बेघर मानसिक रोगियों को Corona का खतरा क्यों है ज्यादा! जानिए एक्सपर्ट की राय | health – News in Hindi

0
50
.
बेघर मानसिक रोगियों को Corona का खतरा क्यों है ज्यादा! जानिए एक्सपर्ट की राय

एक्सपर्ट्स का कहना है कि मानसिक तौर पर बीमार लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा दूसरे लोगों की तुलना में ज्यादा रहता है.

पिछले दिनों दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर ऐंड एलाइड साइंसेज (IHBAS) से जवाब मांगा था. इबहास ने अपने जवाब में बताया कि आईसीएमआर (ICMR) की गाइडलाइन के चलते मानसिक रूप से बीमार (Mental Patient) बेघर सड़क पर रह रहे लोगों का कोविड टेस्ट (Covid-19 Test) संभव नहीं हो पा रहा है.

नई दिल्ली. कोरोना काल (Corona Period in India) में लाखों बेघर (Homeless) और अस्पताल में भर्ती मानसिक रूप से बीमार (Mental Patients) लोग भी परेशान हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि मानसिक तौर पर बीमार लोगों में कोरोना संक्रमण (Corona Infections) का खतरा दूसरे लोगों की तुलना में ज्यादा रहता है. इसलिए दिमागी तौर पर कमजोर लोगों की देखभाल साधारण लोगों की तुलना में ज्यादा सतर्कता और गंभीरता से करनी पड़ती है. ऐसे में सवाल उठता है कि मानसिक रूप से बीमार लोगों का कोविड-19 टेस्ट और उनका इलाज कैसे हो रहा है?

देश के बड़े-बड़े मानसिक अस्पतालों में इन मरीजों को कोरोना से कैसे बचाया जा रहा है. पिछले दिनों दिल्ली हाई कोर्ट ने आईसीएमआर से मानसिक रोगियों के कोरोना टेस्टिंग को लेकर जवाब मांगा था. हाई कोर्ट ने पूछा था कि खासकर समाज के सबसे निचले पायदान पर दयनीय स्थिति में रह रहे बेघर मानसिक रोगियों को कोविड-19 से बचाने के लिए क्या किया जा रहा है? कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि बेघर लोग कहां से अपना पहचान पत्र बनाएंगे? दरअसल कोविड-19 के टेस्ट और इलाज के लिए आईसीएमआर ने मरीज को पहचान पत्र देने की अनिवार्य शर्त रखी हुई है.

लाखों बेघर और अस्पताल में भर्ती मानसिक रोगी परेशान
बेघर मानसिक रोगियों को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर ऐंड एलाइड साइंसेज (IHBAS) दिल्ली से जवाब मांगा तो इबहास ने बताया कि किसी भी अस्पताल से ज्यादा मानसिक रोगी जांच के लिए उनके यहां आ चुके हैं या आ रहे हैं. लेकिन, आईसीएमआर की गाइडलाइन के चलते मानसिक रूप से बीमार बेघर सड़क पर पड़े लोगों का दिल्ली के अस्पतालों में कोविड टेस्ट और इलाज संभव नहीं हो पा रहा है. दिल्ली के अस्पतालों में कोरोना पॉजिटिव मानसिक रोगियों को कई परेशानियों से जूझना पड़ रहा है. इबहास ने बेघर और अस्पताल में भर्ती मानसिक रूप से बीमार लोगों के कोविड टेस्ट कराए जाने को लेकर आईसीएमआर पर सवाल भी उठाए.

Mental patient, IHBAS, corona period in india, more prone to corona, corona news, new delhi news, National News, High court, Delhi High Court, solution, covid test, corona treatment, homeless, mental, mental patients, Delhi, corona patient, Anxiety, Depression, Suicide, Psychiatrists, coronavirus, covid 19, post covid 19, physical illness, mental illness, physical illness vs mental illness, Bipolar disorder, Physical disorder, Anxiety and physical illness, Mental Stress, Mental Health Awareness, symptoms of depression, दिल्ली हाईकोर्ट , इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर ऐंड एलाइड साइंसेज, कोरोना काल, बेघर, अस्पताल में भर्ती मानसिक रूप से बीमार लोग, कोविड-19 टेस्ट, आईसीएमआर, मनोचिकित्सक, मनोरोगी, दिल्ली सरकार, एलएनजेपी अस्पताल, शारीरिक बीमारी, मानसिक बीमारी, डिप्रेशन के लक्षण, आत्महत्या के मामले भी डिप्रेशन वजह, मूड डिसऑर्डर, सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड, डिप्रेशन के कारण, एम्स,डॉक्टर, कोविड-19, कोरोना वायरस, उदासी क्यों आती है, क्यों डिप्रेशन में लोग जाते हैं, डिप्रेशन का इलाज कैसे करेंदिल्ली हाई कोर्ट ने आईसीएमआर से मानसिक रोगियों के कोरोना टेस्टिंग को लेकर जवाब मांगा था.Homeless mental patients Anxiety Depression Suicide greater risk of corona Know the opinion of experts Psychiatrists nodrss

दिल्ली हाई कोर्ट ने आईसीएमआर से मानसिक रोगियों के कोरोना टेस्टिंग को लेकर जवाब मांगा था.

