प्रशासनिक दबाव के चलते अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दिया इस्तीफा

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महाराजगंज। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विवेक श्रीवास्तव ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। डॉ विवेक श्रीवास्तव ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और अपर निदेशक को त्याग पत्र भेजा जिसमें उन्होंने लिखा कि ‘मैंने मूल पद के अतिरिक्त और भी कई काम किए गए हैं पर अब मैं अपने मूल कार्य के लिए समय नहीं निकाल पा रहा हूं साथ ही प्रशासनिक अफसर स्वास्थ्य के मामले में वैज्ञानिक तथ्यों को नजरअंदाज कर रहे हैं और बेवजह मेरे उपर पुलिसिया दबाव बना रहे हैं’।

डॉक्टर विवेक श्रीवास्तव ने पत्र में उच्चाधिकारियों पर तनाव देने का भी आरोप लगाया है साथ ही ज्ञात पत्र में लिखा कि उनके पास जिला क्षय रोग अधिकारी जिले के सभी सरकारी प्राइवेट अस्पताल में कोविड-19 के इंफेक्शन प्रिवेंशन अनुश्रवण का जिम्मा है। साथ ही वे जिले के सभी चिकित्सा अधिकारी, विभिन्न संवर्ग के समस्त चिकित्सा कर्मियों को प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षण के साथ उच्चाधिकारी अन्य अतिरिक्त कार्य भी देते हैं। आपको बता दें कि संचारी रोग अभियान के नोडल भी वहीं हैं।

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बतादें कि 2019 में जल निगम के जीवाणु परीक्षण रिपोर्ट में 35 फ़ीसदी से अधिक हैंडपंप संक्रमित पाए गए थे। साल 2020 में जीवाणु परीक्षण रिपोर्ट अभी तक उपलब्ध नहीं कराई है। वहीं उनका कहना है कि  अधिकारियों ने आठ कार्य दिवस में तीसरी समीक्षा बैठक बुलाई है जिसमें कार्य करने का समय नहीं दिया जा रहा है। बार-बार मीटिंग बुलाने से वास्तविक कार्य नहीं कर पा रहा हूं।उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि प्रशासनिक अधिकारी तथ्यों को नजरअंदाज करते हैं। कई बार ऐसा हुआ है की मीटिंग में स्वास्थ संबंधित वैज्ञानिक तथ्यों का प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया।

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उन्होंने आगे कहा कि उनके ऊपर प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है। बच्चों की मौत के लिए चिकित्सकों को सीधे जिम्मेदार मानते हुए धमकी भी दी जा रही है। एसीएमओ ने कहा कि लगातार प्रशासनिक दबाव के कारण मैं त्यागपत्र दे रहा हूं।

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