एक पिता को UP पुलिस का जवाब- ‘तुम्हारे बेटे को ढूंढने का समय नहीं, बड़े मामले हो गए हैं’ | kanpur – News in Hindi

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एक पिता को UP पुलिस का जवाब- 'तुम्हारे बेटे को ढूंढने का समय नहीं, बड़े मामले हो गए हैं'

11 महीनोे से पिता अपने बेटे की तलाश कर रहे हैं.

फतेहपुर (Fatehpur) का रहने वाला एक किसान (Farmer) जो 11 महीने से लापता (Missing) अपने बेटे की खोज खबर के लिए अधिकारियों की चौखट के चक्कर काट रहा है. पुलिस उसे ऐसा जवाब देती है जिसे सुन कर पुलिसिंग के पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो जाते हैं.

 कानपुर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर (Kanpur) में पुलिस के लिए लोगों की गुमशुदगी मामूली (Missing) बात है. भले ही गुमशुदा शख्स की हत्या कर दी जाए, लेकिन पुलिस को कोई परवाह नहीं है. पुलिस की इसी सोच का शिकार हो रहा है फतेहपुर का रहने वाला एक किसान जो 11 महीने से लापता अपने बेटे की खोज खबर के लिए अधिकारियों की चौखट के चक्कर काट रहा है. पुलिस उसे ऐसा जवाब देती है जिसे सुन कर पुलिसिंग के पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो जाते हैं. फतेहपुर के रहने वाला विकास मिश्र किसान हैं. विकास के बेटे ने फर्स्ट डिवीजन में हाई स्कूल और इंटर की परीक्षा पास की. एयर फोर्स में जाने के अपने सपने को पूरा करने के लिए उसका 17 साल का बेटा विनय मिश्रा कानपुर आ गया. यहां के कल्याणपुर इलाके में एक हॉस्टल में रह कर काकादेव में एयर फोर्स की कोचिंग (Air Force) करने लगा.

तकरीबन 11 महीने पहले उसने पिता को कोचिंग में छुट्टी होने की बात बताई और घर आने को कहा. यह कॉल विनय का उसके पिता विकास को किया आखिरी कॉल था. इसके बाद विनय का कोई पता नहीं चल सका. बेटे के लापता होने पर पिता ने कल्याणपुर कोतवाली में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया. तब से वह लगातार कल्याणपुर कोतवाली, सीओ कार्यालय और एसएसपी ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं. विकास का कहना है कि पुलिस ने उनसे कहा, तुम्हारे बेटे का ही एक मामला नहीं है हमारे पास. उससे भी बड़े मामले हैं. पहले उनसे निपटेंगे फिर तुम्हारे बेटे को ढूंढेगे. अपने इकलौते बेटे को गंवाने वाला किसान फतेहपुर अपने गांव लौट जाता है. बेटे की याद आती है तो फिर पुलिस के पास गुहार लगाने आ जाता है. उसका कहना है कि यदि उसका बेटा जिंदा है तो पुलिस ढूंढ दे नहीं है तो लाश ही दिखा दे.

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पुलिस के लिए शायद लापता लोगों के लिए समय ही नहीं है. पुलिस कुछ दिनों तक लापता लोगों की खोज खबर के लिए प्रयास करती है फिर उन्हें उनके नसीब पर छोड़ देती है. कानपुर के नवनियुक्त डीआईजी से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि अब ऐसी लापरवाही नहीं होगी. उन्होंने कहा कि गुमशुदगी की जो एफआईआर दर्ज हुई और लापता लोगों के बारे में कोई सुराग नहीं लगा उनके लिए एक अलग से टीम बनाई जाएगी. पुलिस एक बार फिर से इन लोगों के लिए पूरी प्रक्रिया को दोहराने का काम करेगी.



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