कोविड-19 महामारी के दौरान बढ़े ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम के मामले, ऐसे करें बचाव | health – News in Hindi

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कोविड-19 महामारी के दौरान बढ़े ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम के मामले, ऐसे करें बचाव

कोरोना काल में हार्ट से जुड़ी कई तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं.

हार्ट अटैक (Heart Attack) के विपरीत ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम (Broken Heart Syndrome) में कुछ समय के लिए हृदय के एक छोटे हिस्से में खून पंप करने के कार्य में बाधा आती है, जबकि हृदय के बाकी कार्य सामान्य रूप से चलते हैं. ऐसा होने पर सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ होती है.




  • Last Updated:
    July 29, 2020, 3:22 PM IST

कोविड-19 (Covid-19) महामारी ने तनाव की ऐसी स्थिति पैदा कर दी है, जिसके कारण लोग दिल की बीमारियों का भी शिकार हो रहे हैं. कोरोना वायरस ने मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और आर्थिक चिंता के स्तर में बढ़ोतरी की है. हाल ही में जामा ओपन में प्रकाशित शोध में पता चला है कि एक्यूट कोरोनरी सिंड्रोम (एसीएस) वाले रोगियों में ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम (Broken Heart Syndrome) या ताकोत्सुबो सिंड्रोम या ताकोत्सुबो कार्डियोमायोपैथी देखा गया. हार्ट अटैक के विपरीत ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम में कुछ समय के लिए हृदय के एक छोटे हिस्से में खून पंप करने के कार्य में बाधा आती है, जबकि हृदय के बाकी कार्य सामान्य रूप से चलते हैं. ऐसा होने पर सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ होती है.

myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. अजय मोहन के अनुसार, कोविड-19 महामारी ने देश और दुनियाभर के लोगों के जीवन में कई स्तरों पर तनाव ला दिया है. लोग न केवल अपने परिवार के बीमार होने के बारे में चिंतित हैं, बल्कि वे आर्थिक और भावनात्मक मुद्दों, सामाजिक समस्याओं और संभावित अकेलेपन से निपट रहे हैं. अब ये तनाव शरीर और दिलों पर असर डाल रहा है और ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम के बढ़ते मामलों से यह स्पष्ट होता है. ओहायो के दो अलग-अलग अस्पतालों के आंकड़ों की जांच करने वाले इस अध्ययन में कोविड-19 महामारी में एक्यूट कोरोनरी सिंड्रोम के रोगियों में ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम देखा गया. शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम के कुल 20 मामलों की पहचान की. वहीं महामारी के पहले 5 से 12 मामले ही थे.

ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम के लक्षण हार्ट अटैक से मिलते-जुलते हैं, इसलिए अक्सर लोग इसे हार्ट अटैक समझ बैठते हैं. हालांकि, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक, ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम में धमनियों में अवरोध आने का कोई प्रमाण अब तक सामने नहीं आया है. myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. नबी वली का कहना है कि हार्ट अटैक की स्थिति में हृदय तक जाने वाले ऑक्सीजन युक्त खून का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है. यह वसा, कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थों के कारण होता है जो हृदय तक खून पहुंचाने वाली धमनियों में प्लाक बनाकर उन्हें अवरुद्ध करते हैं.अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम की आशंका ज्यादा होती है. विशेषकर 50 की उम्र की महिलाओं में होता है, क्योंकि उनमें एस्ट्रोजन का स्तर कम होने लगता है. एस्ट्रोजन महिलाओं में सेक्स हार्मोन है. विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि कुछ लोगों में यह सिंड्रोम जीन के कारण भी हो सकता है. खास बात यह है कि इस सिंड्रोम से प्रभावित लोग कुछ दिनों या सप्ताह में ठीक हो जाते हैं. ऐसी स्थिति, जो शायद ही कभी घातक होती है, आमतौर पर दवाओं के साथ इलाज किया जाता है, ताकि रक्तचाप कम हो और हृदय गति धीमी हो जाए जो तनाव को प्रबंधित करने में मदद कर सकती है.

कोविड-19 महामारी के दौरान स्थिति में हुई बढ़ोतरी से पता चलता है कि अपने शारीरिक स्वास्थ्य की देखभाल करने के अलावा, यह मानसिक स्वास्थ्य और तनाव के स्तर को प्राथमिकता देने के लिए भी महत्वपूर्ण है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, फेफड़ों के कैंसर के लक्षण, कारण, चरण, बचाव, इलाज और दवा पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।



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