लखनऊ में अस्पतालों में जगह नहीं, बेड की भयानक कमीः अजय कुमार लल्लू

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना का संक्रमण हर दिन बढ़ता जा रहा है। स्तिथि में सुधार होने की जगह हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या सरकार के लिए चुनौती बन गई है। संख्या में बढ़ोतरी खतरे की ओर साफ इशारा करती है कि समय रहते सरकार ने कोई इंतजाम नहीं किए तो हालात बेकाबू होने में वक्त नहीं लगेगा। कोरोने से प्रदेश के बिगड़ते हालातों को देखते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि प्रदेश में कोरोना महामारी की स्थिति लगातार भयानक होती जा रही है और सरकार मुंह ढंककर सो रही है। लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में अस्पतालों की कमी है। मरीज दर-दर की ठोकर खा रहे हैं।

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प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि पूरे प्रदेश में अस्पतालों की स्थिति बेहद खराब है। मरीजों की जांच नहीं हो रही है। कोरोना पीड़ित मरीजों के लिए बेड नहीं है। उन्होंने लखनऊ का उदाहरण देते हुए कहा कि लखनऊ में कोरोना के 5 हजार से अधिक संक्रमित मरीज हैं। लेकिन अस्पताल के नाम पर मात्र चार कोरोना के अस्पताल बने हुए हैं। एरा में 400 बेड, राममनोहर लोहिया में 100 बेड, पीजीआई में 200 बेड, केजीएमयू में 200 बेड की व्यवस्था है। तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजधानी में यह हाल है तो प्रदेश में और जगह पर क्या हाल होगा।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि रोजाना मीडिया और सोशल मीडिया में कोरोना महामारी की दिल दहला देने वाली खबरें सामने आ रहीं हैं। कहीं अस्पताल में पानी टपक रहा है तो कहीं खाने-पीने की व्यवस्था नहीं है। कहीं दवा नहीं मिल रही है तो कहीं भयानक रूप से गंदगी फैली हुई है। लेकिन मुख्यमंत्री जी मीडिया मैनेज करने में लगे हुए हैं।

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प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि यूपी में क्वारंटीन सेंटर और अस्पतालों की स्थिति बड़ी दयनीय है। कई जगह की स्थिति इतनी खराब है कि लोग कोरोना से नहीं अपितु सरकार की व्यवस्था से डर रहे हैं। अगर कोई आवाज उठाएगा तो उसे पूरा प्रशासनिक अमला लगकर उसके ऊपर उत्पीड़न करेगा।

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