस्थिति कठिन ही रहेगी। हालांकि अब लोगों ने इसे स्वीकार करना शुरू कर दिया है। मौतों के मामलों को कम करना अब हमारे आगे की सबसे बड़ी चुनौती है। मुंबई में कोरोना नियंत्रण में आ रहा है, इस बारे में स्टेटमेट देना जल्दबाजी होगी।

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‘नहीं करता राजनीतिक चुनौती की परवाह’

ठाकरे ने कहा कि ‘यह केवल ठाकरे सरकार नहीं है बल्कि हर किसी की सरकार है खासतौर से राज्य के निवासियों की जिन्होंने इस प्रयोग को स्वीकार किया।’ उन्होंने कहा कि छह महीने का कार्यकाल कोरोना वायरस वैश्विक महामारी और निसर्ग चक्रवात जैसी चुनौतियों से भरा रहा। मैं राजनीतिक चुनौतियों की परवाह नहीं करता। लोगों का मुझ पर भरोसा है।’

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