आप भी करते हैं लंबे समय तक काम? थायराइड का है खतरा | health – News in Hindi

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गले के बीच वाले हिस्से में तितली के आकार की थायरॉइड ग्रंथि होती है, जिसका मुख्य काम मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करना हो होता है. मेटाबॉलिज्म का मतलब है कि जो खाते-पीते हैं, उसको पचाकर ऊर्जा में बदलने की प्रक्रिया. यानी यह वह प्रक्रिया है, जो कैलोरी को ऊर्जा में बदल देती है. थायराइड एक प्रकार की एंडोक्राइन ग्रंथि है जो हार्मोन बनाती है लेकिन जब हार्मोन का उत्पादन कम होता है तो यह हाइपोथायराइडिज्म की स्थिति होती है. अब एक अध्ययन सामने आया है कि लंबे समय तक काम करने वालों को हाइपोथायराइडिज्म का सामना करना पड़ सकता है. लंबे समय तक काम में व्यस्त लोगों को इसका ज्यादा खतरा है. यह अध्ययन एंडोक्राइन सोसाइटी जर्नल में छपा है. अध्ययन के मुताबिक पुरुषों की तुलना में महिलाओं को थायराइट विकार दस गुना अधिक होता है.

यह अध्ययन 2160 वयस्कों पर किया गया था. ये फुल टाइम वर्कर्स हैं, जिन्होंने साल 2013 से 2015 तक कोरिया नेशनल हेल्थ एंड न्यूट्रीशन एग्जामिनेशन सर्वे में हिस्सा लिया था.

साउथ कोरिया के नेशनल कैंसर सेंटर के शोधकर्ता यंग की ली का कहना है ‘ओवरवर्क दुनियाभर में लोगों की स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए एक व्यापक समस्या है. यह अध्ययन सबसे पहले यह दिखाता है कि लंबे समय तक घंटों काम करने वाले हाइपोथायरायडिज्म से जुड़े हैं.’शोधकर्ताओं ने बताया कि  53 से 83 घंटे साप्ताहिक रूप से काम करने वालों में हाइपोथायरायडिज्म का खतरा 36-42 घंटे साप्ताहिक रूप से काम करने वाले प्रतिभागियों के मुकाबले दोगुने से अधिक होता है.

शोधकर्ताओं ने यह निर्धारित करने के लिए आगे के अध्ययन की जरूरत पर जोर दिया कि क्या लंबे समय तक काम करने से हाइपोथायरायडिज्म होता है, जो हृदय रोग और मधुमेह के लिए जोखिम का कारक है.

myUpchar से जुड़े एम्स  के डॉ. अनुराग शाही का कहना है कि हाइपोथायराइडिज्म में थायराइड ग्रंथि सामान्य से कम मात्रा में थायराइड हार्मोन का स्त्राव करती है। हाइपोथायराइडिज्म के लक्षणों में वजन बढ़ना, थकान, बालों का झड़ना, अवसाद, गला बैठना, त्वचा का रूखा होना, मानसिक तनाव शामिल हैं. इसके अलावा धीमी हृदय गति, अनियमित मासिक चक्र के लक्षण भी दिखाई देते हैं. पहली बार इसके लक्षणों में थकावट और वजन बढ़ने जैसी दिक्कतें महसूस होती हैं. लेकिन मेटाबॉलिज्म के काम की गति कम होने लगती है और संकेत साफ दिखाई देते हैं. अगर इन संकेतों पर ध्यान न दिया जाए तो यह धीरे-धीरे बढ़ते जाते हैं.

हाइपोथायराइडिज्म आनुवंशिक और हार्मोनल कारणों की वजह से होता है, इसलिए इसे रोकना मुश्किल होता है. पर्याप्त मात्रा में आयोडीन के सेवन और संतुलित आहार की मदद से इससे बचा जा सकता है.

इस रोग से बचने के लिए जीवनशैली में बदलाव करना जरूरी है. तनाव कम करें, रोज व्यायाम करें, स्वस्थ वजन रखने की कोशिश करें, आयोडिन युक्त आहार का सेवन सीमित मात्रा में करें, उचित पोषण, ज्यादा वसायुक्त भोजन न खाना इस रोग के खतरे को कम कर देते हैं. इसके साथ ही फिल्टर किया हुआ पानी पिएं क्योंकि पानी में फ्लोराइड होता है जो कि थायराइट के जोखिम को बढ़ाता है. (अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, थायराइड संबंधी समस्याओं के प्रकार, लक्षण, कारण, उपचार और दवा पढ़ें।) (न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं। सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं।)



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