दिल्ली हाई कोर्ट ने मांगा जवाब
दिल्ली हाई कोर्ट को दिए अपने हलफनामे में IHBAS ने कहा था कि आईसीएमआर की तरफ से जो गाइडलाइन जारी की गई है उसमें किसी भी मरीज का कोविड टेस्ट कराने के लिए उसके फोटो लगे पहचान पत्र को दिखाना अनिवार्य किया गया है. साथ ही मरीज का पूरा डिटेल जैसे फोन नंबर, पता देना भी जरूरी है. ऐसी स्थिति में बेघर मानसिक रूप से बीमार दिल्ली की सड़कों पर पड़े लोगों का कोविड टेस्ट कराना बेहद मुश्किल हो रहा है.

क्या कहते हैं मनोचिकित्सक
इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर ऐंड एलाइड साइंसेज (IHBAS) में कार्यरत मनोचिकित्सक डॉ वेदप्रकाश कहते हैं, ‘हमलोग मानसिक तौर पर कमजोर बेघर लोगों के लिए काम करते हैं. इहबास मानसिक तौर पर कमजोर बेघर लोगों का ही अस्पताल है. कोरोना से पहले दो-ढ़ाई हजार मरीज आते थे जो अब कम हो कर तकरीबन हजार के आस-पास रह गए हैं. क्योंकि, ये कोविड अस्पताल नहीं है इसलिए हर दिन हमलोग कोविड के लक्षण वाले मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भेजते हैं. उन अस्पतालों में भी साइक्रेटिक टीम होती है जो इनका ख्याल रखती है.’

Mental patient, IHBAS, corona period in india, more prone to corona, corona news, new delhi news, National News, High court, Delhi High Court, solution, covid test, corona treatment, homeless, mental, mental patients, Delhi, corona patient, Anxiety, Depression, Suicide, Psychiatrists, coronavirus, covid 19, post covid 19, physical illness, mental illness, physical illness vs mental illness, Bipolar disorder, Physical disorder, Anxiety and physical illness, Mental Stress, Mental Health Awareness, symptoms of depression, दिल्ली हाईकोर्ट , इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर ऐंड एलाइड साइंसेज, कोरोना काल, बेघर, अस्पताल में भर्ती मानसिक रूप से बीमार लोग, कोविड-19 टेस्ट, आईसीएमआर, मनोचिकित्सक, मनोरोगी, दिल्ली सरकार, एलएनजेपी अस्पताल, शारीरिक बीमारी, मानसिक बीमारी, डिप्रेशन के लक्षण, आत्महत्या के मामले भी डिप्रेशन वजह, मूड डिसऑर्डर, सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड, डिप्रेशन के कारण, एम्स,डॉक्टर, कोविड-19, कोरोना वायरस, उदासी क्यों आती है, क्यों डिप्रेशन में लोग जाते हैं, डिप्रेशन का इलाज कैसे करेंपिछले दिनों दिल्ली हाई कोर्ट ने आईसीएमआर से मानसिक रोगियों के कोरोना टेस्टिंग को लेकर जवाब मांगा था.

पिछले दिनों दिल्ली हाई कोर्ट ने आईसीएमआर से मानसिक रोगियों के कोरोना टेस्टिंग को लेकर जवाब मांगा था.

मानसिक रोगियों को लेकर ज्यादा सावधानी बरतनी पड़ती है
वेदप्रकाश कहते हैं, ‘मानसिक तौर पर कमजोर लोगों में इंफेक्शन का डर साधारण लोगों से कहीं ज्यादा होता है. इसलिए हम लोग मानसिक रोगियों का इलाज करते समय ज्यादा सावधानी बरतते हैं. फिलहाल हमें इन मरीजों को कोरोना टेस्टिंग को लेकर दिक्कत आ रही है. किसका मोबाइल नंबर दिया जाए? क्या आईडी दी जाए? इन सभी बातों को लेकर हम लोगों ने पिछले दिनों हाईकोर्ट में अपनी बात रखी है. अगली सुनवाई में देखिए कोर्ट क्या निर्णय देता है. जिनके पास पैसा है वह प्राइवेट अस्पताल में भी जा रहे हैं.’

ये भी पढ़ें: कोरोना काल में दोगुने हो गए हैं मानसिक रोगी, ये है इसकी सबसे बड़ी वजह

बता दें कि एक अनुमान के मुताबिक दिल्ली में बेघर मानसिक रोगियों की संख्या दो लाख के आसपास है. मेंटल हेल्थ केयर एक्ट के तहत भी मानसिक रोगियों की देखभाल उस राज्य की सरकार की जिम्मेदारी होती है. कोविड-19 को लेकर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अब तक जो भी गाइडलाइंस बनाई गई है उसमें मानसिक रोगियों को शामिल नहीं किया गया है. जिसके कारण दिल्ली की सड़कों पर बेघर रह रहे मानसिक रोगियों को कोरोना का इलाज नहीं हो पा रहा है. दिल्ली हाई कोर्ट में अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त को होने वाली है.



Source link

Authors

.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here