शिवसेना: जल्द ही होगी महामंडलों में नियुक्ति – soon to be appointed in the mahamandal

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NBT

मुंबई

कोरोना की वजह से ठप पड़ी राज्य की राजनीति धीरे-धीरे रंग में आ रही है। सरकार में शामिल तीनों पार्टियों की समन्वय समिति की गुरुवार को एक अनौपचारिक बैठक हुई, जिसमें महामंडलों के बंटवारे पर विचार विमर्श किया गया।समन्वय समिति की बैठक के एजेंडे में दो प्रमुख विषय थे। पहला विषय महामंडलों के बंटवारे का था और दूसरा मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य मंत्रियों को भी शामिल करने का।

खास बात यह थी कि गुरुवार को मुख्यमंत्री पुणे के दौरे पर थे। ऐसे में समन्वय समिति की बैठक में वह शामिल नहीं थे। इस बैठक में शिवसेना की तरफ से एकनाथ शिंदे, सुभाष देसाई, राकांपा की तरफ से जयंत पाटील और कांग्रेस की तरफ से बालासाहेब थोरात व अशोक चव्हाण उपस्थित थे।

बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री तथा राज्य के वर्तमान पीडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चव्हाण ने एनबीटी को बताया कि महामंडलों में नियुक्तियों से संबंधित औपचारिक विचार विमर्श समन्वय समिति की बैठक में किया गया। उन्होंने कहा कि हमने महामंडलों में नियुक्तियों के बारे में चर्चा शुरू कर दी है और जल्द ही हम इस बारे में अंतिम निर्णय पर पहुंचेंगे। उसके बाद मुख्यमंत्री के साथ समन्वय समिति के फैसलों को साझा किया जाएगा और अंतिम फैसला मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे लेंगे।

चव्हाण ने कहा कि महाराष्ट्र में जितने महामंडल हैं, उनमें सदस्यों की कुल संख्या में किस पार्टी के कितने सदस्य होंगे किस महामंडल का अध्यक्ष पद किस पार्टी को दिया जाएगा, इस पर प्राथमिक स्वरूप की चर्चा की गई और आगे भी इस पर चर्चा जारी है।

बता दें कि आने वाले चुनावों की दृष्टि से महामंडलों पर नियुक्तियों के लिए महा विकास आघाडी सरकार में शामिल पार्टियों पर नेताओं और कार्यकर्ताओं का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। नवी मुंबई महानगर पालिका के चुनाव जल्द ही होने हैं, ऐसे में सिडको के अध्यक्ष पद को लेकर तीनों पार्टियों के बीच विचार विमर्श शुरू हो गया है। इसी तरह 2022 में मुंबई महानगर पालिका के चुनाव होने हैं। उससे पहले महाडा के अध्यक्ष पद को लेकर भी काफी विचार विमर्श किया जा रहा है। इसके अलावा विदर्भ मराठवाड़ा जैसे सूखाग्रस्त और आत्महत्या ग्रस्त इलाकों के विकास के लिए काम करने वाले महामंडलों को लेकर भी कांग्रेस और एनसीपी के बीच काफी प्रतिस्पर्धा है।

10 दिनों में बंटवारे का प्रयास: शिंदे

बैठक के बाद शिवसेना के वरिष्ठ मंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि अगले 10 दिन में महामंडलों का बंटवारा करने का प्रयास महा विकास आघाडी का है। आज समन्वय समिति की बैठक में जो चर्चा हुई है, उसके बारे में मुख्यमंत्री को जानकारी दी जाएगी। जरूरत पड़ेगी तो आगे भी विचार-विमर्श होगा, लेकिन अंतिम फैसला मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे करेंगे।

बता दें कि महाराष्ट्र में एक दर्जन से ज्यादा महामंडल और प्राधिकरण काम कर रहे हैं, जिनमें अध्यक्ष और सदस्यों के रूप में राजनीतिक नियुक्तियां की जाती हैं। इन महा मंडलों में होने वाली राजनीतिक नियुक्तियों के माध्यम से सत्तारूढ़ दल अपने नेताओं और महत्वपूर्ण कार्यकर्ताओं राजनीतिक पुनर्वास करते रहे हैं। पिछली भाजपा सरकार ने महा मंडलों में नियुक्तियों का मामला सरकार गठन के बाद 2 साल तक लटकाए रखा था। लेकिन चुनाव से कुछ पहले महामंडलों में नियुक्तियां की गई, लेकिन 2019 के चुनावों में भाजपा को सत्ता से बाहर होते ही इनमें से कई सारे महामंडलों की नियुक्तियां नई सरकार द्वारा रद्द कर दी गई। अब इन महामंडलों पर नए सिरे से नियुक्तियां करने जा रही है।

महाराष्ट्र के प्रमुख महामंडल, आयोग और प्राधिकरणमहाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग, कोकण गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास मंडल), मौलाना आजाद अल्पसंख्याक आर्थिक विकास महामंडल, पिंपरी चिंचवड नवनगर विकास प्राधिकरण, अन्नासाहेब पाटील आर्थिक विकास महामंडल, महाराष्ट्र राज्य खनिज कर्म महामंडल, महाराष्ट्र राज्य हथकरघा महामंडल, महाराष्ट्र कृष्णा घाटी विकास महामंडल, कोकण पाटबंधारे विकास महामंडल, महाराष्ट्र महिला आर्थिक विकास महामंडल, मुंबई इमारत दुरुस्ती और पुनर्रचना मंडल, मुंबई झोपडपट्टी सुधार मंडल, महाराष्ट्र राज्य न्यूूूनतम वेतन सलाहकार मंडल, मुंबई गृहनिर्माण व क्षेत्रविकास मंडल (म्हाडा) , महाराष्ट्र राज्य लघु उद्योग विकास महामंडल, शहर व औद्योगिक विकास महामंडल (सिडको), नागपुर गृहनिर्माण व क्षेत्रविकास मंडल, महात्मा फुले मागासवर्गीय आर्थिक विकास महामंडल आदि।

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