मऊ: घाघरा नदी के कटान से दहशत का माहौल, प्रशासन बाढ़ प्रभावितों की सहायता में जुटा | mau – News in Hindi

0
19
.

मऊ जिले में बाढ़ से लोगों में दहशत का माहौल

घाघरा नदी (Ghaghra River) में ज्यादा पानी छोड़े जाने की वजह से कई गांव बाढ़ (Flood) से घिर गए हैं. बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है और लोगों सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है.

मऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मऊ (Mau) जनपद में घाघरा नदी (Ghaghra River) उफान पर है और जमकर कहर बरपा रही है. घाघरा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी और तेज बहाव की वजह से हो रहे कटान के कारण लोगों में दहशत का माहौल है. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. साथ ही बाढ़ प्रभावितों की सहायता में जिला प्रशासन जुटा हुआ है. जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने बाढ़ पर जानकारी देते हुए बताया कि घाघरा नदी में पानी काफी ज्यादा बढ़ गया है. पानी में धार काफी तेज है, जिससे कटान भी हो रहा है.

राशन का किया जा रहा वितरण

उन्होंने बताया कि घाघरा नदी में एक बार फिर से पानी काफी ज्यादा छोड़ा गया है. इसलिए अलर्ट जारी कर दिया गया है कि लोग सुरक्षित स्थानों पर आ जाएं. इसके अलावा प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राशन पैकेट का वितरण किया जा रहा है. गजियापुरा और चक्कीमुसाडोही गांव में 12 सौ पैकेट राशन का वितरण किया गया है. साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सभी प्रकार की तैयारियों को पूर्ण करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दे दिया गया है. इसके साथ ही सिंचाई विभाग के द्वारा बंधे पर परसिया से गजियापुर तक फ्लड लाइटिंग की सुविधा को शुरु कर दिया गया है. ताकि रात्रि में भी लोगों को बाढ़ के बारे में जानकारी मिलती रहे.

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगाई गई नावजिलाधिकारी ने आगे बताया कि पिछले समय में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 23 नाव लगाई गयी थी. जिसमें से दो बड़ी नाव थी. चक्कीमुसाडोही गांव बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिरा हुआ है. इसलिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 4 और बड़ी नाव को लगा दिया गया है. साथ ही सभी को निर्देश दिया गया है कि कोई भी छोटी नाव से सामान नही ले जायेगा. बड़ी  नाव से ही सामान ले कर जाएं. छोटी नाव में पांच से छह लोग ही कहीं आ जा सकते हैं. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पीएससी के जवान स्टीमर और मोटर वोट के साथ कैम्प कर लिया है. इसके अलावा विन्टोलिया के तरफ भी बड़ी और छोटी नावों को लगाई गयी है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के मददेनजर सारे इन्तेजाम कर दिये गये है.



Source link

Authors

.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here