VIDEO: राम मंदिर पर सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क बोले- ताकत के बल पर कराया फैसला, मस्जिद है, थी और रहेगी | sambhal – News in Hindi

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VIDEO: राम मंदिर पर सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क बोले- ताकत के बल पर कराया फैसला, मस्जिद है, थी और रहेगी

संभल से समाजवादी पाार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने अयोध्या के राम मंदिर के भूमि पूजन पर विवादित बयान दिया है.

सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क (Shafiqur Rahman Barq) ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने ताकत के बल पर कोर्ट से फैसला कराया और संगेबुनियाद रख दी. यह इंसाफ नहीं है. हमारे साथ बहुत बड़ी नाइंसाफी हुई है.

संभल. उत्तर प्रदेश के संभल से समाजवादी पाार्टी (Samajwadi Party) के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क (Shafiqur Rahman Barq) ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन पर विवादित बयान दिया है. शफीकुर्रहमान बर्क ने गुरुवार को कहा कि बाबरी मस्जिद है, थी और रहेगी. सपा सांसद ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने ताकत के बल पर कोर्ट से फैसला कराया और बुनियाद रख दी. यह कानूनी इंसाफ नहीं है, बल्कि हमारे साथ बहुत बड़ी नाइंसाफी हुई है. उन्होंने कहा कि संगेबुनियाद रखना सेक्युलरिज्म और जम्हूरियत का कत्ल करना है.

हमने सब्र से काम लिया है 
सांसद ने कहा कि हमने सब्र से काम लिया है. आज भी हम अल्लाह के भरोसे पर यह उम्मीद करते हैं कि इंशाल्लाह इस जगह पर हमेशा से मस्जिद थी, मस्जिद है और मस्जिद रहेगी. इसको कोई मिटा नहीं सकता.

जहां मस्जिद एक बार बन गई, वह जमीन हमेशा मस्जिद की

सपा सांसद ने कहा कि जिस स्थान पर एक बार मस्जिद बन जाती है, वह जमीन और वह हिस्सा हमेशा मस्जिद का ही रहता है. यह इस्लाम का कानून है. उन्होंने कहा कि मुसलमानों को डरने की कोई जरूरत नहीं है. हिंदुस्तान के मुसलमान यह समझें कि हम किसी के रहमोकरम पर जिंदा नहीं, बल्कि अल्लाह के रहमों करम पर जिंदा हैं. उधर, सपा सांसद के इस बयान के सोशल मीडिया पर उनका वीडियो वायरल हो रहा है. इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.

बता दें इससे पहले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (All India Muslim Personal Law Board) के एक ट्वीट में जारी बयान से बवाल मचा हुआ है. दरअसल अयोध्या में राम मंदिर के भूमिपूजन पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है कि बाबरी मस्जिद कल भी थी, आज भी है और कल भी रहेगी. हागिया सोफिया (Hagia Sophia) इसका बेहतरीन उदाहरण है. मस्जिद में मूर्तियां रख देने, पूजा-पाठ शुरू कर देने या एक लंबे अर्से तक नमाज पर पाबंदी लगा देने से मस्जिद की हैसियत खत्म नहीं हो जाती.

ट्वीट के कुछ शब्दों पर आपत्ति है: जफरयाब

उधर इस ट्वीट पर देश भर में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. अब बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य जफरयाब जिलानी का बयान आया है. जफरयाब जिलानी ने कहा कि एआईएमपीएलबी के ट्वीट के कुछ शब्दों पर आपत्ति है. बोर्ड से ट्वीट हटाने के लिए कहा गया है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से ऊपर कोई नहीं हो सकता.

इनपुट: सुनील कुमार



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