सुनील केदार: दूध-बटर से होगा सरकार का बेड़ापार! – milk and butter will be without government

0
85
.
दुग्धविकास मंत्री सुनील केदारदुग्धविकास मंत्री सुनील केदार

दूध से बनाए गए 4927.702 मैट्रिक टन पावडर और 2575.171 मैट्रिक टन देशी बटर सरकार के गले पड़ गया है। इस भरी भरकम स्टॉक को खत्म करने के लिए राज्य की ठाकरे सरकार बड़ी आंस से केंद्र सरकार की ओर देख रही है। राज्य के दुग्धविकास मंत्री सुनील केदार कहते हैं कि केंद्र सरकार राहत दे, तो वे निर्यात करने के लिए तैयार है।

महाराष्ट्र में करीब एक करोड़ छोटे दूध उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने वर्षा निवास स्थान पर बैठक बुलाई थी, जिसमें दुग्धविकास मंत्री सुनील केदार, राज्यमंत्री दत्तात्रय भरणे, राज्यमंत्री बच्चू कडू, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार अजोय मेहता, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव आशिष कुमार सिंह, प्रधान सचिव विकास खारगे, दुग्धविकास प्रधान सचिव अनुप कुमार, महिला एवं बाल कल्याण सचिव आई.ए.कुंदन, आदिवासी विकास सचिव विनिता सिंघल, महानंद के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक में राज्य के 7 दूध पावडर बनाने वाले, 37 सहकारी संघ और 11 सरकारी दुध योजनाओं के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया। बैठक में कहा गया कि किसानों से महानंद 22.10 रुपये प्रति लीटर से लेकर 27 रुपये प्रति लीटर तक दूध खरीद रहा है, ताकि किसानों को कम से कम नुकसान हो। बैठक में दूध के पावडर के निर्यात के बारे में भी चर्चा हुई।

246.70 प्रति किलो दूध का पावडर

लॉकडाउन के दौरान सरकार ने दूध का पावडर बनाने के लिए छूट दी थी। 6 अप्रैल से 20 जुलाई तक 5 करोड़ 94 लाख 73 हजार 606 लीटर दूध से 4927.702 मैट्रिक टन पावडर बनाया गया। सरकार के अनुसार, प्रति किलो दूध पावडर 246.70 रुपये पड़ रहा है। इस दूध पावडर में प्रोटीन की मात्रा 34 प्रतिशत है। सरकार का कहना है कि कोविड काल में पोषण के लिए दूध का पावडर उपयोगी है, इसलिए उसे छोटे बच्चों, स्तनपान एवं गर्भवती महिलाओं को मुफ्त में देने का निर्णय लिया है। यह वितरण सिर्फ आदिवासी क्षेत्रों में ही किया जाएगा। राज्य के दुग्धविकास मंत्री सुनील केदार कहते हैं कि यह पावडर 6.51 लाख छोटे बच्चों और 1.21 लाख गर्भवती महिलाओं व स्तनपान महिलाओं को निशुल्क दिया जाएगा।

देशी बटर से “12.49 करोड़ आय का अनुमान

लॉकडाउन के दौरान सरकार ने किसानों से दूध खरीदकर पावडर और बटर बनाने की योजना को प्रोत्साहन दिया था। उसी के तहत 581 टन देशी बटर का स्टॉक जमा हो गया है। यह बटर वखार महामंडल के शीतगृह में रखा गया है। सरकार ने इसे पोर्टल के माध्यम से 215 रुपये किलो में बेचने की योजना बनाई है। इससे सरकार को “12.49 करोड़ आय की संभावना है।

निर्यात के लिए केंद्र से मदद मांगी

राज्य के दुग्धविकास मंत्री सुनील केदार ने बताया कि, महाराष्ट्र में ही नहीं बल्कि देश के दूसरे राज्यों में भी दूध का पावडर बड़ी मात्रा में पड़ा है। सभी राज्य चाहते हैं कि सरकार कुछ राहत दे, तो फिर वे निर्यात के लिए कदम आगे बढ़ाए। केदार का कहना है कि चूंकि, दुनियाभर में दूध के पावडर की कीमतें गिरी हैं, इसलिए इस वक्त विदेशी बाजार में अपने रेट पर बाजार में नहीं टिक सकते, लेकिन केंद्र सरकार ने हम लोगों की बात मान ली, तो निर्यात आसान हो सकेगा। इससे विदेशी मुद्रा कमाने का अवसर मिलेगा। केदार को केंद्र सरकार के उत्तर का इंतजार है।

Source link

Authors

.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here