आयुर्वेद में ये 7 तरह की चाय हैं रामबाण, सर्दी-जुकाम को ऐसे करती हैं गायब | health – News in Hindi

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मानसून (Monsoon) आते ही सर्दी जुकाम (Cough and Cold) होना आम बात है. दरअसल बारिश के मौसम में संक्रमण (Infection) का खतरा बहुत अधिक रहता है, जिसके चलते सर्दी, खांसी और बुखार होने लगता है. हालांकि, यह समस्या उन लोगों में अधिक होती है, जिनकी इम्यूनिटी (Immunity) कमजोर होती है. इम्यूनिटी मजबूत करने और सर्दी जुकाम ठीक करने में आयुर्वेदिक चाय मददगार होती है. आइए जानते हैं उन सभी आयुर्वेदिक चाय के बारे में, जो सर्दी जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों के इलाज में मददगार होती है.

दालचीनी की चाय

आमतौर जैसे चाय बनाते हैं, वैसे ही चाय बनाएं. दालचीनी को पीसकर चाय में उबालें और फिर थोड़ा-थोड़ा करके सर्दी में पीते रहें. इससे गले में सेंक लगेगी. दालचीनी में एंटी बैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण होते हैं, जो बैक्टीरिया से बचाव करने में मदद करते हैं. इससे रेस्पिरेटरी सिस्टम भी मजबूत होता है.अदरक की चाय

myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला के अनुसार, अदरक की चाय में ऐसे एंटी वायरल कंपाउंड होते हैं, जो शरीर को संक्रमण से बचाते हैं. इसके अतिरिक्त शरीर में गर्मी बनाए रखता है, जिससे सर्दी जुखाम जल्दी ठीक हो जाता है. अदरक की चाय आमतौर पर सभी लोग ठंड के मौसम में पीना पसंद करते हैं, लेकिन सर्दी जुखाम में अदरक की चाय अधिक राहत पहुंचाती है.

ग्रीन टी

myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला के अनुसार, अधिकतर लोग वजन कम करने के लिए ग्रीन टी पीते हैं, लेकिन ग्रीन टी स्वास्थ्य के लिए भी काफी अच्छी होती है. इसमें भरपूर पोषक तत्व और कई एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं, जिससे शरीर की इम्युनिटी मजबूत होती है. यही नहीं ग्रीन टी कई तरह के संक्रमण से बचाव भी करती है. सर्दी जुकाम होने पर ग्रीन टी पीते रहें, इससे जुकाम जल्दी ठीक होगा.

लिकोरिस टी

आयुर्वेदिक औषधि के रूप में मुलेठी का सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है. मुलेठी की चाय पीने से बलगम और खांसी दूर होती है. एक कप गर्म पानी में मुलेठी का एक चम्मच पाउडर मिलाकर उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर उबालकर चाय तैयार कर लें. फिर उस चाय को पीते रहें, उससे जुकाम में फायदा होगा.

कैमोमाइल टी

कैमोमाइल टी पीने से गले की सूजन ठीक होती है। कैमोमाइल में कुछ ऐसे गुण मौजूद होते हैं, जिससे बैक्टीरिया दूर होते है. सर्दी जुकाम होने पर कैमोमाइल की चाय का सेवन भी गुणकारी होता है.

नींबू शहद की चाय

नींबू और शहद में एंटी बैक्टीरियल और एंटीमाइक्रोबियल्स गुण होते हैं, जो सर्दी जुकाम के खिलाफ लड़ने में मदद करते हैं. नींबू और शहद की चाय सबसे ज्यादा प्रभावी और आयुर्वेदिक औषधि है, इसलिए जब भी सर्दी जुकाम हो इस चाय का इस्तेमाल जरूर करें, लाभ होगा.

हल्दी की चाय

हल्दी में कई एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं और इसमें एक खास तत्व करक्यूमिन होता है, जो सर्दी जुकाम के लक्षणों और गले में खराश को दूर करने में मदद करता है. हल्दी की चाय बनाने के लिए एक कप पानी में नींबू का रस और और हल्दी का पाउडर मिलाकर उबाल लें, फिर इसमें शहद मिलाकर पी लें. यह चाय स्वास्थ्यवर्धक होती है और गले को साफ रखने में भी मदद करती है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, मसाला चाय के फायदे, नुकसान और बनाने का विधि पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.



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