डॉक्टर कफील मामले पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश- 15 दिन में हाईकोर्ट करे फैसला… | allahabad – News in Hindi

0
12
.

डॉ. कफील की रिहाई मामले में उनकी मां की अर्जी पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को 15 दिन में फैसला करने के दिए निर्देश (फाइल तस्वीर)

CAA प्रोटेस्ट के दौरान डॉक्टर कफील खान को भड़काऊ भाषण देने के मामले में जेल भेजा गया था. CJM कोर्ट से जमानत मिलने के बाद 3 दिन तक उनकी रिहाई नहीं हुई उसके बाद उन पर रासुका की संस्तुति कर दी गई. सुप्रीम कोर्ट में उनकी मां ने अर्ज़ी लगाई थी जिस पर हाईकोर्ट को 15 दिन में फैसला लेने को कहा गया है.

लखनऊ. सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया (Supreme Court) ने इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) से डॉक्टर कफील खान की मां की अर्ज़ी पर 15 दिन में फैसला लेने को कहा है. गौरतलब है कि डॉ. कफील अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के दौरान भड़काऊ बयान देने के आरोप में एनएसए (NSA) के तहत जेल में बंद हैं.

सोशल मीडिया पर भी रिहाई के लिए चलाई जा रही है मुहिम
NSA के तहत जेल में बंद डॉ. कफील खान की मां नुजहत परवीन ने रिहाई की मांग की थी. इस मामले में न्यायालय ने टिप्पणी की है कि लोगों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को अदालतों ने हमेशा प्राथमिकता दी है. इससे पहले डॉ. कफील की पत्नी ने ट्विटर पर अपने पति की रिहाई को लेकर 4 अगस्त को एक मुहिम भी चलाई थी, जिसे लोगों का काफी समर्थन मिला था.

ये भी पढ़ें-सुदीक्षा की मौत पर प्रियंका गांधी बोलीं- यूपी में असुरक्षा के माहौल को दिखाती है बुलंदशहर की घटना

सीजेएम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद नहीं हुई थी रिहाई
बताते चलें कि 10 फरवरी को सीजेएम कोर्ट से डॉ. कफील को जमानत मिल गई थी. लेकिन तीन दिन तक उसे रिहा नहीं किया गया, बल्कि प्रशासन ने कफील पर रासुका की कार्रवाई कर दी. इसके बाद लखनऊ एडवाइजरी बोर्ड का डीएम और एसएसपी का पक्ष सुनने के बाद एनएसए को सही माना था. डॉ. कफील को 29 जनवरी को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मुंबई से गिरफ्तार किया था. उन पर अलीगढ़ में भड़काऊ बयान देने और धार्मिक भावनाओं को भड़काने का आरोप है. उनके खिलाफ अलीगढ़ में 13 दिसंबर को एफआईआर दर्ज की गई थी.



Source link

Authors

.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here