बड़ी होकर मैं ट्रैक्टर बनूंगी, मानों बाइक यही सोचकर लाई गई थी, देखिए जुगाड़ से कैसे कर दिया किसान का काम सरल

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रायपुर, छत्तीसगढ़. यह मामला पंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी के अक्षय ऊर्जा विभाग के छात्रों से जुड़ा है। इस विभाग के अभिषेक खरे, आदर्श यादव, एहतेशाम कुरैशी, प्रवीण चंद्राकर, पंकज चेलक और यश पराड़ ने कुछ महीने पहले गोबर गैस से चलने वाली बाइक का प्रदर्शन किया था। 240 किमी का सफर तय करने में बाइक में 5 किलो गोबर गैस का खर्चा आता है। यानी पेट्रोल के मुकाबले लगभग आधा खर्चा। इसकी गैस किट भी इन्हीं छात्रों ने बनाई थी। इस तरह की बाइक बनाने पर खर्च आया करीब 45 हजार रुपए। आइए देखते हैं कुछ और अन्य देसी जुगाड़…

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