देश में अब बढ़ सकती हैं चीनी की कीमतें, इस वजह से सरकार जल्द ले सकती है फैसला | bijnor – News in Hindi

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चीनी की MSP यानी Minimum Sale Price 31 रुपये से बढ़ाकर 33 रुपये प्रति किलोग्राम करने का प्रस्ताव है. वहीं, FRP यानी Fair and Remunerative Price 275 से बढ़ाकर 285 रुपये प्रति क्विंटल करने का प्रस्ताव है.

चीनी की MSP यानी Minimum Sale Price 31 रुपये से बढ़ाकर 33 रुपये प्रति किलोग्राम करने का प्रस्ताव है. वहीं, FRP यानी Fair and Remunerative Price 275 से बढ़ाकर 285 रुपये प्रति क्विंटल करने का प्रस्ताव है.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    August 11, 2020, 10:22 AM IST

नई दिल्ली. चीनी मिलों (Sugar Mills) को सरकार (Government of India) से राहत मिलने का लंबा इंतजार जल्द खत्म होने वाला है. सीएनबीसी आवाज को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक गन्ने की FRP और चीनी की MSP बढ़ाने का प्रस्ताव कैबिनेट के पास भेज दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक चीनी की MSP यानी Minimum Sale Price 31 रुपये से बढ़ाकर 33 रुपये प्रति किलोग्राम करने का प्रस्ताव है. वहीं, FRP यानी Fair and Remunerative Price 275 से बढ़ाकर 285 रुपये प्रति क्विंटल करने का प्रस्ताव है. सूत्रों के मुताबिक, इसके लिए CCEA से जल्द मंजूरी मिलेगी. MSP बढ़ने से मिलों को 2,200 करोड़ रुपये का फायदा होगा. सूत्रों के मुताबिक सरकार के इस कदम से अगले सीजन में चीनी मिलों के 1 रुपये प्रति किलो फायदा होने का अनुमान है. सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक चानी सेक्टर के लिए सॉफ्ट लोन और एक्सपोर्ट सब्सिडी पर भी जल्द फैसला होगा.

गन्ना किसानों के 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया- चीनी उत्पादन वर्ष की गणना हर साल 1 अक्टूबर से अगले साल 30 सितंबर तक की जाती है. अगर State Advised Price ( SAP) के लिहाज़ से देखें तो चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का बकाया 22 हजार 79 करोड़ रुपये हो गया है.

VIDEO- जानिए क्यों और कब महंगी हो चीनी

जबकि केंद्र द्वारा घोषित Fair & Remunerative Price ( FRP ) के लिहाज़ से ये बक़ाया 17 हजार 683 करोड़ रुपये होता है.

FRP गन्ना खरीद की वो दर है जो केंद्र सरकार घोषित करती है जबकि राज्य सरकारें उस दर में अपनी तरफ से जो अतिरिक्त दाम लगा देती हैं, उसे SAP कहा जाता है. हालांकि मंत्रालय का कहना है कि पिछले साल मई महीने तक बक़ाया 28 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया था.



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