कुछ लोगों को बिना चादर या कंबल ओढ़े क्यों नहीं आती नींद, जानें क्या है कारण | health – News in Hindi

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कुछ लोगों को बिना चादर या कंबल ओढ़े क्यों नहीं आती नींद, जानें क्या है कारण

बिना चादर या कंबल ओढ़े आखिर क्यों नहीं आती नींद. इसका सीधा कनेक्शन हेल्थ के साथ जुड़ा हुआ है.

एक चीज जो अधिकांश लोगों में आम है और वह है कि रात में सोते समय उन्हें चादर (Bed Sheet) या कंबल (Blanket) की जरूरत होती है. मौसम कोई भी हो, अधिकांश लोग अच्छी नींद के लिए बिना चादर या कंबल ओढ़े सोने की कल्पना नहीं कर पाते हैं.




  • Last Updated:
    July 30, 2020, 11:56 AM IST

अच्छी नींद (Sleep) के लिए बिस्तर पर जाने से पहले हर कोई अपना एक रूटीन फॉलो करता है. कुछ लोग सोने से पहले नहाना पसंद करते हैं तो अन्य किसी विशेष स्थिति में सोते हैं तो ही उन्हें अच्छी नींद आती है. एक चीज जो अधिकांश लोगों में आम है और वह है कि रात में सोते समय उन्हें चादर या कंबल की जरूरत होती है. मौसम कोई भी हो, अधिकांश लोग अच्छी नींद के लिए बिना चादर या कंबल ओढ़े सोने की कल्पना नहीं कर पाते हैं.

इस मनोविज्ञान के पीछे भी वजह है. जब व्यक्ति सोता है तो उसके शरीर का तापमान गिरता है और यह सुबह 4 बजे सबसे कम बिंदु पर पहुंच जाता है. यह प्रक्रिया सोने से एक घंटे पहले शुरू हो जाती है और शरीर तापमान को विनियमित करने की क्षमता खो देता है जब एक बार व्यक्ति रैपिड आई मूवमेंट (आरईएम) स्लीप साइकल पर पहुंच जाता है. रैपिड आई मूवमेंट का अर्थ व्यक्ति की बंद आंख के अंदर पुतलियों का तीव्र गति से इधर-उधर घूमना है. चादर या कंबल व्यक्ति को पूरी रात गर्म रहने में मदद करता है और कंपकंपी से बचाता है. दूसरी बात, बिस्तर पर जाते समय अपने आप को एक कंबल में ढकना सर्केडियन लय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

myUpchar से जुड़ीं डॉ. मेधावी अग्रवाल का कहना है कि सर्केडियन लय 24 घंटे का एक चक्र है जो कि जैव रासायनिक, शारीरिक और व्यवहारिक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करके नींद के चक्र को प्रभावित करता है. यानी यह निर्धारित करने में मदद करता है कि शरीर कब सो जाने के लिए तैयार है और कब जागने के लिए तैयार है. इस आदत को जन्म से ही विकसित किया जाता है और बड़े होने पर भी यह वैसी ही बनी रहती है.साल 2015 में जर्नल ऑफ स्लीप मेडिसीन एंड डिसऑर्डर में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला है कि एक भारी कंबल के नीचे सोने से रात में अच्छी नींद लेने में मदद मिलती है. 2020 में अमेरिकन जर्नल ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी में प्रकाशित हुए अध्ययन में खुलासा हुआ कि भारी कंबल भी चिंता और अनिद्रा से पीड़ित लोगों की मदद कर सकता है. myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. नबी वली का कहना है कि अनिद्रा से पीड़ित व्यक्ति के लिए नींद आना या सोते रहना मुश्किल होता है. अनिद्रा आमतौर पर दिन के समय नींद, सुस्ती और मानसिक व शारीरिक रूप से बीमार होने की सामान्य अनुभूति को बढ़ाती है.

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कंबल की गर्मी और आराम रात में सुरक्षित महसूस कराते हैं. अंधेरे का डर एक आम डर है और वे डर से खुद को बचाने के लिए कंबल का इस्तेमाल करते हैं. यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि जो कंबल इस्तेमाल कर रहे हैं, उसका मटेरियल ऐसा हो, जिसके अंदर सांस लेना सुविधाजनक हो और पसीना व नमी की परेशानी न हो. यह रात में आरामदायक महसूस कराने के लिए पर्याप्त नरम होना चाहिए.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, क्या आपको भी नींद नहीं आती, ये उपाय करें और चैन की नींद सोएं पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।



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